Atrocities against Hindus in Bangladesh have intensified under Tarique Rehman BNP govt shocking revelations in report यूनुस के जाने पर भी कुछ ना बदला, बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ गया अत्याचार; रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे, International Hindi News - Hindustan
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यूनुस के जाने पर भी कुछ ना बदला, बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ गया अत्याचार; रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

पीएम बनते ही तारिक रहमान ने बड़ा वादा किया था। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार देश को सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित बनाएगी, चाहे वे किसी भी पार्टी, धर्म या जातीयता के हों। अब रिपोर्ट में अलग ही हकीकत सामने आई है।

Mon, 18 May 2026 12:36 PMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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यूनुस के जाने पर भी कुछ ना बदला, बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ गया अत्याचार; रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से ही हिंदुओं पर अत्याचार शुरू हो गया था। मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों को रोकने में पूरी तरह नाकाम हुई थी, जहां भीड़-तंत्र खुलेआम हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहा था। इसके बाद इस साल फरवरी में तारिक रहमान की BNP ने सरकार बनाई तो हिंदुओं को सुरक्षा मुहैया कराने का पूरा वादा किया। तारिक रहमान ने खुद यह वादा किया कि देश में सभी धर्मों के लोग सुरक्षित रहेंगे। हालांकि अब एक रिपोर्ट में अलग ही सच्चाई सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में अब भी हिंदुओं पर खूब अत्याचार हो रहा है।

बांग्लादेशी अल्पसंख्यक अधिकार संगठन 'सनातनी फाउंडेशन' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पड़ोसी देश में नई सरकार के आने के बाद भी हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न जारी है। रिपोर्ट में हर महीने के आंकड़े सिलसिलेवार ढंग से बताए गए हैं। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि तारिक रहमान के शपथ लेने से लेकर 30 अप्रैल तक अल्पसंख्यकों के खिलाफ कुल 111 घटनाएं दर्ज किए जा चुके हैं।

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हिंदुओं के खिलाफ कौन-कौन से अपराध?

रिपोर्ट से यह बात खुलकर सामने आई है कि तारिक रहमान भी ऐसे हमलों को रुकवाने में नाकामयाब रहे हैं। हिंदुओं के खिलाफ दर्ज किए गए 111 मामलों में सबसे ज्यादा हिस्सा हत्या का रहा। इस दौरान 24 अल्पसंख्यकों की हत्या कर दी गई। इसके बाद लूट और चोरी के 19 फीसदी मामले रहे। वहीं 16 मामलों में जमीन कब्जाने की घटनाएं भी सामने आईं। फायरिंग और 3 धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने के मामले भी दर्ज किए गए। 2 रेप केसेस भी सामने आए हैं। बीते दिनों यहां एक दिव्यांग महिला को कीर्तन कार्यक्रम से पर अगवा कर उसका गैंगरेप किया गया।

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रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हिंदू समुदाय के खिलाफ टारगेटेड हिंसा और उत्पीड़न में बढ़ोतरी हुई है और यह एक पैटर्न बन रहा है। पूजा स्थलों और धार्मिक प्रतीकों को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कुछ मामलों में यह भी देखा गया कि स्थानीय विवादों को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देकर हिंसा की जा रही है। वहीं ग्रामीण इलाकों में हिंदू परिवारों को डरा-धमका कर उनकी कीमती संपत्तियों और खेती की जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। यह भी सामने आया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों को लगातार धमकियां देकर उन्हें घर छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है।

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भारत ने जताई थी चिंता

बता दें कि भारत बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों को लेकर सख्त है। पूर्व में भारत ने इसे लेकर चिंता भी जाहिर की थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश की सरकार को हिंदुओं को सुरक्षित रखने और ऐसे हमलों पर तुरंत संज्ञान लेने की जरूरत है। तब यूनुस सरकार ने इसे छिटपुट घटनाएं बता कर खारिज कर दिया था। हालांकि भारत ने दोहराया था कि टारगेटेड किलिंग्स को छिटपुट घटनाओं का नाम नहीं दिया जा सकता।

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