Doping test mandatory for government jobs in Himachal Pradesh CM Sukhu instructions to departments परीक्षा पास करना ही काफी नहीं! यहां सरकारी नौकरी के लिए डोप टेस्ट भी अनिवार्य, Shimla Hindi News - Hindustan
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परीक्षा पास करना ही काफी नहीं! यहां सरकारी नौकरी के लिए डोप टेस्ट भी अनिवार्य

श्री सुक्खू ने चित्ता तस्करी में शामिल पाए गए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ विभागवार कार्रवाई का विवरण मांगा और सभी विभागों को सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले अनिवार्य डोपिंग जांच लागू करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का निर्देश दिया।

Sat, 30 May 2026 03:56 PMMohit वार्ता, शिमला
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परीक्षा पास करना ही काफी नहीं! यहां सरकारी नौकरी के लिए डोप टेस्ट भी अनिवार्य

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने और सरकारी कर्मचारियों को नशामुक्त रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी विभागों को सरकारी सेवा में शामिल होने से पहले व्यक्तियों के लिए डोपिंग टेस्ट अनिवार्य करने का निर्देश दिया है।

शुक्रवार देर शाम यहां प्रशासनिक सचिवों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने चिट्टा (हेरोइन) के खिलाफ एक जन आंदोलन शुरू किया है और ड्रग माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं को नशीले पदार्थों के खतरे से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

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सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले

श्री सुक्खू ने चित्ता तस्करी में शामिल पाए गए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ विभागवार कार्रवाई का विवरण मांगा और सभी विभागों को सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले अनिवार्य डोपिंग जांच लागू करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का निर्देश दिया।

लंबित ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट अमाउंट का जल्द भुगतान

उन्होंने कर्मचारी कल्याण से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की और विभागों को राज्य सरकार द्वारा घोषित बजट के अनुसार चतुर्थ श्रेणी पेंशनभोगियों की लंबित ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट अमाउंट का जल्द भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी चाहने वाले आवेदकों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया ताकि सरकार ऐसे लंबित मामलों पर उचित निर्णय ले सके।

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इन पदों को जल्द से जल्द भरने पर जोर

विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा करते हुए श्री सुक्खू ने रिक्त पदों के बारे में जानकारी मांगी और प्रशासनिक दक्षता में सुधार के लिए इन पदों को जल्द से जल्द भरने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के 500 पदों को भरने का निर्णय पहले ही ले लिया है।

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वन क्षेत्रों पर पड़े प्रभाव की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने हाल ही में आए तूफानों के वन क्षेत्रों पर पड़े प्रभाव की भी समीक्षा की और अधिकारियों को प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण वन भूमि पर उखड़े या गिरे पेड़ों के बारे में जानकारी संकलित करने का निर्देश दिया। उन्होंने घोषणा की कि ऐसे पेड़ों को समयबद्ध तरीके से हटाने के लिए एक जून से एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।

श्री सुक्खु ने कहा कि गिरे हुए पेड़ों को हटाने में देरी से राज्य के संसाधनों का नुकसान होता है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर पेड़ों को शीघ्र हटाने और समय पर निपटान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया किसरकारी निर्णयों के प्रभावी कार्यान्वयन और जनता की समस्याओं के समय पर समाधान के लिए सभी विभागों को समन्वय से काम करना चाहिए।

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