सरकारी बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे निजी परिसर में किराए पर चल रहे गवर्नमेंट ऑफिस, CM सुक्खू का एलान
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि राज्य में काफी संख्या में ऐसी बिल्डिंग खाली पड़ी हैं जो कि सरकार के अधीन हैं। जिलों के उपायुक्त निजी परिसरों में चल रहे सरकारी दफ्तरों की शिफ्टिंग में मदद करेंगे।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को एलान किया कि निजी परिसर में किराए पर चल रहे सरकारी दफ्तर राज्य सरकार के खाली पड़ी बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे। बीजेपी विधायक प्रकाश राणा के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में काफी संख्या में ऐसी बिल्डिंग खाली पड़ी हैं जो कि सरकार के अधीन हैं। सीएम ने कहा कि वे सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) को ऐसे सभी खाली सरकारी भवनों पर नियंत्रण करने के निर्देश जारी करेंगे।
सुक्खू ने कहा कि इसी तरह संबंधित जिलों के उपायुक्त निजी परिसरों में चल रहे सरकारी दफ्तरों की शिफ्टिंग में मदद करेंगे। वहीं प्रश्न के जवाब में उन्होंने ये भी बताया कि जोगिंदर नगर विधानसभा में 37 सरकारी दफ्तर जो कि 12 अलग-अलग विभागों से जुड़े हैं निजी परिसर से चलाए जा रहे हैं।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में नामित
उन्होंने विधानसभा को यह भी जानकारी दी कि ग्राम पंचायत के चौकीदार, जो 31 मार्च, 2026 तक 12 वर्ष की सेवा पूरी कर लेंगे, उन्हें दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में नामित किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि राज्य में ऐसे 474 चौकीदार हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के चौकीदार जिला परिषद के अंतर्गत आते हैं और सीधे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। उन्हें रेगुलर करने संबंधी मामले को कैबिनेट के समक्ष विचार के लिए रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की वर्तमान में पंचायती राज संस्थाओं के चतुर्थ श्रेणी के पार्ट टाइम और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने की कोई योजना नहीं है और न ही उनकी रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का इरादा है।
इन कर्मचारियों को 15 अप्रैल से पहले प्रमोशन
वहीं बीजेपी विधायक सतपाल सिंह सत्ती के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल शक्ति विभाग में दिव्यांगजनों की श्रेणी में आने वाले कर्मचारियों को 15 अप्रैल से पहले प्रमोशन दिया जाएगा। जल शक्ति विभाग का प्रभार संभालने वाले उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमोशन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, प्रमोशन के लिए आवंटित चार प्रतिशत आरक्षण कोटा के तहत दिया जाएगा।
समिति का गठन किया गया
इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। समिति ने 25 अलग-अलग कैटेगिरी की पहचान की है और प्रमोश में उन्हें आरक्षण देने की सिफारिश की है। इसके अतिरिक्त, समिति ने 10 अन्य अलग-अलग कैटेगिरी को आरक्षण से जुड़ी छूट देने की भी सिफारिश की है।
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