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Himachal Budget 2026 : हिमाचल बजट का आकार घटा, किसानों-पशु पालकों की मौज; पढ़ें सभी बड़े ऐलान

Himachal Budget 2026 : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2026–27 का बजट पेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बतौर वित्त मंत्री अपने कार्यकाल का लगातार चौथा बजट पेश कर रहे हैं।

Sat, 21 March 2026 12:35 PMPraveen Sharma लाइव हिन्दुस्तान, शिमला
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Himachal Budget 2026 : हिमाचल बजट का आकार घटा, किसानों-पशु पालकों की मौज; पढ़ें सभी बड़े ऐलान

Himachal Budget 2026 : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज बतौर वित्त मंत्री हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2026–27 का बजट पेश कर रहे हैं। सुक्खू अपने कार्यकाल का लगातार चौथा बजट पेश कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि इस बार राज्य का बजट आकार घटाकर 54,928 करोड़ रुपये रखा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में बजट का आकार लगभग 58 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा था, लेकिन केंद्र से मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) में कमी की वजह से इस बार बजट का आकार कम करना पड़ा है।

मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच हिमाचल प्रदेश को आरडीजी के रूप में लगभग 48 हजार करोड़ रुपये मिले, लेकिन वित्त आयोग के नए मानकों के कारण प्रदेश को हर वर्ष करीब 8,105 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि यह अनुदान आगामी वर्षों में कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष किया जाना चाहिए था। पढ़ें बजट भाजष से जुड़े पल-पल के लाइव अपडेट

Himachal Budget 2026 Highlights

  • - सीएम सुक्खू ने 25 करोड़ रुपये की लागत से नादौन में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क बनाने का भी ऐलान किया।
  • - मुख्यमंत्री ने बजट में मछुआरा सहायता योजना के तहत जलाशयों की मछली का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 100 रुपया करने के ऐलान किया। इस घोषणा से 6 हजार जलाशयों के मछुआरों को लाभ मिलेगा। 3500 एक मुश्त सम्मान निधि का भी लाभ दिया जाएगा।
  • - उन्होंने कहा कि वर्ष 2025–26 में प्रदेश की विकास दर 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि राज्य की अर्थव्यवस्था में 9.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सकल राज्य घरेलू उत्पाद लगभग 2.83 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश की विकास यात्रा जारी रहेगी और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार काम करती रहेगी।
  • - मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में सेब उत्पादकों के मुद्दा का जकर कहा कि सेब पर आयात शुल्क कम किए जाने से प्रदेश के बागवान प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
  • - बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछली सरकार के समय बिना पर्याप्त योजना के कई भवन बनाए गए, जो अब खाली पड़े हैं। सरकार ने इन भवनों को विभिन्न विभागों को उपयोग के लिए देना शुरू कर दिया है और इन्हें सामुदायिक कार्यों में इस्तेमाल करने की भी योजना है।
  • - मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले तीन वर्षों में नीतियों में बदलाव कर खर्च कम करने और आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी 10 चुनावी गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर रही है और प्रदेश की विकास गति को आर्थिक चुनौतियों के बावजूद धीमा नहीं होने दिया जाएगा।
  • - मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू की, जो कर्मचारियों के हित में लिया गया फैसला था। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गोबर खाद योजना शुरू की गई और मक्की व हल्दी को समर्थन मूल्य देने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है।
  • - मुख्यमंत्री ने पहली बार अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलो की दर से प्रदान करने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में एक और गारंटी पूरी करने का दावा करते हुए राज्य किसान आयोग के गठन का भी ऐलान किया। ये आयोग किसानों की समस्याओं को सुनेगी औऱ कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने का कार्य करेंगी।
  • - मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में किसानों के लिए कई ऐलान किए। मुख्यमंत्री ने गेहूं के एमएसपी को 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, मक्की का एमएसपी 40 से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो, पांगी के जौ का एमएसपी 60 से 80 रुपये प्रति किलो, हल्दी के एमएसपी को 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिक्रयाओं किलो करने की घोषणा की।
  • - मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था व किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए गाय और भैंस के दूध के क्रय मूल्य में 10–10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की। इसके तहत अब गाय के दूध का क्रय मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का क्रय मूल्य 61 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिले और बिचौलियों की भूमिका कम हो।
  • - मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लंबे समय से लंबित पड़े करीब 300 अधूरे विकास कार्यों की सूची तैयार की है। ये परियोजनाएं जनहित से जुड़ी हैं और इनके पूरा होने से विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी। इन अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए इस बजट में 500 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।

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बजट भाषण शुरू होते ही हंगामा

बजट पेश करते समय उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब सीएम सुक्खू द्वारा आरडीजी के मुद्दे पर विपक्ष पर की गई टिप्पणी के बाद भाजपा विधायक भड़क गए। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए, जिसके चलते सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया और स्पीकर को मुख्यमंत्री का बजट भाषण कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। बजट भाषण शुरू होने के करीब 10 मिनट के भीतर ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सदस्य मुख्यमंत्री द्वारा एक शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए लगातार नारेबाजी करते रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्पीकर ने कई बार विपक्षी विधायकों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने का आग्रह किया, लेकिन शोर-शराबा जारी रहने के कारण मुख्यमंत्री को अपना बजट भाषण बीच में ही रोककर सीट पर बैठना पड़ा।

सीएम की किस बात पर हुआ हंगामा

इससे पहले सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट भाषण की शुरुआत में कहा कि वित्त वर्ष 2026–27 का बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है, जब वर्ष 1952 से हिमाचल प्रदेश को मिल रही आरडीजी को 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय संविधान की भावना के विपरीत है और इससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर गहरा असर पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष से कई बार आग्रह किया था कि वह प्रदेश के हित में केंद्र सरकार के समक्ष आरडीजी बहाल करने के लिए सहयोग करें, लेकिन विपक्ष ने इस कठिन समय में प्रदेश का साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन होने के कारण यहां बुनियादी ढांचा विकसित करने में मैदानी राज्यों की तुलना में दो से तीन गुना अधिक खर्च आता है और ऐसे में आरडीजी बंद होना प्रदेश के लिए बड़ा झटका है।

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सीएम ने दिए पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने के संकेत

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया इस समय तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात के मुहाने पर खड़ी दिखाई दे रही है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, समुद्री व्यापार महंगा और धीमा हो गया है तथा इसका असर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आम लोगों के लिए जीवन यापन और कठिन हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रदेश की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसमें आम लोगों की प्राथमिकताओं को शामिल करने का प्रयास किया गया है। हालांकि बजट भाषण के शुरुआती चरण में ही विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय तक प्रभावित रही। स्पीकर ने कहा कि जिस शब्द से विपक्ष को आपत्ति है, उसे सदन की कार्रवाई से हटा दिया गया है। फिलहाल सदन में हंगामे की स्थिति बनी हुई है।

रिपोर्ट : यूके शर्मा

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