Himachal announces several measures to promote dairy, increases milk procurement prices हिमाचल सरकार ने दूध खरीद की कीमतें बढ़ाईं, A2 दूध पर मिलेगा 100 रुपये; गाय-भैंस का क्या रेट?, Himachal-pradesh Hindi News - Hindustan
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हिमाचल सरकार ने दूध खरीद की कीमतें बढ़ाईं, A2 दूध पर मिलेगा 100 रुपये; गाय-भैंस का क्या रेट?

हिमाचल प्रदेश सरकार ने डेयरी गतिविधियों को मजबूत करने के कई उपाय अपनाने की घोषणा करते हुए दूध खरीद की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। सरकार ने ए2 दूध के उत्पादन के लिए विशेष प्रोत्साहन देने की घोषणा भी की है।

Sat, 21 March 2026 02:40 PMRatan Gupta वार्ता, शिमला
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हिमाचल सरकार ने दूध खरीद की कीमतें बढ़ाईं, A2 दूध पर मिलेगा 100 रुपये; गाय-भैंस का क्या रेट?

हिमाचल प्रदेश सरकार ने डेयरी गतिविधियों को मजबूत करने के कई उपाय अपनाने की घोषणा करते हुए दूध खरीद की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। सरकार ने ए2 दूध के उत्पादन के लिए विशेष प्रोत्साहन देने की घोषणा भी की है। राज्य सरकार ने किसानों को फायदा पहुँचाने के उद्देश्य से लिए गए एक अहम फैसले में, गाय के दूध की खरीद कीमत 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 51 रुपये से 61 रुपये प्रति लीटर कर दी है। इसी तरह, भैंस के दूध की कीमतें भी 9 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 61 रुपये से 70 रुपये प्रति लीटर कर दी गई हैं। इस कदम का मकसद किसानों को बेहतर मुनाफ़ा दिलाना और बिचौलियों के शोषण को कम करना है।

5 साल में दूध का उत्पादन कितना बढ़ा?

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, ने शनिवार को राज्य विधानसभा में कहा कि राज्य में लगभग दो लाख लोग डेयरी से जुड़े हैं और पिछले पाँच सालों में दूध का उत्पादन लगभग 4 करोड़ लीटर से बढ़कर लगभग 50 करोड़ लीटर हो गया है। यह इस सेक्टर में बढ़ती भागीदारी और बेहतर बुनियादी ढांचे को दिखाता है।

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A2 दूध 100 रुपये प्रति किलो खरीदेगी सरकार

सरकार ने यह भी घोषणा की कि वह उच्च गुणवत्ता वाले और देसी नस्ल पर आधारित डेयरी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए, राज्य दुग्ध संघ के जरिए ए2 दूध 100 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से किसानों को प्रीमियम दूध की किस्मों की ओर मुड़ने और अपनी आमदनी बढ़ाने का प्रोत्साहन मिलेगा।

65 प्रतिशत की पूंजीगत सब्सिडी भी मिलेगी

खरीद व्यवस्था को और मज़बूत करने के उद्देश्य से दूध इकट्ठा करने के लिए डेयरी समितियों को वाहन उपलब्ध कराए जाएँगे। साथ ही, डेयरी के बुनियादी ढांचे और निजी भागीदारी को समर्थन देने के लिए विभागीय योजनाओं के तहत 65 प्रतिशत की पूंजीगत सब्सिडी भी दी जाएगी।

इसके अलावा, दूध पर मिलने वाले 'डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र' प्रोत्साहन को 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वित्तीय सहायता बिना किसी गड़बड़ी के सीधे किसानों तक पहुँचे।

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किसानों के खातों में भेजे जाएंगे पैसे

सरकार ने जोर देकर कहा कि सभी भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जाएँगे, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाएगी। राज्य सरकार डेयरी से जुड़ी पहलकदमियों के साथ-साथ, पशुपालक समुदायों पर भी विशेष ध्यान दे रही है। चरवाहों को नई कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा, और 'गद्दी' नस्ल के कुत्तों, बकरियों और भेड़ों के पालन को बढ़ावा देकर उनके पारंपरिक रोज़गार को सहारा देने के प्रयास किए जाएँगे। इसके अलावा, घुमंतू चरवाहों की मदद के लिए जल स्रोतों की 'जियो-टैगिंग' करने की योजना भी बनाई गई है।

ऊन के लिए 100 रुपये Kg की समर्थन मूल्य

ऊन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने 2 करोड़ रुपये के 'बाजार स्थिरीकरण कोष' का प्रस्ताव रखा है और ऊन के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम की 'समर्थन मूल्य' की घोषणा की है। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र को पुनर्जीवित करना और उत्पादकों को उचित मूल्य सुनिश्चित करना है।

इन सभी पहलों का सामूहिक उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करना, किसानों की आय बढ़ाना और राज्य में डेयरी तथा इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों का आधुनिकीकरण करना है। पशुपालन और डेयरी सेवाओं पर कुल 427 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।

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