Every paisa will be returned Haryana CM Nayab Singh Saini vows action in Rs 590 crore IDFC fraud एक-एक पैसा आएगा वापस, किसी को छोड़ेंगे नहीं; 590 CR के IDFC फ्रॉड में हरियाणा CM का वादा, Haryana Hindi News - Hindustan
More

एक-एक पैसा आएगा वापस, किसी को छोड़ेंगे नहीं; 590 CR के IDFC फ्रॉड में हरियाणा CM का वादा

इस मुद्दे की गूंज 23 फरवरी को हरियाणा विधानसभा में भी सुनाई दी, जहां विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सरकार से जवाब मांगा और पूछा कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। इस पर सीएम ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।

Mon, 23 Feb 2026 09:21 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, चंडीगढ़
share
एक-एक पैसा आएगा वापस, किसी को छोड़ेंगे नहीं; 590 CR के IDFC फ्रॉड में हरियाणा CM का वादा

हरियाणा में करीब 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। IDFC First Bank की चंडीगढ़ शाखा में हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में अनियमितताओं के खुलासे के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ कहा है कि “हर पैसा वापस लाया जाएगा” और इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह मामला तब सामने आया जब एक सरकारी विभाग ने अपने खाते को बंद कर दूसरे बैंक में धन स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान खाते में दर्ज राशि और वास्तविक बैलेंस के बीच अंतर पाया गया।

बैंक की जांच में बाद में इसी शाखा से जुड़े अन्य सरकारी खातों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आईं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह घोटाला करीब 590 करोड़ रुपये का हो सकता है, हालांकि अंतिम राशि का निर्धारण अभी चल रही जांच और मिलान प्रक्रिया के बाद ही होगा। बैंक ने अपनी नियामकीय फाइलिंग में बताया कि प्रथम दृष्टया कुछ कर्मचारियों द्वारा अनधिकृत और धोखाधड़ी वाली गतिविधियां की गईं, जिनमें अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की संलिप्तता भी हो सकती है। हालांकि बैंक ने यह स्पष्ट किया है कि यह मामला केवल हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खास खातों तक सीमित है और अन्य ग्राहकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पंजाब BJP में जुड़ने को तैयार नहीं युवा, हरियाणा से ले जाकर जॉइनिंग कराया: AAP

हरियाणा विधानसभा में भी गूंज

इस मुद्दे की गूंज 23 फरवरी को हरियाणा विधानसभा में भी सुनाई दी, जहां विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सरकार से जवाब मांगा और पूछा कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। जवाब में मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि राज्य की एंटी-करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस विभाग को जांच सौंपी गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा, "चाहे वह बैंक का कर्मचारी हो या सरकारी अधिकारी, दोषी पाए जाने पर किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।"

मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा

उन्होंने यह भी बताया कि गड़बड़ी सामने आते ही सरकार ने तुरंत धन को दूसरे बैंक में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। सैनी ने दोहराया कि उनकी सरकार पारदर्शिता के सिद्धांत पर काम करती है और इस मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा। इस बड़े वित्तीय घोटाले ने राज्य की वित्तीय निगरानी व्यवस्था और बैंकिंग प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं सरकार ने सख्त कार्रवाई का भरोसा देकर स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के 590 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले पर RBI ने क्या कहा
ये भी पढ़ें:नमो भारत राजस्थान और हरियाणा तक बढ़ाएगी स्पीड, सफर के अलावा आपके काम की 5 चीजें

RBI भी बनाए हुए है नजर

दूसरी तरफ, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने सोमवार को कहा कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले से जुड़े घटनाक्रम पर केंद्रीय बैंक नजर बनाए हुए है और इसमें कोई प्रणालीगत समस्या नहीं है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने रविवार को खुलासा किया था कि उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा हरियाणा सरकार के खातों में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। मल्होत्रा ने केंद्रीय बजट के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल को दिए गए पारंपरिक संबोधन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से कहा, '' हम घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं, इसमें कोई प्रणालीगत समस्या नहीं है।''

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर 20% लुढ़का

इससे पहले, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वी. वैद्यनाथन ने सोमवार को कहा कि बैंक के कर्मचारियों और बाहरी पक्षों की मिलीभगत के जरिये हरियाणा सरकार के खातों से जुड़ी 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। यह मुद्दा एक इकाई और एक ग्राहक समूह तक सीमित था। यह किसी प्रणालीगत 'रिपोर्टिंग' त्रुटि का मामला नहीं है। इस खुलासे के बाद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर सोमवार को 20 प्रतिशत तक गिरकर 66.85 रुपये पर आ गया।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।