RBI Governor Sanjay Malhotra reacts to IDFC First Bank 590 crore rupees fraud आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के 590 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले पर RBI ने क्या कहा, Business Hindi News - Hindustan
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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के 590 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले पर RBI ने क्या कहा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने सोमवार को कहा कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले से जुड़े घटनाक्रम पर केंद्रीय बैंक नजर बनाए हुए है और इसमें कोई प्रणालीगत समस्या नहीं है।

Mon, 23 Feb 2026 08:28 PMVarsha Pathak भाषा
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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के 590 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले पर RBI ने क्या कहा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने सोमवार को कहा कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले से जुड़े घटनाक्रम पर केंद्रीय बैंक नजर बनाए हुए है और इसमें कोई प्रणालीगत समस्या नहीं है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने रविवार को खुलासा किया था कि उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा हरियाणा सरकार के खातों में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।

क्या है डिटेल

मल्होत्रा ने केंद्रीय बजट के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल को दिए गए पारंपरिक संबोधन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से कहा, '' हम घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं, इसमें कोई प्रणालीगत समस्या नहीं है।''

इससे पहले, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वी. वैद्यनाथन ने सोमवार को कहा कि बैंक के कर्मचारियों और बाहरी पक्षों की मिलीभगत के जरिए हरियाणा सरकार के खातों से जुड़ी 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। यह मुद्दा एक इकाई और एक ग्राहक समूह तक सीमित था। यह किसी प्रणालीगत 'रिपोर्टिंग' त्रुटि का मामला नहीं है।

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बैंक के शेयर

इस खुलासे के बाद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर सोमवार को 20 प्रतिशत तक गिरकर 66.85 रुपये पर आ गया। इस कदम के बाद हरियाणा सरकार ने कथित धोखाधड़ी के कारण एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को सरकारी कार्य से हटा दिया, जिससे एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर भी 7.62 प्रतिशत गिरकर 950.50 रुपये तक आ गया।

बैंक ने क्या कहा

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वी. वैद्यनाथन ने सोमवार को कहा कि बैंक के कर्मचारियों और बाहरी पक्षों की मिलीभगत के जरिये हरियाणा सरकार के खातों से जुड़ी 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने रविवार को खुलासा किया था कि उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा हरियाणा सरकार के खातों में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। उन्होंने कहा कि हालांकि, इससे मुनाफे पर बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं है। उच्च शुद्ध ब्याज मुनाफा और ऋण लागत में सुधार से मदद मिलेगी। अधिकारी ने कहा, '' स्वतंत्र आधार पर हम लाभप्रदता के लिहाज से चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे थे।'' हरियाणा सरकार ने कथित धोखाधड़ी के आरोपों के मद्देनजर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ-साथ आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को भी सरकारी कार्यों के लिए अपनी समिति से बाहर (डी-एम्पैनल्ड) कर दिया है।

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