west bengal dankuni to surat new dedicated freight corridor proposed in budget 2026 बजट में गुजरात को बड़ा गिफ्ट; बंगाल तक सामानों की ढुलाई होगी आसान, क्या ऐलान?, Gujarat Hindi News - Hindustan
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बजट में गुजरात को बड़ा गिफ्ट; बंगाल तक सामानों की ढुलाई होगी आसान, क्या ऐलान?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में सूरत से डंकुनी तक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की है। यह परियोजना गुजरात और बंगाल कैसे फायदा पहुंचाएगी? जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

Sun, 1 Feb 2026 06:54 PMKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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बजट में गुजरात को बड़ा गिफ्ट; बंगाल तक सामानों की ढुलाई होगी आसान, क्या ऐलान?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 के केंद्रीय बजट में गुजरात को एक बड़ी सौगात दी। सीतारमण ने कहा कि पर्यावरण अनुकूल मालवहन को बढ़ावा देने के लिए वह पूर्वी क्षेत्र में डंकुनी को पश्चिमी हिस्से के सूरत से जोड़ने वाला एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रख रही हैं। यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजरात को बंगाल से जोड़ेगा।

जुड़ेंगे दो छोर

इस परियोजना का मकसद पूर्वी और पश्चिमी भारत में कार्गो की पर्यावरण अनुकूल आवाजाही को मजबूत करना है। यह परियोजना सरकार के 'भविष्य के लिए तैयार भारत' के विजन को साकार करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी 83 मिनट की बजट स्पीच में कहा कि पर्यावरण के हिसाब से सस्टेनेबल कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए मैं पूर्व में डानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव रखती हूं।

सामानों की ढुलाई होगी आसान

आने वाले वक्त में यह कॉरिडोर के एक बड़े फ्रेट लिंक के तौर पर सामने आएगा। इस परियोजना के तहत पूर्व के प्रमुख इंडस्ट्रियल हब और पश्चिम के बंदरगाहों और मैन्युफैक्चरिंग सेंटर्स मालगाड़ी नेटवर्क से जुड़ेंगे। इस परियोजना से पूर्व के प्रमुख इंडस्ट्रियल हब और पश्चिम के बंदरगाहों और मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों के बीच सामानों का तेजी से पर्यावरण अनुकूल परिवहन हो सकेगा।

रेल लॉजिस्टिक्स पर फोकस

मौजूदा ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (लुधियाना से डानकुनी तक) और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (दादरी से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक) के शानदार नतीजे सामने आए हैं। इन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की मदद से फ्रेट ऑपरेशंस को पैसेंजर ट्रैफिक से अलग करके साथ ही परिवहन के समय को कम करके रेल लॉजिस्टिक्स को मजबूत किया गया है। इससे माल ढुलाई की क्षमता में बेजोड़ बढ़ोतरी हुई है।

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टेक्सटाइल कारोबार को मिलेगी मजबूती

प्रस्तावित डानकुनी-सूरत कॉरिडोर इस नेटवर्क को और मजबूती प्रदान करेगा। यह पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे कई राज्यों तक विस्तार ले सकता है। पूर्व के खनिज समृद्ध क्षेत्रों के गुजरात से जुड़ने के बाद देश की अर्थव्यवस्था में और मजबूती आएगी। सूरत के टेक्सटाइल कारोबार को भी बड़ी मदद मिलेगी। यह कॉरिडोर देश के पूर्वी क्षेत्र के विकास और गति प्रदान करेगा।

(पीटीआई के इनपुट के साथ)

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