केंद्र से मिली गुजरात को सौगात, 4,583 करोड़ की लागत से 4 लेन का होगा NH-56; इन जिलों को होगा फायदा
सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे इलाके में वाहनों की औसत स्पीड 70 किमी प्रति घंटा हो जाएगी और यात्रा का समय भी करीब 40 प्रतिशत कम हो जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने गुजरात में सड़क परिवहन को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एक महत्वपूर्ण परियोजना को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने NH-56 के धमासिया–बिटाडा/मोवी (47.46 km) और नासरपोर–मलोथा (60.21 km) सेक्शन को 4-लेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 107.67 किलोमीटर है और इस काम को लगभग 4583.64 करोड़ रुपए की लागत से नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि यह प्रोजेक्ट ना केवल इलाके में यातायात सुगम करेगा, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास का इंजन भी बनेगा।
गुजरात के इन जिलों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
सरकार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद एक तरफ जहां गुजरात के आदिवासी बहुल जिलों दाहोद, छोटा उदयपुर, तापी, भरूच और नर्मदा में पहुंचना आसान होगा, वहीं यह प्रोजेक्ट 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' (केवडिया) के लिए भी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, जो NH-56 से मात्र 11 किमी की दूरी पर है। यह प्रोजक्ट NH-56 का हिस्सा है, जो कि राजस्थान के निम्बाहेड़ा से शुरू होकर गुजरात के दाहोद जिले और मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले से होकर गुजरता है, फिर छोटा उदयपुर जिले के पास वापस गुजरात में आता है और वापी के पास NH-48 के साथ अपने जंक्शन पर खत्म होता है।
100 kmph की स्पीड के लिए किया गया डिजाइन
सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां से वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से गुजर सकें, जिससे इलाके में वाहनों की औसत स्पीड 70 किमी प्रति घंटा हो जाएगी और यात्रा में लगने वाला समय भी करीब 40 प्रतिशत कम हो जाएगा। 107 किलोमीटर के इस खंड से गुजरने में फिलहाल जहां 2.5 घंटे लगते हैं, वहीं 4 लेन होने के बाद यह समय घटकर 1.5 घंटे हो जाएगा।
इसके अलावा 107.67 km के इस प्रोजेक्ट से लगभग 19.38 लाख मानव-दिन प्रत्यक्ष रोजगार और 22.82 लाख मानव-दिन का अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। प्रस्तावित कॉरिडोर के आस-पास आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी के कारण इससे नौकरी के अन्य मौके भी उपजेंगे।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं
कुल लंबाई- 107.67 किमी (दो खंडों में विभाजित)
कुल लागत- 4583.64 करोड़ रुपए
अधिकतम गति- 100 किमी/घंटा (औसत गति 70 किमी/घंटा)
समय की बचत- यात्रा समय में 40% की कमी (2.5 घंटे की जगह 1.5 घंटे लगेंगे)
पर्यटन को बढ़ावा- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से मात्र 11 KM दूर
आदिवासी जिलों को फायदा- दाहोद, छोटा उदयपुर, तापी और भरूच और नर्मदा से होकर गुजरता है
भारी रोजगार सृजन- इस परियोजना से करीब 19.38 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार व 22.82 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार होगा
इस बारे में जानकारी देते हुए सरकार ने बताया कि सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के जरिए, NH-56 पर जंबुगम (बोडेली)-मलोथा सेक्शन तक के हिस्से को चार पैकेज के तहत चार-लेन में अपग्रेड करने का काम शुरू कर दिया है। इनमें से जंबुगम (बोडेली) से धमासिया और मोवी से नासरपोर तक के हिस्से पर नवंबर 2025 में काम शुरू हो चुका है और इसके अगले 2 साल में पूरा करने का लक्ष्य है। इस नए प्रोजेक्ट के पूरा होते ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (NE-4), NH-53 और NH-48 के बीच एक निर्बाध 4-लेन कनेक्टिविटी स्थापित हो जाएगी।
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