गुजरात में होने वाली जनगणना का टाइम टेबल, दो फेज में होगा काम; जानिए कब से होगी शुरू
जनगणना की तैयारियों के मद्देनजर राज्य सरकार ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की है जिसमें जनगणना एक्ट 1948 के सेक्शन 4 और जनगणना नियम 1990 के नियम 3 के अनुसार इस जरूरी काम को करने के लिए जनगणना अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।

गुजरात सरकार ने राज्य में होने वाली जनगणना को लेकर विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। सरकार ने शुक्रवार को बताया कि यह पूरी प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में HLO (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) यानी घरों की गिनती का काम होगा, जबकि दूसरे चरण में आबादी की गिनती यानी PE का कार्य होगा। राज्य सरकार ने बताया कि इस दौरान हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) का पहला फेज इस साल अप्रैल से सितंबर तक चलेगा, जबकि आबादी की गिनती (PE) का दूसरा फेज ठीक एक साल बाद फरवरी 2027 में होगा।
जनगणना की तैयारियों के मद्देनजर राज्य सरकार ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की है जिसमें जनगणना एक्ट 1948 के सेक्शन 4 और जनगणना नियम 1990 के नियम 3 के अनुसार इस जरूरी काम को करने के लिए जनगणना अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार जनगणना को ज्यादा सटीक और सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। 2 फरवरी के जारी राज्य नोटिफिकेशन के मुताबिक, HLO के लिए फील्ड वर्क 20 अप्रैल से 19 मई, 2026 तक किया जाएगा। फील्ड वर्क शुरू होने से पहले, 5 अप्रैल से 19 अप्रैल, 2026 तक 15 दिनों के लिए एक सेल्फ़-एन्यूमरेशन (SE) एक्सरसाइज की जाएगी।' यह डिजिटल सेल्फ-एन्यूमरेशन फेज घर-घर सर्वे से पहले होगा और इसका मकसद लोगों की भागीदारी को आसान बनाना और डेटा की सटीकता में सुधार करना है।
सेल्फ-एन्यूमरेशन पीरियड के दौरान, लोगों को अपनी जानकारी डिजिटली जमा करने का मौका मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से यह प्रोसेस और आसान और सबको साथ लेकर चलने वाली बनने की उम्मीद है। रिलीज में कहा गया कि, 'पहले चरण यानी HLO के दौरान, अधिकारी घरों की स्थिति, परिवार के पास उपलब्ध संपत्ति और उनके पास मौजूद बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, शौचालय आदि के बारे में डेटा एकत्र करेंगे।
फरवरी 2027 में होगी आबादी की गिनती
जनगणना का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण चरण, जिसे पॉपुलेशन एन्यूमरेशन (PE) कहा जाता है, फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इसी चरण में राज्य की कुल जनसंख्या के वास्तविक आंकड़े जुटाए जाएंगे।
गोपनीय रखी जाएगी सभी जानकारी
सरकार ने आश्वासन दिया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों और भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।
अधिकारियों व लोगों से हिस्सा लेने की अपील की
सरकार ने कहा कि जनगणना अधिकारियों से उम्मीद की जाती है कि वे अपनी ड्यूटी ईमानदारी और जिम्मेदारी से निभाएं ताकि यह काम आसानी से, सही तरीके से और तय समय में हो सके। सरकार ने जनगणना को देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक और स्टैटिस्टिकल काम बताया और लोगों से अधिकारियों को पूरा सहयोग देने और इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की अपील की।
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