गुजरात में सीएम पटेल ने किया 'शक्ति कॉरिडोर' का शिलान्यास, पहले चरण में 950 करोड़ से होंगे इतने काम
अंबाजी कॉरिडोर के पहले चरण में शामिल 950 करोड़ रुपए की परियोजनाओं से आने वाले दिनों में तीर्थयात्रियों को मल्टी-लेवल पार्किंग, 'दिव्य दर्शन चौक', एक एम्फीथिएटर और लाइट एंड साउंड शो सहित कई सुविधाएं मिलेंगी।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को बनासकांठा जिले के अंबाजी में 'शक्ति कॉरिडोर' के पहले चरण के लिए 950 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि इससे तीर्थयात्रियों को कई सुविधाएं मिलेंगी। पटेल ने कहा कि यहां होने वाले विकास कार्य राज्य की 1,632 करोड़ रुपए की उस योजना का हिस्सा है, जिसे अगले 25 सालों में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र के साथ देश के तीर्थ स्थलों के नवीनीकरण पर जोर दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने की गुजरात व देश की तरक्की की प्रार्थना
शहर में स्थित अरसुरी अंबाजी माता मंदिर देश की 51 'शक्तिपीठों' में से एक है और इस वजह से हर साल लाखों श्रद्धालु इस मंदिर में आते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। इस बारे में बताते हुए उन्होंने लिखा, 'जगत जननी माँ अंबाजी के निवास, शक्तिपीठ अंबाजी के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पर दर्शन, पूजा और आराधना करके मैं धन्य महसूस कर रहा हूँ। मैंने माँ जी के चरणों में गुजरात और देश की सर्वांगीण तरक्की और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।'
पहला फेज पूरा होने पर भक्तों को मिलेंगी ये सब सुविधाएं
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अंबाजी कॉरिडोर के पहले चरण में शामिल 950 करोड़ रुपए की परियोजनाओं से आने वाले दिनों में तीर्थयात्रियों को मल्टी-लेवल पार्किंग, 'दिव्य दर्शन चौक', एक एम्फीथिएटर और लाइट एंड साउंड शो सहित कई सुविधाएं मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि अंबाजी में हर साल 'शक्ति पीठ परिक्रमा महोत्सव' भी आयोजित किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि अंबाजी-तरंगा रेल परियोजना, जिसे हाल ही में हरी झंडी दी गई है, इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।
पटेल ने कहा कि पीएम के तीर्थ स्थलों के विकास को पर्यटन से जोड़ने के दृष्टिकोण का पालन करते हुए, अंबाजी के गब्बर में देश का सबसे बड़ा लाइट एंड साउंड शो शुरू किया गया है, और 'परिक्रमा पथ' और 'कल्चर विलेज' जैसी परियोजनाओं के माध्यम से आगंतुकों को नई सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और केदारनाथ जैसे पवित्र स्थानों को उनके विकास से एक नई पहचान मिली है। साथ ही कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और पावागढ़ (गुजरात के पंचमहल जिले में) में 500 साल बाद झंडा फहराने जैसी उपलब्धियां भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हासिल की गई हैं।
सीएम ने स्थापित किया श्री शक्ति त्रिशूल
इस कार्यक्रम से पहले सीएम ने त्रिशूलिया घाट पर श्री शक्ति त्रिशूल की स्थापना भी की। इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा, 'बनासकांठा ज़िले के दांता तालुका में मौजूद पवित्र तीर्थस्थल अंबाजी के रास्ते में त्रिशूलिया घाट पर शानदार श्री शक्ति त्रिशूल की सार्वजनिक स्थापना का समारोह पूरा हुआ। यह विशाल और दिव्य त्रिशूल लाखों भक्तों की अटूट आस्था और हमारी शानदार शक्ति परंपरा के फिर से ज़िंदा होने का प्रतीक बना रहेगा। यह शानदार त्रिशूल लगभग 16 फ़ीट लंबा और 600 किलोग्राम वज़न का है, जो अपनी भव्यता से भक्तों को दूर से ही शक्ति का दिव्य एहसास कराएगा। त्रिशूलिया घाट पर यह नया नज़ारा अंबाजी दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बनेगा।'
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