Rupees 500 Crore allocated for underground cabling and Wire-Free City Mission in Gujarat गुजरात के शहर होंगे तारों के जंजाल से मुक्त, गांवों को मिलेगी कचरे से मुक्ति; सरकार ने शुरू किए दो बड़े मिशन, Gujarat Hindi News - Hindustan
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गुजरात के शहर होंगे तारों के जंजाल से मुक्त, गांवों को मिलेगी कचरे से मुक्ति; सरकार ने शुरू किए दो बड़े मिशन

गुजरात सरकार ने राज्य के शहरी और ग्रामीण परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखने वाले दो प्रमुख निर्णय लिए। इनमें से एक के जरिए जहां शहरों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 'वायर-फ्री' बनाया जाएगा, वहीं दूसरे के जरिए गांवों को कचरा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

Thu, 26 Feb 2026 06:29 PMSourabh Jain एएनआई, गांधीनगर, गुजरात
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गुजरात के शहर होंगे तारों के जंजाल से मुक्त, गांवों को मिलेगी कचरे से मुक्ति; सरकार ने शुरू किए दो बड़े मिशन

गुजरात को आधुनिक, सुरक्षित और स्मार्ट राज्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने गुरुवार को दो बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस दौरान सरकार ने शहरों को बिजली के तारों के जंजाल से मुक्ति दिलाने के लिए 'गुजरात वायर फ्री सिटी मिशन' की शुरुआत की गई, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए 'मुख्यमंत्री निर्मल ग्राम योजना' के बजट में भी भारी बढ़ोतरी भी की। इन दोनों निर्णयों के बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया।

नगर निगम और नगर पालिकाएं होंगी वायर मुक्त

गुजरात CMO ने कहा कि राज्य को कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए तैयार करने हेतु प्रदेश सरकार ने एक बहुत जरूरी कदम उठाया है, जिसके तहत सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं को धीरे-धीरे वायर-फ्री शहरों में बदला जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से बिजली की रुकावटें कम होंगी और घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह मिशन खुले तारों से होने वाले बिजली हादसों को रोकने में भी बहुत मदद करेगा और गुजरात को एक अधिक व्यवस्थित और स्मार्ट शहरी राज्य के तौर पर आगे बढ़ाएगा।

जरूरी सेवाओं को होगी निर्बाध विद्युत आपूर्ति

इस बारे में जानकारी देते हुए गुजरात CMO ने बताया कि, यह फैसला राज्य के विकास और बिजली की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। क्योंकि नागरिकों को लगातार, सुरक्षित और हाई-क्वालिटी की बिजली आपूर्ति बनाए रखना बहुत जरूरी हो गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस पहल के जरिए राज्य के नागरिकों के साथ-साथ अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, जल आपूर्ति विभाग, बस स्टेशनों और पुलिस स्टेशनों जैसी अन्य जरूरी सेवाओं को लगातार व बिना रुकावट के विद्युत आपूर्ति करना सुनिश्चित की जाएगी।

‘निर्मल ग्राम योजना’ के लिए 650 करोड़ आवंटित

शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए गुजरात पंचायत विभाग ने 'मुख्यमंत्री निर्मल ग्राम योजना' के तहत 650 करोड़ रुपए भी आवंटित किए। यह योजना ग्रामीण इलाकों में सफाई और पब्लिक हेल्थ में क्वालिटी सुधार पर फोकस करती है। इस योजना के तहत ग्राम पंचायतें घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करेंगी और सार्वजनिक जगहों की सफाई के लिए एक एजेंसी रखेंगी।

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कचरे का होगा सुरक्षित निस्तारण

पंचायतें यह भी तय करेंगी कि इकट्ठा किया गया कचरा तय डंपिंग साइट पर ही फेंका जाए, और संबंधित तालुका एक एजेंसी के जरिए गांवों में जमा हुए ऐसे कचरे को इकट्ठा करके सबसे पास की नगर पालिका या नगर निगम की प्रोसेसिंग यूनिट (डंपिंग साइट) तक ले जाने की व्यवस्था करेगी। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में यह योजना 12 जिलों की 21 तालुकाओं के 667 गांवों में प्रभावी रूप से चल रही है।

यह स्कीम RUDA, GUDA, और VUDA जैसी शहरी अथॉरिटी में चल रही है। इसका मुख्य मकसद ग्रामीण इलाकों में सफाई का लेवल बढ़ाना और पब्लिक हेल्थ को बेहतर बनाना है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत एसेट्स और गाड़ियों की रिपेयर और मेंटेनेंस के लिए इंसेंटिव मिलते हैं।

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