गुजरात निकाय चुनाव में VRS लेकर चुनाव लड़ने वाले IPS का क्या हुआ? जानें हारे या जीते
Gujarat Nikay Chunav: दिलचस्प बात ये थी कि इन्होंने निकाय चुनाव से पहले अपनी नौकरी से VRS लिया था, ताकि चुनाव लड़ सकें। उन्होंने भाजपा में शामिल होकर अरावली के शामलाजी तालुका में ओध जिला पंचायत सीट से चुनाव लड़ा था।

Gujarat Nikay Chunav: गुजरात निकाय चुनाव में एक सीट पर सबकी नजर थी। ये सीट पूर्व IPS अफसर मनोज निनामा की थी। दिलचस्प बात ये थी कि इन्होंने निकाय चुनाव से पहले अपनी नौकरी से VRS लिया था, ताकि चुनाव लड़ सकें। उन्होंने भाजपा में शामिल होकर अरावली के शामलाजी तालुका में ओध जिला पंचायत सीट से चुनाव लड़ा था। लेकिन जनता ने उनके ऊपर भरोसा नहीं दिखाया और उन्हें हार का स्वाद चखना पड़ा। जानिए कौन थे मनोज निनामा और कब ज्वाइन की थी भाजपा?
रिटारमेंट के 3 महीने पहले लिया था VRS
मनोज निनामा ने हाल ही में अपने तय रिटायरमेंट से तीन महीने पहले वॉलंटरी रिटायरमेंट लिया था। वह अरावली जिले के शामलाजी में एक इवेंट में भाजपा में शामिल हुए थे। उन्हें राज्य मंत्री पी.सी. बरंडा की मौजूदगी में पार्टी में शामिल किया गया था, जिनके पास ट्राइबल डेवलपमेंट, फूड और सिविल सप्लाई, और कंज्यूमर अफेयर्स पोर्टफोलियो हैं।
स्टेट पुलिस अफसर थे, प्रमोट करके बने थे IPS
59 साल के अनुसूचित जनजाति समुदाय के मनोज निनामा, उत्तरी गुजरात के अरावली जिले के रहने वाले हैं। मूल रूप से स्टेट पुलिस सर्विस के ऑफिसर थे। बाद में उन्हें IPS में प्रमोट किया गया था। हाल ही में उन्होंने गांधीनगर में ट्रैफिक ब्रांच में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के तौर पर काम किया था और वह 30 जून को रिटायर होने वाले थे।
2027 के विधानसभा चुनाव का 'लिटमस टेस्ट'
गुजरात में रविवार को हुए स्थानीय निकाय की 9,200 सीटों के चुनावी दंगल के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। सभी मतगणना केंद्रों पर सुबह से ही कड़ी सुरक्षा में वोटों की गिनती जारी है। इस चुनाव को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों का 'लिटमस टेस्ट' माना जा रहा है। यहां इस बार 15 नगर निगम, 84 नगर पालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतों में मतदान हुआ। वहीं, नवसारी, गांधीधाम, मोरबी और वापी सहित 9 नए नगर निगमों के लिए पहली बार वोट डाले गए।
ओवैसी की AIMIM ने भी कई सीटों पर ताल ठोंकी
निकाय चुनाव में सत्ताधारी भाजपा, विपक्षी दल कांग्रेस और अपनी सियासी जमीन तलाश रही आम आदमी पार्टी (आप) के बीच कड़ा मुकाबला है। असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने भी कई सीटों पर ताल ठोंकी है। आज के नतीजों से यह साफ हो जाएगा कि क्या भाजपा 2021 की अपनी ऐतिहासिक जीत को दोहरा पाएगी या कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ग्रामीण और शहरी वोटरों में सेंध लगाने में कामयाब रही हैं।
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