गोधरा में मजहबी दीवारें ध्वस्त; 100% मुस्लिम आबादी वाले वार्ड में हिंदू महिला विजयी
गुजरात निकाय चुनावों में BJP ने 15 नगर निगमों सहित भारी जीत दर्ज की। खास गोधरा के मुस्लिम बहुल वार्ड से हिंदू महिला उम्मीदवार अपेक्षाबेन सोनी की जीत ने मिसाल पेश करते हुए सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठा उदाहरण पेश किया है।

गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा ने निर्णायक जीत हासिल कर ली। भाजपा ने 9,900 से अधिक सीटों में से 6,472 सीटें जीत ली है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से साझा किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस ने 1,412 सीटें हासिल की हैं। वहीं निर्दलीय, आम आदमी पार्टी (आप), एआईएमआईएम सहित अन्य दलों ने 597 सीटें जीती हैं। अधिकारियों ने बताया कि भाजपा ने 15 नगर निगमों में विजय हासिल कर चुकी है। खासकर गोधरा के चुनाव नतीजों ने सामाजिक सद्भाव की बेजोड़ मिसाल पेश की है।
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, गोधरा नगर पालिका के इतिहास में पहली बार हुआ है जब एक निर्दलीय महिला उम्मीदवार ने वार्ड नंबर 7 से शानदार जीत हासिल की है। सनद रहे यह एक ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां के 100 फीसदी वोटर मुस्लिम समुदाय से हैं। अपेक्षाबेन नैनेशभाई सोनी की जीत ने क्षेत्र की सियासी तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया। वार्ड 7 की रजिस्टर्ड मतदाता न होने के बावजूद अपेक्षाबेन नैनेशभाई सोनी स्थानीय लोगों का भरोसा जीतने में कामयाब रहीं। विश्लेषकों का कहना है कि अपेक्षाबेन नैनेशभाई सोनी की जीत मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन के कारण संभव हो पाई है।
योग्यता और स्थानीय भरोसे को सम्मान
इन मतदाताओं ने पारंपरिक धार्मिक और जाति-आधारित मतदान के तरीकों से ऊपर उठकर एक ऐसे उम्मीदवार को चुना जिसे वे स्थानीय शासन के लिए सबसे उपयुक्त मानते थे। इस नतीजे को गोधरा के राजनीतिक इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। यह सांप्रदायिक भाईचारे और सामाजिक एकता का एक दुर्लभ उदाहरण है। गोधरा के मतदाताओं ने पूरी तरह से मुस्लिम आबादी वाले वार्ड में भारी बहुमत से एक हिंदू महिला अपेक्षाबेन नैनेशभाई सोनी (Apekshaben Naineshbhai Soni) को चुनकर एक ऐसा जनादेश दिया है जिसने सांप्रदायिक दरार के बजाय योग्यता और स्थानीय भरोसे को तरजीह दी है।
आने वाले चुनावों में नजर आ सकते हैं ऐसे नतीजे
विश्लेषकों का मानना है कि मतदान का 'गोधरा मॉडल' इस बात का संकेत है कि भविष्य में ग्रामीण और अर्ध-शहरी गुजरात वोटर किस तरह के फैसले ले सकते हैं। गुजरात के शहरी क्षेत्रों में अपना दबदबा बनाते हुए BJP ने सभी 15 नगर निगमों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। अकेले अहमदाबाद में BJP ने 192 में से 146 सीटें जीतीं हैं। वहीं कांग्रेस को महज 18 सीटें मिली हैं। सूरत में BJP ने 115 सीटों पर विजय पाई है जबकि AAP को महज चार सीटें मिलीं हैं। राजकोट और वडोदरा में भी BJP ने हर निगम में 65 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस को दहाई के आंकड़े तक पहुंचने के लिए भी जूझना करना पड़ा।
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