Disturbed Areas Act in Parts of Junagadh applicable by Gujarat Government गुजरात में जूनागढ़ के कई इलाकों में 'अशांत क्षेत्र अधिनियम' लागू, जानिए क्या होगा इसका असर, Gujarat Hindi News - Hindustan
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गुजरात में जूनागढ़ के कई इलाकों में 'अशांत क्षेत्र अधिनियम' लागू, जानिए क्या होगा इसका असर

जिला प्रशासन की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार यह एक्ट खमध्रोल और जोशीपारा वार्डों के अंतर्गत आने वाली लगभग 18 सोसायटियों पर लागू किया गया है। इस दौरान इन सोसाइटियों और रेजिडेंशियल जोन को अशांत क्षेत्र (डिस्टर्ब्ड एरिया) कैटेगरी में रखा गया है।

Sat, 21 Feb 2026 04:20 PMSourabh Jain लाइव हिन्दुस्तान, जूनागढ़, गुजरात
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गुजरात में जूनागढ़ के कई इलाकों में 'अशांत क्षेत्र अधिनियम' लागू, जानिए क्या होगा इसका असर

गुजरात सरकार ने जूनागढ़ शहर में रहने वाले लोगों और विभिन्न हिंदू संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांग को मानते हुए शहर के कुछ खास हिस्सों में 'अशांत क्षेत्र अधिनियम' लागू कर दिया है। राज्य सरकार के राजस्व विभाग ने इस बारे में 18 फरवरी को एक महत्वपूर्ण फैसला लिया और जूनागढ़ शहर की कई आवासीय सोसायटियों और क्षेत्रों को आधिकारिक तौर पर 'अशांत क्षेत्र' घोषित कर दिया। इस बारे में जारी अधिसूचना के अनुसार यह कानून शहर के दो प्रमुख वार्डों की करीब 18 सोसाइटियों में अगले पांच वर्षों के लिए लागू किया गया है। यह 18 फरवरी, 2026 से शुरू होकर 17 फरवरी, 2031 तक लागू रहेगा।

SDM की अनुमति के बिना संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक

'देश गुजरात' की एक रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय प्रशान ने इस बारे में जानकारी देते हुए एक नोटिफिकेशन जारी किया और बताया कि इस कानून के लागू होने के बाद अब अशांत एक्ट से प्रभावित इन इलाकों में कोई भी संपत्ति खरीदने या बेचने से पहले SDM (सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट) की पूर्व अनुमति लेनी जरूरी होगी। वहीं अगर कोई व्यक्ति इस तरह की अनुमति लिए बिना ऐसी संपत्ति की खरीद या बिक्री में शामिल पाया जाता है, तो ऐसे सभी खरीद और बिक्री के दस्तावेज अवैध घोषित हो जाएंगे। प्रशासन ने बताया कि यह कदम स्थानीय निवासियों और विभिन्न संगठनों द्वारा लंबे समय से की जा रही मांग के बाद उठाया गया है।

डेमोग्राफिक संतुलन बनाए रखना है मकसद

जिला प्रशासन की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार यह एक्ट खमध्रोल और जोशीपारा वार्डों के अंतर्गत आने वाली लगभग 18 सोसायटियों पर लागू किया गया है। इस दौरान इन सोसाइटियों और रिहायशी इलाकों को अशांत क्षेत्र (डिस्टर्ब्ड एरिया) की कैटेगरी में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस एक्ट को लागू करने का मकसद सांप्रदायिक या नागरिक शांति के लिए संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में मजबूरी में संपत्ति की बिक्री को रोकना और डेमोग्राफिक संतुलन बनाए रखना है।

यह है कानून लागू करने की मुख्य वजह

सरकार को इन इलाकों में 'अशांत धारा' लागू करने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि पिछले कई वर्षों से जिला कलेक्टर को ऐसी कई शिकायतें मिल रही थीं कि जूनागढ़ के कुछ आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में दूसरे धर्म के लोगों द्वारा अचल संपत्ति खरीदी जा रही है। जिसके चलते स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने इलाके में जनसांख्यिकी संतुलन बिगड़ने का आरोप लगाया और कहा कि इसकी वजह से सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा हो रही है। जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया और सनातन धर्म के प्रमुख नेताओं ने इन इलाकों में अशांत धारा लागू करने की मांग को लेकर एक बड़ी विरोध रैली निकाली थी और इसके माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इन क्षेत्रों में तुरंत 'अशांत धारा' लागू करने की मांग की थी।

खमध्रोल वार्ड की सोसाइटियां जहां लागू हुआ यह एक्ट

हेमवन सोसाइटी, राजमोती सोसाइटी, प्रेरणा धाम 1 और 2, कलापी नगर, पूनम पार्क, सुदर्शन पार्क, श्यामल पार्क, कृष्णा पार्क, द्वारकेसंग, गोकुलधाम सोसाइटी, अर्जुन पार्क सोसाइटी, खोडियार नगर, रिवर विला।

जोशीपारा वार्ड की सोसाइटियां जहां लागू हुआ यह एक्ट

सर्वोदय सोसाइटी, आदित्य नगर, नंदनवन सोसाइटी, अमृतकला सोसाइटी, भागीरथ डुप्लेक्स

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एक्ट का इन इलाकों पर क्या होगा असर

'गुजरात अचल संपत्ति हस्तांतरण निषेध और अशांत क्षेत्रों में बेदखली से किरायेदारों के संरक्षण का प्रावधान अधिनियम, 1991' के लागू होने के बाद अब इन क्षेत्रों में अचल संपत्ति (घर या जमीन) की बिक्री या हस्तांतरण के लिए जिला कलेक्टर की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। साथ ही संपत्ति के अवैध हस्तांतरण पर रोक लगेगी, जिससे जनसांख्यिकीय बदलाव की चिंताओं को दूर किया जा सकेगा।

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