तीन साल से ज्यादा समय तक जेल में रहेगी गुजरात की महिला टीचर, छात्रा पर हाथ उठाने की मिली सजा
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु चौधरी ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध एक शिक्षक द्वारा अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल था, जिससे 14 साल की लड़की को गंभीर चोट लगी और उसे लंबे समय तक सुनने में दिक्कत हुई।

गुजरात में गांधीनगर की एक अदालत ने नौवीं कक्षा की छात्रा को थप्पड़ मारने की आरोपी स्कूल शिक्षिका को दोषी ठहराते हुए तीन साल तीन महीने की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। शिक्षिका ने छात्रा पर इसलिए हाथ उठाया था क्योंकि वह स्कूल से दिया होमवर्क पूरा करके नहीं लाई थी। इस घटना में छात्रा के बाएं कान का पर्दा फट गया था, जिसके चलते उसे सुनने में दिक्कत होने लगी।
इस मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु चौधरी ने 30 जनवरी को दिए अपने फैसले में कहा कि यह अपराध एक शिक्षक द्वारा अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल था, जिससे 14 साल की लड़की को गंभीर चोट लगी और उसे लंबे समय तक सुनने में दिक्कत हुई।
अदालत ने यह भी कहा कि घटना के साढ़े चार साल बाद भी पीड़िता का इलाज जारी है। जिसके बाद मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने आरोपी शिक्षिका पारुलबेन पटेल को भारतीय दंड संहिता की धारा 325 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत लड़की की पिटाई करने और जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी ठहराया और उसे तीन साल एवं तीन महीने जेल की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है और निर्देश दिया कि यह रकम पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दी जाए।
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