केंद्र सरकार ने गुजरात के मछुआरों को दी बड़ी राहत, डीजल की बढ़ी हुई कीमतें वापस लीं
गुजरात के सूचना विभाग ने बताया, 'मछुआरों के हित में सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय, BPCL द्वारा मछली पकड़ने वाली नावों के लिए डीजल की कीमत में की गई 22.43 रुपए की वृद्धि वापस ले ली गई है। ऐसे में राज्य के मछुआरों को केवल अपनी नावों के लिए डीजल पहले से तय रियायती दर पर ही मिलेगा।'

केंद्र सरकार ने गुजरात के मछुआरों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शनिवार को उन्हें एक बड़ी राहत दी और मछली पकड़ने वाली उनकी नावों के लिए डीजल की कीमत में की गई 22.43 रुपए की वृद्धि वापस ले ली। यानी अब उन्हें पुरानी रियायती दरों पर ही डीजल मिलता रहेगा। डीजल की कीमतों में की गई भारी भरकम बढ़ोतरी के एक दिन बाद राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार गुजरात सरकार ने स्थानीय मछुआरा समुदाय के हितों का मुद्दा उठाते हुए उनकी रक्षा करके लिए इस मामले में केंद्र सरकार से दखल देने की मांग की थी। जिसके बाद केंद्र सरकार ने खास गुजरात के मछुआरों के लिए अपना फैसला पलट दिया। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) ने 'गुजरात फिशरीज सेंट्रल को-ऑपरेटिव एसोसिएशन' (GFCCA) के साथ एक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद कीमतों में बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी।
फिशिंग सेक्टर को रिटेल की बजाय होलसेल सेक्टर में रखा गया
दरअसल इस बढ़ोतरी के दौरान मछली पकड़ने वाले क्षेत्र यानी फिशिंग सेक्टर को रिटेल के बजाय थोक उपभोक्ता श्रेणी में रखा गया था, जिससे मछुआरों के लिए भी प्रति लीटर डीजल के दाम अचानक 22.43 रुपए बढ़ गए थे और उनके सामने भी बड़ा आर्थिक बोझ आ खड़ा हुआ था।
राज्य सरकार ने केंद्र के सामने उठाया था मामला
जिसके बाद गुजरात के मछली पालन मंत्री जीतू वाघाणी ने इस बारे में मछुआरा समूहों और स्थानीय नेताओं से शिकायतें मिलने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन के बाद इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठाया था। तब जाकर केंद्र सरकार ने मछुआरों की नावों के लिए इस बढ़ी हुई दरों को वापस ले लिया।
परिवहन विभाग की तरह रियायती दाम पर मांगा डीजल
केंद्र सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाते हुए मंत्री वाघानी ने तर्क दिया कि, जिस तरह राज्य परिवहन विभाग को रियायती दरों पर डीजल दिया जाता है, उसी तरह मछली पालन क्षेत्र को भी 'विशेष अपवाद' माना जाना चाहिए और मछुआरों को भी अन्य खुदरा ग्राहकों की तरह ही सामान्य दरों पर डीजल दिया जाना चाहिए। इसके बाद केंद्र सरकार ने गुजरात सरकार के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया और BPCL को डीजल के दामों में की गई बढ़ोतरी को रद्द करने का निर्देश दिया। ऐसे में अब गुजरात के मछुआरों को पुराने तय रेट पर ही डीजल मिलता रहेगा।
पीएम मोदी व सीएम पटेल का जताया आभार
उधर इस त्वरित निर्णय के लिए राज्य के मछली पालन मंत्री जीतूभाई वाघानी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। इस बारे में सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए वाघानी ने लिखा, 'केंद्र सरकार ने गुजरात राज्य के मछुआरों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण डीज़ल की कीमतों में हुई वृद्धि के बीच, गुजरात के मछुआरों को दी जाने वाली सब्सिडी को जारी रखने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी जी के मार्गदर्शन में एक महत्वाकांक्षी निर्णय लिया गया है।'
आगे उन्होंने कहा, 'दक्षिण तट के प्रतिनिधियों द्वारा किए गए आवेदन का सम्मान करते हुए, मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को प्रधानमंत्री तक पहुंचाया, जिसके परिणामस्वरूप मछुआरों को महत्वपूर्ण राहत मिली है। गुजरात के मछुआरों की ओर से, मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।
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