क्लिनिक में कैमरा लगा ब्लैकमेल करने लगा राजकोट का डॉक्टर, 3000 से ज्यादा वीडियो क्लिप्स बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि साल 2023 से मई 2024 के बीच आरोपी ने लगभग 3,000 से 4,000 वीडियो क्लिप रिकॉर्ड की थीं। इस दौरान कैमरे में शिकायतकर्ता और महिला डॉक्टर के बीच के निजी पलों के साथ ही मरीजों की जांच के दृश्य भी रिकॉर्ड हो गए।

गुजरात के राजकोट शहर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक BHMS (होम्योपैथ) डॉक्टर ने अपने ही साथी BAMS (आयुर्वेद) चिकित्सक के क्लिनिक में गुप्त कैमरा लगाकर उनकी निजी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया और फिर पत्रकारों के साथ मिलकर उससे लाखों रुपए की वसूली कर ली। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी की पहचान होम्योपैथ डॉक्टर कमल नंधा के रूप में हुई है, जो कि साधु वासवानी रोड के अलावा शहर में कई क्लिनिक चलाने वाले शिकायतकर्ता BAMS डॉक्टर का परिचित है।
TOI की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी कमन नंधा अक्सर इंजेक्शन की जरूरत वाले मरीजों को या तो खुद लेकर शिकायतकर्ता के क्लिनिक में आता रहता था, या फिर उन्हें वहां भेज दिया करता था, जिसकी वजह से वहां उसकी काफी अच्छी जान-पहचान हो गई थी और इसी वजह से वहां उसका आना-जाना भी लगा रहता था और उसे वहां की हर गतिविधि की जानकारी रहती थी।
महिला मित्र भी करती थी क्लिनिक का उपयोग
इसके अलावा पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता के इस क्लिनिक का उपयोग उनकी एक महिला मित्र भी करती थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कमल नंधा को शिकायतकर्ता और उसकी महिला मित्र के बीच प्रेम संबंध या ऐसे ही किसी रिश्ते होने का शक था, साथ ही वह खुद भी महिला के प्रति एकतरफा आकर्षण रखता था, जिसके कारण आरोपी ने क्लिनिक के परीक्षण कक्ष के लैंप होल्डर में एक गुप्त कैमरा लगा दिया।
आरोपी के पास मिली 3 से 4 हजार वीडियो क्लिप
पुलिस उपायुक्त (अपराध) जगदीश बांगरवा ने कहा कि, 'यह मानते हुए कि शिकायतकर्ता का उस महिला के साथ कोई रिश्ता है, आरोपी ने चुपके से एक कैमरा लगाया और क्लिनिक के अंदर की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने लगा।'
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि साल 2023 से मई 2024 के बीच आरोपी ने लगभग 3,000 से 4,000 वीडियो क्लिप रिकॉर्ड की थीं। इस दौरान कैमरे में शिकायतकर्ता और महिला डॉक्टर के बीच के निजी पलों के साथ ही मरीजों की जांच के दृश्य भी रिकॉर्ड हो गए।
पत्रकारों के साथ मिलकर शुरू किया ब्लैकमेलिंग का खेल
पुलिस ने बताया कि जून 2024 में आरोपी कमल ने क्लिनिक में रिकॉर्ड किए कुछ वीडियो स्थानीय पत्रकारों के साथ शेयर कर दिए, और इसके साथ ही वसूली का खेल शुरू हो गया। आरोपियों ने उन वीडियो क्लिप्स को सार्वजनिक करने की धमकी देकर शिकायतकर्ता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और वीडियो दबाने के बदले 25 लाख रुपए की मांग की। इसी बीच दबाव में आकर पीड़ित ने 50,000 रुपए दे भी दिए थे, लेकिन लगातार बढ़ती धमकियों के बाद उसने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।
राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी कमल नंधा समेत 10 पत्रकारों (हिरेन मकवाना, अजयसिंह चूडासमा, हार्दिक डोडिया, जगदीश तेरैया, जिगर सोढ़ा, घनश्याम पटेल, जतिन नाथवानी, स्वाति नाथवानी, अमित ठक्कर और भारत) के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारी जे.एम. कैला ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि, 'पीड़ित को लगातार परेशान किया जा रहा था और आखिरकार उसने हमसे संपर्क किया। शुरुआती सबूतों की पुष्टि करने के बाद हमने मामला दर्ज कर लिया है।' पुलिस ने आरोपियों की तलाश जारी रहने और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी करने की बात कही है।
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