सीएम पटेल ने गुजरात के इस शहर को दी 414 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, मिला नगर निगम का दर्जा
सीएम पटेल ने कहा कि, 'पोरबंदर की एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है, और इसके महत्व को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने इसके समग्र विकास के लिए व्यवस्थित योजना बनाई है। राज्य सरकार ने पिछले पांच वर्षों में पोरबंदर जिले में 2,100 करोड़ रुपए के विकास कार्य किए हैं।'

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को प्रदेश के पोरबंदर शहर को बड़ी सौगात देते हुए 413.81 करोड़ रुपए के 46 विकास कार्यों का ई-लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पोरबंदर नगर पालिका को महानगर पालिका (नगर निगम) का दर्जा देने और इसके आधुनिकीकरण के लिए 291 करोड़ रुपए आवंटित करने की घोषणा भी की। साथ ही छात्रों के लिए 100 करोड़ रुपए की लागत से 'क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र' बनाने को भी मंजूरी दी। कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल तरीके से जुड़कर मुख्यमंत्री ने 'विकसित गुजरात से विकसित भारत 2047' के संकल्प को दोहराया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में पोरबंदर जिले में 2,100 करोड़ रुपए के विकास कार्य किए गए हैं।
इस बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि कार्यक्रम का आयोजन पोरबंदर के ताजावाला हॉल में किया गया, जहां लगभग 320.59 करोड़ रुपए की लागत वाले 17 नए कार्यों की ई-आधारशिला रखी गई और 93.22 करोड़ रुपए के पूरे हो चुके 29 कार्यों का ई-लोकार्पण किया गया। इस दौरान वर्चुअल रूप से इस कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पोरबंदर जिले के नागरिकों को 413.81 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले लगभग 46 विकासोन्मुखी कार्य समर्पित किए।
ईको टूरिज्म को दिया बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल भौतिक बुनियादी ढांचे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जिले में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 'सर्वोदय वन' और 'मोकर सागर वेटलैंड' जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया जा रहा है। साथ ही सीएम ने बताया कि जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं और युवाओं के कौशल विकास के लिए नए ITI भवनों का निर्माण किया गया है।
पिछले 5 सालों में किए 2100 करोड़ के विकास कार्य
आगे उन्होंने कहा, 'पोरबंदर की एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है, और इसके महत्व को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने इसके समग्र विकास के लिए व्यवस्थित योजना बनाई है। राज्य सरकार ने पिछले पांच वर्षों में पोरबंदर जिले में 2,100 करोड़ रुपए के विकास कार्य किए हैं।'
माधवपुर मेला 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का प्रतीक
कार्यक्रम के दौरान पोरबंदर के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने आगामी रामनवमी से शुरू होने वाले माधवपुर मेले का जिक्र किया और कहा कि यह मेला केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के प्रतीक का अटूट सेतु है, जो भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के विवाह के माध्यम से पश्चिमी भारत को उत्तर-पूर्वी राज्यों से जोड़ता है।
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