अरविंद केजरीवाल को गुजरात में बड़ा झटका, बड़े नेता ने छोड़ दिया साथ
गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के बड़े चेहरे और किसान सेल के प्रमुख राजूभाई करपड़ा ने इस्तीफा दे दिया है।

गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के बड़े चेहरे और किसान सेल के प्रमुख राजूभाई करपड़ा ने इस्तीफा दे दिया है। 'आप' को यह झटका ऐसे समय पर लगा है जब पार्टी राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए जोरशोर से तैयारी में जुटी है और किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
सुरेंद्र नगर जिले से आने वाले राजूभाई किसान आंदोलन की वजह से सुर्खियों में आए थे। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने इस्तीफे की घोषणा की। अटकलें हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं। अरविंद केजरीवाल को भेजे इस्तीफे में राजूभाई ने लिखा कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने लिखा, ‘व्यक्तिगत कारणों के चलते मेरे लिए वर्तमान दायित्वों का निर्वहन कर पाना संभव नहीं है। पार्टी ने मुझे जो अवसर, सम्मान और सहयोग दिया उसके लिए मैं हृदय से आभारी हूं।’
इस्तीफे को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए राजूभाई करपड़ा ने कहा, 'जय किसान साथी... दोस्तों, आज मैंने आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। मेरा फैसला बहुतों के लिए चौंकाने वाला हो सकता है। मैंने अपने परिवार के साथ पार्टी को मजबूत करने के लिए अपनी प्राथमिकता और समय दिया। लेकिन नियति ने यहीं तक मेरा समर्थन लिखा था। यदि मैंने जाने-अनजाने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाया हो तो मैं माफी मांगता हूं। मैं राज्य और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व, अपने सभी साथियों और किसान दोस्तों को उनके प्यार और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करता हूं।' करपड़ा ना सिर्फ आप के किसान सेल के प्रमुख थे बल्कि उनकी गिनती राज्य में पार्टी के प्रमुख नेताओं में थी।
किसान आंदोलन में थी बड़ी भूमिका
अक्टूबर 2025 में बोटाद जिले के हद्दद गांव में किसानों की एक महापंचायत आयोजित की गई थी। पुलिस ने दावा किया कि यह सभा बिना आधिकारिक अनुमति के आयोजित की गई थी। पुलिस के अनुसार जब अधिकारी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मौके पर पहुंचे तो तनाव बढ़ गया और आंदोलनकारी समूह के कुछ सदस्यों ने कथित रूप से पुलिस वाहनों पर पथराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। इसके बाद किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प के संबंध में 85 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
गिरफ्तारी और आमरण अनशन
राजू करपड़ा और आप के एक अन्य नेता प्रवीण राम को आमरण अनशन शुरू करने से पहले गिरफ्तार कर लिया गया था। उस समय प्रवीण राम पार्टी के प्रदेश फ्रंटल संगठन के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। गिरफ्तारी के करीब चार महीने बाद करपड़ा और प्रवीण राम को अदालत से जमानत मिली।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन