13-14 घंटे की लंबी शिफ्ट और खाने के ब्रेक को लेकर बोलीं अर्चना पूरन सिंह, सेट पर 'कंजूसी' वाली सोच पर भड़की एक्ट्रेस
हाल ही में कॉमेडी ड्रामा सीरीज 'टोस्टर' के कलाकारों, राजकुमार राव, सान्या मल्होत्रा, अभिषेक बनर्जी और अर्चना पूरन सिंह ने भी इसी तरह के मुद्दों पर बात की। अब अर्चना पूरन सिंह ने अधिक काम के घंटों को लेकर चिंता जताई है।

फिल्म इंडस्ट्री में लंबे काम के घंटों को लेकर एक लगातार बहस जारी है। इसकी शुरुआत पिछले साल दीपिका पादुकोण ने आठ घंटे काम की शिफ्ट की मांग के साथ की थी। इसके बाद दीपिका को कई फिल्मों से हाथ धोना पड़ा था। इसको लेकर कई कलाकार और क्रू दोनों ही इससे होने वाली मुश्किलों को उजागर कर रहे हैं। ऐसे में अब हाल ही में कॉमेडी ड्रामा सीरीज 'टोस्टर' के कलाकारों, राजकुमार राव, सान्या मल्होत्रा, अभिषेक बनर्जी और अर्चना पूरन सिंह ने भी इसी तरह के मुद्दों पर बात की। अब अर्चना पूरन सिंह ने अधिक काम के घंटों को लेकर चिंता जताई है।
लंबे काम के घंटों वाली सोच पर बोलीं अर्चना
अर्चना पूरन सिंह ने हाल ही में न्यूज 18 को दिए अपने इंटरव्यू में लंबे घंटों के बढ़ते दबाव के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने समझाया कि कैसे शिफ्ट अक्सर तय समय से आगे बढ़ जाती हैं, कभी-कभी 12 घंटे से भी ज्यादा हो जाता है और उससे भी ज्यादा देर तक चलती रहती हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इसका बुरा असर पड़ता है, खासकर क्रू के उन सदस्यों पर जो मुश्किल हालात में लंबे समय तक शारीरिक रूप से थकाने वाला काम करते हैं।
कंजूसी एक मानसिकता है...
अर्चना ने आगे कहा, 'इसके बाद भी, वे हमसे उम्मीद करते हैं कि हम अपने काम के घंटे बढ़ाकर 13-14 घंटे कर दें और लंच ब्रेक छोड़ दें। यह एक तरह की कंजूसी ही है। कंजूसी एक मानसिकता है... आप लाइट वालों को, जो अपना सामान पकड़कर घंटों धूप में खड़े रहते हैं, खाना खाने से कैसे रोक सकते हैं? उनके पास हमारी तरह असिस्टेंट नहीं होते जो उनके लिए फल ला सकें। यह बहुत बुरा है।'
बेहद कम खाना मिलने की वजह से...
अर्चना पूरन सिंह ने ये भी याद किया कैसे कुछ प्रोडक्शन हाउस खाने के मामले में बहुत ज्यादा पाबंदी लगाने के लिए बदनाम हो गए थे। वहीं, क्रू के सदस्य अक्सर खाने की मात्रा इतनी कम होने की वजह से उन्हें मजाक में कुछ खास नामों से बुलाते थे। उनके अनुसार, ऐसी हरकतें इंडस्ट्री के अंदर एक गहरी और लंबे समय से चली आ रही समस्या को दिखाती हैं।
सान्या और राजकुमार ने भी कही ये बात
सान्या मल्होत्रा ने कहा कि कुछ प्रोडक्शन हाउस लंबे और थकाने वाले शेड्यूल के बावजूद, लंच जैसे जरूरी ब्रेक को भी प्राथमिकता नहीं देते। उनकी इस बात से यह साफ होता है कि शूटिंग जल्दी खत्म करने की होड़ में अक्सर बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। राजकुमार ने कहा, 'शेड्यूल को आसानी से इस तरह से बदला जा सकता है कि समय पर खाना मिल सके। क्रू के सदस्यों की सेहत और भलाई का ध्यान रखा जाना चाहिए।'




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