किशोर कुमार ने मौत से पहले वसीयत में लिखवा लिया था क्रियाकर्म, ऐसा चाहते थे अंतिम संस्कार
बॉलीवुड सिंगर किशोर कुमार अपने अलग अंदाज के लिए जाने जाते थे। सिंगर ने अपनी वसीयत तैयार की थी जिसमें मौत के बाद क्रियाकर्म कैसे किया जाना चाहिए इस बारे में लिखा गया था। मौत से पहले वो अपने अंतिम संस्कार को ऐसे चाहते थे।
दुनियाभर में अपनी आवाज का जादू चलाने वाले मशहूर सिंगर किशोर कुमार के गाने आज भी कानों तक पहुंच जाए तो आत्मा को चैन मिल जाता है। किशोर कुमार ने अपनी आवाज में कई मस्तीभरे, रोमांटिक, डांस वाले गाने गाए। लेकिन जब उनकी आवाज में दर्द उतरता था तो उस गाने को सुनने वाले रो पड़ते थे। किशोर कुमार अपने गानों के साथ अलग अंदाज के लिए भी जाने जाते थे। इसलिए तो उन्होंने मरने से पहले अपने क्रियाकर्म की ख्वाहिश के बारे में वसीयत में लिख दिया था। किशोर कुमार मुंबई में अपना अंतिम संस्कार नहीं करना चाहते थे।
वसीयत में लिखा क्रियाकर्म के बारे में
इस बारे में गीतकार जावेद अख्तर ने अपने एक शो में बताया था। जावेद अख्तर ने बताया था कि किशोर कुमार ने अपनी वसीयत में क्रियाकर्म के बारे में लिखा था। वो चाहते थे उनकी मौत के दिन कोई तमाशा ना हो और उनके छोटे से शहर में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाए।

मौत पर तमाशा नहीं चाहते थे किशोर कुमार
जावेद अख्तर ने कहा था, ‘किसी रिकॉर्डिंग के दौरान मुझसे किशोर दा ने कहा था कि मैंने वसीयत की है कि जब मैं मर जाऊं तो मेरा क्रियाकर्म खंडवा में किया जाए। तो मैंने कहा क्यों दादा ऐसी क्या बात है? खंडवा में क्यों?’ उन्होंने कहा, मुझे यहां नहीं करवाना। यहां पूरी फिल्म इंडस्ट्री आ जाती है और बाहर जो पब्लिक जमा होती है तो ऐसा लगता है प्रीमियर हो रहा है। और जो जो एक्टर आते हैं, सेलिब्रिटीज आते हैं तो पूरा क्राउड उनका नाम लेकर चला रहा हो। मुझे अपनी मौत पर तमाशा नहीं कराना। मैं तो एक छोटे से शहर से आया था और वहां की मिट्टी है मेरे बदन की और वह वहीं वापस जाए और ऐसा ही हुआ। आज खंडवा में उनकी समाधि’।
किशोर कुमार ने लिया था बदला
किशोर कुमार अपने इसी अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते थे। ऐसा ही एक किस्सा फिल्म 1974 में आई फिल्म आपकी कसम से जुड़ा है। इस फिल्म में राजेश खन्ना और मुमताज लीड एक्टर्स थे। इन दोनों एक्टर्स पर फिल्म जा एक गाना जय जय शिवशंकर’ फिल्माया गया था। इस गाने को किशोर कुमार ने गाया और आरडी बर्मन ने कंपोज़ किया था। इस गाने के अंत में के लाइन है ‘अरे बजाओ रे बजाओ, 50 हजार खर्चहो गए’ ये लाइन किशोर कुमार ने प्रोड्यूसर से बदला लेने के लिए गई थी। दरअसल, प्रोड्यूसर बार-बार आरडी बर्मन को इतने पैसे खर्च करने के किए ताने मार रहे थे। ये बात जब किशोर कुमार को पता चली तो उन्होंने बदला लेने के लिए उस गाने ताने की ये लाइन गा दी।
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