जब अमिताभ के लिए रोकी गई अफगानिस्तान की जंग, मिली थी 10 टैंकों और कमांडोज की सुरक्षा
अमिताभ के चाहने आज देश ही नहीं, विदेश में भी हैं, जो उनपर जान छिड़कते हैं। ऐसा हो भी क्यों न बिग बी ने अपने करियर में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं एक बार अमिताभ की वजह से अफगानिस्तान में चल रही जंग रोक दी गई थी।

हिंदी सिनेमा के सितारों को चाहने वाले भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हैं। ऐसी ही दीवानगी बॉलीवुड अमिताभ बच्चन को लेकर भी है। अमिताभ के चाहने आज देश ही नहीं, विदेश में भी हैं, जो उनपर जान छिड़कते हैं। ऐसा हो भी क्यों न बिग बी ने अपने करियर में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं एक बार अमिताभ की वजह से अफगानिस्तान में चल रही जंग रोक दी गई थी। ऐसा क्यों और किस लिए हुआ इसके पीछे एक बड़ा दिलचस्प किस्सा है।
इस वजह से अफगानिस्तान में रोक दी गई थी जंग
90 के दशक में आई अमिताभ बच्चन और श्रीदेवी की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'खुदा गवाह' की शूटिंग के दौरान अफगानिस्तान में गृह युद्ध (मुजाहिदीन की लड़ाई) चल रही थी। मुकुल एस. आनंद के निर्देशन में बनी इस फिल्म की शूटिंग अफगानिस्तान में हुई थी, खास तौर पर काबुल और मजार-ए-शरीफ में। उस समय, अफगानिस्तान गृहयुद्ध की चपेट में था, जिसकी वजह से हालात बेहद खतरनाक थे। शूटिंग को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए तत्कालीन अफगान राष्ट्रपति नजीबुल्लाह ने युद्ध को एक दिन के लिए रुकवा दिया था। यही नहीं, अमिताभ बच्चन की सुरक्षा के लिए अफगान सरकार द्वारा 10 टैंक और कमांडो तैनात किए गए थे।
अफगान राष्ट्रपति की बेटी थी बिग बी फैन
भारत में अफगानिस्तान के राजदूत शाइदा मोहम्मद अब्दाली ने बीबीसी से बातचीत में बताया था , उस समय के अफगान राष्ट्रपति नजीबुल्लाह की बेटी ने अपने पिता से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया था कि वे एक दिन के लिए युद्ध रोक दें। उन्होंने यह अनुरोध इसलिए किया था ताकि भारत के सबसे बड़े स्टार, अमिताभ, सुरक्षित रूप से काबुल घूम सकें और लोगों को उन्हें देखने का मौका मिल सके। राष्ट्रपति अपनी बेटी की बात से इनकार न करे और उन्होंने 1 दिन के लिए युद्ध को रोक दिया। अब्दाली ने बातचीत में ये भी बताया था कि अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता अफगानिस्तान में बहुत रही है। मुजाहिदीन भी अमिताभ बच्चन के फैन थे और इस अपील को मानते हुए उन्होंने एक दिन के लिए लड़ाई सिर्फ अमिताभ के लिए रोक दी थी।
विरोधी भी थे बिग बी के फैन
मजे की बात यह है कि उस समय अफगानिस्तान में एक विरोधी नेता रहे बुरहानुद्दीन रब्बानी ने भी एक संदेश भेजकर कहा था कि वह भी 'दीवार' फिल्म के इस अभिनेता के बहुत बड़े प्रशंसक हैं, और उन्होंने अभिनेता व फिल्म की पूरी टीम को उनकी सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया था। सद्भावना के तौर पर वह खुद फूलों का गुलदस्ता लेकर अमिताभ से मिलने भी गए थे।
मिली थी 10 टैंको की सुरक्षा
वहां रहने के दौरान, अफगान सरकार ने अमिताभ और फिल्म की पूरी टीम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर मुमकिन कोशिश की। जब भी अमिताभ और फिल्म की टीम शूटिंग के लिए कहीं जाती थी, तो उनके साथ टैंकों का एक काफिला चलता था। पांच टैंक आगे और पांच पीछे। यूनिट को सरदारों के एक समूह द्वारा आमंत्रित किया गया था, डैनी डेन्जोंगपा, बिलू, मुकुल और मैं एक हेलीकॉप्टर गनशिप में सवार हुए, जिसके दोनों ओर पांच अन्य हेलिकॉप्टर थे।
नहीं थी होटल में रहने की इजाजत
अमिताभ बच्चन ने खुद 2013 में एक फेसबुक पोस्ट में इस यादगार अनुभव को याद किया था, जो उस समय काफी वायरल हुआ था। अपनी पोस्ट में, अमिताभ बच्चन ने बताया कि उन्हें किसी होटल में रुकने की इजाजत नहीं थी। इसके बजाय, एक स्थानीय परिवार ने दरियादिली दिखाते हुए फिल्म की टीम के लिए अपना घर खाली कर दिया और खुद एक छोटे से घर में रहने चले गए। जिन्हें नहीं पता, उनके लिए बता दें कि 'खुदा गवाह' एक बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म थी। करीब 5.7 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने भारत में लगभग 17.05 करोड़ रुपये की कमाई की थी।
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