This Scene of Bahubali was Completely Improvised KK Reveals How Rajamouli Works पूरी तरह इंप्रोवाइज्स था 'बाहुबली' का यह सीन, केके ने बताया एसएस राजामौली का सीक्रेट, Bollywood Hindi News - Hindustan
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पूरी तरह इंप्रोवाइज्स था 'बाहुबली' का यह सीन, केके ने बताया एसएस राजामौली का सीक्रेट

फिल्म 'बाहुबली' में कटप्पा के बाहुबली को मारने वाले सीन में भल्लालदेव (राणा दग्गुबाती) की डरावनी परछाई आज भी फैंस के जेहन में ताजा है। लेकिन क्या आपको पता है कि राजामौली ने वो सीन इंप्रोवाइज किया था।

Sat, 28 Feb 2026 11:01 AMPuneet Parashar लाइव हिन्दुस्तान
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पूरी तरह इंप्रोवाइज्स था 'बाहुबली' का यह सीन, केके ने बताया एसएस राजामौली का सीक्रेट

भारत के ऑस्कर विनर स्टार डायरेक्टर एसएस राजामौली अपनी 'बाहुबली', 'RRR', 'मगधीरा' और 'ईगा' जैसी लार्जर दैन लाइफ फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। इन फिल्मों को पर्दे पर जीवंत करने वाले सिनेमैटोग्राफर केके सेंथिल कुमार ने एक इंटरव्यू में राजामौली की फिल्ममेकिंग के कई दिलचस्प पहलुओं से पर्दा उठाया है। केके ने बताया कि कैसे राजामौली की अपकमिंग फिल्म वाराणसी फिर एक बार दर्शकों को हैरान कर देगी और साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि कैसे फिल्म 'बाहुबली' में कटप्पा के बाहुबली को मारने वाला सीन पूरी तरह इंप्रोवाइज्ड था। वरना जिस तरह वो सीन सोचा गया था, वो पर्दे पर बिलकुल अलग नजर आने वाला था।

इंप्रोवाइजेशन से बना था वो आइकॉनिस सीन

फिल्म 'बाहुबली' में कटप्पा के बाहुबली को मारने वाले सीन में भल्लालदेव (राणा दग्गुबाती) की डरावनी परछाई आज भी फैंस के जेहन में ताजा है। द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में सेंथिल ने खुलासा किया कि यह सीन पूरी तरह से 'इम्प्रोवाइजेशन' का नतीजा था। उन्होंने बताया, ‘शूटिंग के वक्त काफी हवा चल रही थी और हवा में धूल थी। जब राणा आ रहे थे, तो धूल और धुएं की वजह से उनकी एक विशाल परछाई स्क्रीन पर दिखने लगी। मैंने राजामौली को सुझाव दिया कि यह बहुत शानदार लग रहा है और हमने उसी समय लाइटिंग बदलकर उसे और बेहतर बना दिया।’

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'वाराणसी' और अगली फिल्म 'स्वयंभू'

सेंथिल ने बताया कि वह राजामौली के अगले प्रोजेक्ट 'वाराणसी' का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उनके और राजामौली के बीच 20 साल पुराना परिवार जैसा रिश्ता है। उन्होंने वाराणसी की विजुअलाइजेशन की तारीफ करते हुए इसे नेक्स्ट लेवल मूवी का बताया। जहां तक सेंथिल की अगली फिल्म की बात है तो वह फिलहाल एक पीरियड एक्शन फिल्म 'स्वयंभू' में बिजी हैं। वो इसे एक नई चुनौती मानते हैं और कहते हैं कि उनका लक्ष्य हमेशा डायरेक्टर के विजन को सबसे बेहतरीन तरीके से पर्दे पर उतारना होता है।

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एक्टर्स को सुंदर दिखाने के लिए ट्रिक

सेंथिल कुमार का मानना है कि कॉमर्शियल सिनेमा में एक्टर्स का अच्छा दिखना सबसे जरूरी है। उन्होंने बताया, 'सबके काम करने का अपना तरीका होता है, मुझे पर्सनली सॉफ्ट लाइट पसंद है क्योंकि इसमें स्किन टोन बेहतर दिखती है। जब लोग बड़े पर्दे पर स्टार्स को देखने आते हैं, तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि वे हर सिचुएशन में अच्छे दिखें।' सेंथिल के मुताबिक लाइटिंग केवल दिखावे के लिए नहीं बल्कि कहानी की जरूरत और लोकेशन के हिसाब से होनी चाहिए। वो लोकेशन से प्रेरित होकर ही तय करते हैं कि लाइट का सोर्स क्या होगा।

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शूट से पहले 'मॉक टेस्ट' करते हैं राजामौली

राजामौली के साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए सेंथिल ने बताया कि वहां स्पॉन्टेनियटी से ज्यादा प्री-प्लानिंग पर जोर दिया जाता है। वो हर सीन, एक्शन और गाने के लिए 'मॉक शूट' करते हैं। सेंथिल कहते हैं, 'हम सीन शूट करते हैं, उसे एडिट करते हैं और अगर पसंद नहीं आता तो फिर से टेस्ट करते हैं।' हालांकि, वो यह भी मानते हैं कि लोकेशन पर जाने के बाद एक्टर्स और उनके कॉस्ट्यूम्स जो एनर्जी लेकर आते हैं, उसके हिसाब से वो अपने प्लान में बदलाव करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

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