Thalapathy Vijay Film Plots Which are Very Similar to his Political Journey थलापति विजय की फिल्मों में दिखाई गई थीं ये चीजें, राजनैतिक सफर से काफी हद तक खाती हैं मेल, Bollywood Hindi News - Hindustan
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थलापति विजय की फिल्मों में दिखाई गई थीं ये चीजें, राजनैतिक सफर से काफी हद तक खाती हैं मेल

Thalapathy Vijay: थलापति विजय तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीतते नजर आ रहे हैं। उनकी पॉलिटिकल जर्नी में कुछ चीजें तो ऐसी हैं जो उनकी सिनेमाई कहानियों से मेल भी खाती हैं। चलिए जानते हैं ऐसी ही कुछ बातें।

Mon, 4 May 2026 12:48 PMPuneet Parashar लाइव हिन्दुस्तान
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थलापति विजय की फिल्मों में दिखाई गई थीं ये चीजें, राजनैतिक सफर से काफी हद तक खाती हैं मेल

साउथ के सुपरस्टार एक्टर थलापति विजय तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भारी मतो से जीत की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। सिनेमाई दुनिया में अपना दम दिखाने के बाद अब विजय राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाने आ गए हैं। यूं तो उनकी फिल्मी और असल राजनीतिक जिंदगी में सीधे तौर पर कोई समानता नहीं है, लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं जो उनकी फिल्मों में दिखाई गई चीजें से काफी हद तक मेल खाती हैं। चलिए जानते हैं ऐसी की कुछ चीजें जो उनकी फिल्मों में भी दिखाई गई थीं, और अब वैसा ही कुछ उनकी असल राजनीतिक जिंदगी में भी घटता नजर आ रहा है। क्या आपने कभी विजय के बारे में ये 5 बातें गौर कीं?

1. 'सिस्टम के बाहर का आदमी'

फिल्म 'सरकार' में दिखाया गया था कि सुंदर रामास्वामी राजनीति से दूर-दूर तक राजनीतिक से कोई वास्ता नहीं था। वह सिर्फ वोट डालने जाता है। लेकिन उसका माथा तब ठनकता है जब कोई और उसका वोट डाल देता है। तब वह पूरे सिस्टम को कानूनी चुनौती दे डालता है। असल जिंदगी में भी विजय को कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड नहीं है। उन्होंने सिनेमा जगत में अपनी अलग पहचान बनाई और जब उन्हें लगा कि पॉलिटिकल सिस्टम में बदलाव की जरूरत है, तो एक आउटसाइडर के तौर पर उन्होंने खुद अपनी पॉलिटिकल पार्टी TVK बना दी।

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2. जमे हुए मीडिया घरानों को चुनौती

फिल्म 'सरकार' में कहानी का विलेन एक पावरफुल पॉलिटिकल परिवार है जो सालों से सत्ता पर काबिज है। हकीकत में भी बीते दो-तीन दशकों से तमिलनाडु की पॉलिटिक्स कुछ चुनिंदा पार्टियों (DMK-AIADMK) के इर्द-गिर्द घूम रही थी। विजय ने इस जमे हुए मीडिया घरानों को सीधी चुनौती दी और एक नई पॉलिटिकल पार्टी के साथ चुनाव जीतते नजर आ रहे हैं। यह विजय के फैंस का यह उन पर विश्वास और उनका नई सोच के साथ आगे बढ़ना ही है, जो लोगों को पसंद आया।

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3. तकनीक का भरसक किया इस्तेमाल

फिल्म में सुंदर रामास्वामी पारंपरिक तरीके से चुनाव नहीं लड़ता। वह डाटा, स्ट्रैटेजी और सोशल अवेयरनेस का इस्तेमाल करता है। असल जिंदगी में भी थलापति विजय ने अपने पॉलिटिकल कैम्पेन के लिए तकनीक का भरसक इस्तेमाल किया। उनका लोगों तक पहुंचने का तरीका बहुत ही प्रोफेशनल और ऑर्गनाइज्ड रहा है। उन्होंने अपने फैन क्लबों और आईटी टीम का पूरा फायदा उठाया और लोगों तक अपनी सोच पहुंचाई। जिसका फायदा उन्हें साफ तौर पर मिला है।

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4. नए विकल्प के तौर पर उभरे विजय

जन नायगन में वह अन्याय के खिलाफ खड़े हुए नेता के तौर पर नजर आए थे, और रियल लाइफ में भी उन्होंने खुद को एक नए और बेहतर विकल्प के तौर पर पेश किया है। यह फिल्म उनकी फेयरवेल मूवी की तरह थी, जिसके जरिए विजय ने लोगों तक अपनी सोच पहुंचाई। फिल्म में ऐसे कई हिडेन मैसेज थे, जिन्हें विजय ने लोगों तक पहुंचाया और इसका पूरा फायदा उन्हें मिला है।

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