Jawaharlal nehru helped dilip kumar to released his film ganga jamuna in 1961 जवाहरलाल नेहरू की मदद के बाद रिलीज हुई थी दिलीप कुमार की फिल्म, बॉक्स ऑफिस पर हुआ धमाका, Bollywood Hindi News - Hindustan
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जवाहरलाल नेहरू की मदद के बाद रिलीज हुई थी दिलीप कुमार की फिल्म, बॉक्स ऑफिस पर हुआ धमाका

दिलीप कुमार के करियर की वो सबसे बड़ी फिल्म जिसके रिलीज होने में खुद जवाहरलाल नेहरू ने की थी मदद। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस कर दिया था धमाका।

Tue, 26 May 2026 09:25 PMUsha Shrivas लाइव हिन्दुस्तान
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जवाहरलाल नेहरू की मदद के बाद रिलीज हुई थी दिलीप कुमार की फिल्म, बॉक्स ऑफिस पर हुआ धमाका

बॉलीवुड एक्टर दिलीप कुमार ने 40 से लेकर 90 के दशक तक फिल्मों में काम किया। उस दौर में उनकी कई फिल्में गोल्डन और सिल्वर जुबली रही। कई कलाकारों को अपनी एक्टिंग से इंस्पायर करने वाले दिलीप कुमार ने अपने फिल्मी करियर में एक फिल्म भी बनाई थी। इस फिल्म में उन्होंने न सिर्फ एक्टिंग की थी बल्कि वो खुद प्रोड्यूसर भी थे। डायरेक्टर नितिन बोस को भी डायरेक्शन में मदद की थी। ये फिल्म थी 1961 में रिलीज हुई गंगा जमुना। लेकिन बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि इस फिल्म को रिलीज करवाने में उस समय देश के प्रधानमंत्री रहे जवाहरलाल नेहरू ने एक्टर की मदद की थी।

सेंसर बोर्ड ने दिया था 250 कट का आदेश

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिलीप कुमार की फिल्म गंगा जमुना को रिलीज करने से पहले सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेट के लोए भेजा गया था। फिल्म देखने के बाद बोर्ड ने फिल्म में एक या दो नहीं बल्कि 250 लगाने का आदेश दे दिया। बोर्ड के मुताबिक इस फिल्म में बहुत हिंसा और अश्लीलता, भाषा पर सवाल उठाया गया था। फिल्म के अंत में दिलीप कुमार का डाकू वाला किरदार ‘हे राम’ बोलता है। सेंसर बोर्ड को इस शब्द से सबसे ज्यादा दिक्कत थी। उनका कहना था कि कैसे कोई डाकू ये शब्द कह सकता है।

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दिलीप कुमार मूवी किस्सा

120 पन्नों की दी थी सफाई

BV केसकर उस समय सुचना एवं प्रसारण मंत्रालय के मंत्री थे। ऐसा कहा गया था कि उन्हीं के कहने पर सेंसर बोर्ड ने दिलीप कुमार की इस फिल्म पर रोक लगाई थी। ऐसे में दिलीप कुमार ने सेंसर बोर्ड को 120 पन्नों का एक दस्तावेज़ भेजा जिसमें हर एक सीन के बारे में जानकारी दी गई थी। लेकिन सेंसर बोर्ड ने दिलीप कुमार की कोई भी बात नहीं सुनी। फिल्म रिलीज़ के लिए तैयार थी लेकिन सेंसर बोर्ड की वजह से लगातार देरी हो रही थी। जब सभी रास्ते बन हो गए तो दिलीप कुमार ने उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मदद मांगी। इंदिरा गांधी ने दोनों की मुलाकात फिक्स की। एक्टर को पीएम के साथ 15 मिनट का समय मिला। इस बातचीत के दौरान दिलीप कुमार ने अपनी फिल्म का ज़िक्र किया और सेंसर बोर्ड की मनमानी पर सवाल उठाया।

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जवाहरलाल नेहरू ने ऐसे की मदद

पीएम जवाहरलाल नेहरू ने दिलीप कुमार की सारी बातें सुनी और फिल्म रिलीज किए जाने में मदद की। फिल्म रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर दिया। उस दशक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में एक दिलीप कुमार की गंगा जमुना भी थी। इस फिल्म के रिलीज होने के कुच समय बाद BV केसकर को उनके मंत्रालय से हटा दिया गया।

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