धुरंधर 2 में इस एक्शन सीक्वेंस को शूट करने में लगे 12 से 15 दिन, हर शॉट के बाद खींची जाती थी फोटो
Dhurandhar 2 Climax Scene: धुरंधर 2 रिलीज हो चुकी है और सोशल मीडिया पर फिल्म के एक्शन सीक्वेंस की जमकर चर्चा हो रही है। इस बीच हम आपको बता रहे हैं कि धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स कैसे और कितने दिनों तक शूट हुआ।

धुरंधर 2 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। सोशल मीडिया पर फिल्म की रील्स, रिव्यूज और मीम्स भी वायरल हो रहे हैं। धुरंधर 2 में फैंस को दमदार एक्शन भी देखने को मिला है। फिल्म के एक्शन डायरेक्टर ने हाल ही में बताया कि धुरंधर 2 में उनके लिए सबसे मुश्किल एक्शन सीक्वेंस कौन सा था। उन्होंने कहा कि फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखाया गया एक्शन चुनौतीपूर्ण था। इसी के साथ उन्होंने क्लाइमेक्स में दिखाए अलग-अलग सीक्वेंस को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया वो शूट होने में कितना वक्त लगा और कैसे कुछ सीन्स को क्रिएट किया गया।
क्लाइमेक्स शूट करने में क्या थी चुनौती?
धुरंधर 2 के एक्शन डायरेक्टर एजाज गुलाब ने Digital Commentary के साथ खास बातचीत में बताया उन्हें किस एक्शन सीन में लगा कि इसमें बहुत मेहनत लगेगी? उन्होंने कहा कि उनके सामने चुनौती ये थी कि धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स बहुत बड़ा है। क्लाइमेक्स मस्जिद से लेकर टैंकर वाले सीन तक चलता है। ऐसे में उनके सामने ये चैलेंज था कि इतने बड़े क्लाइमेक्स के दौरान दर्शक बोर नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके लिए चुनौतीपूर्ण ये था कि हर 15 से 30 सेकेंड के बाद कुछ नया क्या दिखे?
क्लाइमेक्स में दो जगह होता है दमदार एक्शन
अगर आपने धुरंधर 2 देख ली है तो आपने देखा होगा क्लाइमेक्स सीन्स में दो अलग-अलग एक्शन सीक्वेंस चल रहे हैं। ऐसे में एक्शन डायरेक्टर के सामने चुनौती थी कि मस्जिद के बाहर जो एक्शन सीक्वेंस चल रहा है उसका असर भी दर्शकों पर वही होना चाहिए जो असर अंदर चल रहे एक्शन सीक्वेंस का हो।
आधे-पौन घंटा लंबा है सीक्वेंस
उन्होंने कहा, “आप अगर पूरा क्लाइमेक्स देखेंगे तो आपको कहीं पर नहीं लगेगा कि ये देखा हुआ है। हमने बहुत सारी किलिंग्स देखीं, बहुत सारी ब्लास्टिंग्स देखीं, लेकिन हर बार हम लोगों का नजरिया ये रहा कि इसको कुछ अलग तरीके से करें। उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया- जैसे सिलेंडर की गाड़ी ब्लास्ट हो रही है, तो उसके साथ दूसरी गाड़ियां ब्लास्ट हो रही हैं। ऐसी चीजों को कनेक्ट करने में बहुत टाइम लगा। उसको सोचने में, उसको तैयार करने में।” उन्होंने कहा कि क्लाइमेक्स भले ही आधे-पौन घंटे का था,लेकिन आखिरी के 5 मिनट दर्शकों पर क्या असर डालता वो हमारे लिए चुनौतीपूर्ण था।
12 से 14 दिन में शूट हुआ ये सीक्वेंस
एक्शन डायरेक्टर ने बताया कि मस्जिद के सीक्वेंस को शूट करने में उन्हें 6 दिन सिर्फ रिहर्सल में लगे थे। इसके बाद शूट में 12 से 14 दिन लग गए थे। एजाज गुलाब ने बताया कि कैसे इतने दिनों तक चलने वाले शूट में उन्होंने कंटिन्यूटी बनाए रखी। उन्होंने कहा कि कंटिन्यूटी बनाए रखना थोड़ा मुश्किल था, लेकिन इसमें हेयर और मेकअप टीम ने बहुत अच्छा काम किया। हर शॉट के आखिर में आकर हेयर-मेकअप टीम फोटो लेती थी और शॉट टू शॉट उसे मैच करती थी। उन्होंने बताया कि कंटिन्यूटी इंस्ट्रक्टर भी इसका बहुत ध्यान रखते थे। उन्होंने भी बहुत ध्यान कि लास्ट शॉट में किसने हथियार किस तरह पकड़ा था। हाथ में हथियार कितना दिख रहा है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन