कौन दिशा में लेके चला… गाने का भोजपुरी-गांव वाला वर्जन सुन लोग निहाल, मिले 1.7 मिलियन+ व्यूज
नदिया के पार का गाना कौन दिशा में लेके चला रहे बटोहिया, एक रोमांटिक गाना है। सोचिए क्या होता अगर गाने में गांव के सुकून की तारीफ की जाती? इसका गांव वाला भोजपुरी वर्जन सुनने लायक है।

नदिया के पार बॉलीवुड की ऐसी फिल्म है जो गांव के परिवेश में बनी है। इसमें अवधि और भोजपुरी का काफी प्रभाव दिखता है। फिल्म जितनी बड़ी हिट थी इसके गाने भी उतने पॉप्युलर है। जोगी जी धीरे-धीरे गाना अभी तक होली पर बजाया जाता है। वहीं बाकी गाने जैसे कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया भी लोग पसंद करते हैं। अब भोजपुरी गाने रिक्रिएट करने वाले आर्टिस्ट मृत्युंजय कुमार ने इसका भोजपुरी गांव वर्जन अपने इंस्टाग्राम पर डाला है। इस गाने को उनके अकाउंट पर 1.7 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं और तारीफ कर रहे हैं।
क्या हैं गाने के लिरिक्स
मृत्युंजय ने कौन दिशा में लेके गाने की नई लिरिक्स बनाई हैं और उनके साथ पुरानी धुन में गाकर सुनाया है। उन्होंने लिखा है, कैसा होगा अगर इस गाने की लिरिक्स गांव के ऊपर होगा। इसके बाद मृत्युंजय गाते हैं, ‘ऊ नदिया, ऊ ताल-तलैया, ऊ पीपरा के छांव हो। कुहुकेले जहां भोरे-भोरे कोयलिया, जइसे पुकारे लेके नाम हो। शहर में ई सुख कबहूं ना मिली, शहर में ई सुख कबहूं ना मिली, केतनो लगईब तू भाव हो। गांव के पुरुब, काली माई के मंदिरिया, गांव के पुरुब, काली माई के मंदिरिया। जहां झुके हर माथ, होके सबकर साथ, सुख चैन मिले, चैन मिले। चल मोरे मानवा रे, मारे गउआं के डगरिया, चल मोरे मनवा रे।’
गाने का हिंदी मतलब
मृत्युंजय के इस गाने में बोल रहे हैं कि गांव में नदी, ताल-तलाब, पीपल की छांव, सुबह कोयल की कुहुक ये सब मिलता है। शहर के लोग कितना भी पैसा लगा लें उन्हें ये सुख नहीं मिलेगा। उन्होंने गांव के मंदिर, सुख-चैन और परिवार के साथ होने की खुशी को गाने में पिरोया है।
खुश हो गए मृत्युंजय के फैन्स
मृत्युंजय का ये गाना सुनकर लोग तारीफ कर रहे हैं। उनकी एक फॉलोअर ने लिखा है, 'अद्भुत, अतुलनीय, श्रेष्ठतम। कितनी मधुर आवाज, जितनी बार सुनो दिल नहीं भरता।' एक ने लिखा है, 'गांव में जो सुकून मिलता है वो शहर में कभी नहीं मिलेगा।' एक ने लिखा है, बहुत सुंदर और सच भी। एक यूजर ने सलाह दी है कि इस गाने को म्यूजिक वीडियो में बदला जाए।
तेरे नाम का भी गांव वर्जन
इससे पहले मृत्युंजय सलमान खान की फिल्म तेरे नाम का गांव वाला वर्जन बना चुके हैं। इसे 1.9 मिलियन लोगों ने देखा है। इसके अलावा उन्होंने कई बॉलीवुड गानों के भोजपुरी वर्जन रिक्रिएट किए हैं। इनमें धुरंधर के गहरा हुआ गाने को सबसे ज्यादा देखा गया है। इसके व्यूज 3.4 मिलियन तक पहुंच चुके हैं।
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