जिम्बाम्बे ने हराया तो श्रीलंका को, लेकिन टीम इंडिया के लिए ये क्यों है चेतावनी?
जिम्बाब्वे की आज की जीत ने भारतीय खेमे में भी कुछ चिंताएं बढ़ा दी होंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत ने भी अब तक अपने सभी बॉक्सेस ठीक से टिक नहीं किए हैं। जिम्बाब्वे की धारदार तेज गेंदबाजी किसी भी बड़ी टीम के लिए चिंता का सबब बन सकती है यह श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए मैचों में साफ देखने को मिला है

टी-20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे की टीम कमाल का प्रदर्शन कर रही है। ग्रुप स्टेज के सभी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे ने सुपर-8 में एंट्री मार ली है। खास बात यह है कि जिम्बाब्वे की टीम जैसे-तैसे सुपर-8 में नहीं पहुंची है, बल्कि अपने ग्रुप में पूरे डोमिनेंस क साथ सुपर-8 के लिए क्वालीफाई किया है।
अपने ग्रुप में जिम्बाब्वे ने ओमान को हराने के बाद भी सांस नहीं लिया, बल्कि 2026 विश्व कप के लिए प्रबल दावेदार मानी जा रही ऑस्ट्रेलिया को हराकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर किया। इसके बाद आयरलैंड के खिलाफ उनका मैच बारिश के कारण धुल गया, लेकिन अगले मुकाबले में उन्होंने मेजबान श्रीलंका को 6 विकेट से हराकार इस विश्व कप का दूसरा उलटफेर किया।
इन लगातार तीन जीतों और 1 मैच रद्द होने की वजह से 1 अंक मिलने पर कुल 7 अंकों के साथ जिम्बाब्वे की टीम ने सुपर-8 में धमाकेदार एंट्री की है। यह वही ग्रुप है जिसमें भारत, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज की टीमें भी हैं। ये सभी टीमें ग्रुप स्टेज में एक भी मुकाबला ना हारते हुए अपराजित रहकर सुपर-8 में पहुंची हैं।
जिम्बाब्वे की आज की जीत ने भारतीय खेमे में भी कुछ चिंताएं बढ़ा दी होंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत ने भी अब तक अपने सभी बॉक्सेस ठीक से टिक नहीं किए हैं। जिम्बाब्वे की धारदार तेज गेंदबाजी किसी भी बड़ी टीम के लिए चिंता का सबब बन सकती है यह हमने श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए मैचों में देखा है। ऐसे में भारत के लिए चिंताएं और बढ़ जाती हैं जब सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा लगातार तीन मैचों में 3 शून्य बनाकर सुपर-8 के लिए उतरे हों। ईशान किशन जरूर शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन भारत का मिडिल ऑर्डर भी चिंता का कारण बना हुआ है।
तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव पिछले तीन मैचों में धीमी गति से बल्लेबाजी करते दिख रहे हैं, इसके कारण पीछे के बल्लेबाजों में अतिरिक्त दवाब पड़ता है। हार्दिक का बल्ला भी बहुत अच्छी तरह से नहीं चला है और जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाजों की घातक शॉट पिच और हार्ड लेंथ गेंदबाजी के सामने उनका चलना और भी मुश्किल होगा। अक्षर पटेल से भारत की उम्मीदें हैं, हालांकि, वे भी अब तक बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए हैं।
कुल मिलाकर भारत ने ग्रुप स्टेज में सिर्फ 1 ही कनवेसिंग जीत दर्ज की है, वो भी पाकिस्तान के खिलाफ 61 रनों की। इसके अलावा भारत को नामीबिया ने भी कुछ टक्कर दी थी। अमेरिका ने भारत को पहले मुकाबले में कड़ी टक्कर दी थी। इसके अलावा नीदरलैंड ने भी भारत के 194 रनों के रन चेज में 174 के स्कोर तक पहुंच गई थी। भारतीय टीम के लिए तेज गेंदबाज अर्शदीप का कई बार महंगा साबित होना भी टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कुलदीप भी पूरी लय में अभी तक नहीं दिखे हैं। हालांकि, वरुण चक्रवर्ती धारदार नजर आए हैं।
ऐसे में भारतीय टीम जब सुपर-8 के लिए अच्छा प्रदर्शन करके पहुंची टीमों के सामने पहुंचेंगी तो चुनौतीपूर्ण जरूर होगा। भारत के पास एक बेहतर संतुलित टीम है, लेकिन सभी खिलाड़ियों के फॉर्म में ना होने के कारण मेन इन ब्लू को जिम्बाब्वे जैसी टीमों के सामने भी सावधान रहने की जरूरत होगी। हालांकि, जिम्बाब्वे की टीम भारतीय स्पिनरों को कैसे खेलेगी और बल्लेबाजी में कितना दम दिखाएगी यह भी देखने योग्य होगा। भारत के ग्रुप में सभी टीमें काफी मजबूत हैं, ऐसे में बड़े रोमांचक मैच देखने को मिल सकते हैं।





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