टीम इंडिया की जिम्बाब्वे के खिलाफ क्या हो रणनीति जिससे सेमीफाइनल की उम्मीदें रहें जिंदा?
दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया अचानक मुश्किल में फंस गई है। ऐसा लग रहा जैसे कि पैनिक बटन दब गया हो। भारत का अगला सुपर 8 मुकाबला जिम्बाब्वे से है। ऐसे में सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम को उस अहम मैच में क्या करने की जरूरत है, आइए देखते हैं।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में अजेय रही टीम इंडिया को सुपर 8 चरण के पहले ही मैच में हार मिली। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को ऐसी बड़ी हार मिली कि अब सवाल उठने लगे हैं कि टीम क्या सेमीफाइनल में पहुंचेगी या सुपर 8 में ही उसका सफर समाप्त हो जाएगा। हार के बाद टीम की रणनीति से लेकर प्लेइंग इलेवन के चयन तक सब निशाने पर आ चुका है। ऐसा लग रहा जैसे कि पैनिक बटन दब गया हो। भारत का अगला सुपर 8 मुकाबला जिम्बाब्वे से है। ऐसे में सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम को उस अहम मैच में क्या करने की जरूरत है, आइए देखते हैं।
दक्षिण अफ्रीका से करारी हार के बाद भारत की सेमीफाइनल में एंट्री का रास्ता मुश्किल जरूर हुआ है लेकिन पूरी तरह बंद नहीं। अभी टीम को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से मैच खेलने हैं। 26 फरवरी को सुपर 8 में भारत बनाम जिम्बाब्वे का मैच है। उसके लिए टीम इंडिया पहले ही चेन्नई पहुंच चुकी है। क्या उस अहम मैच के लिए भारत को पैनिक बटन दबाने और प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव की जरूरत है? नहीं, उन्हें एकदम से कई सारे बदलावों से बचना होगा।
संजू सैमसन को लाने का सही समय
स्क्वाड का चयन इसीलिए होता है कि आपके पास खिलाड़ियों का एक पूल हो और मैच और परिस्थितियों के हिसाब से आप बेस्ट प्लेइंग इलेवन का चयन कर सकें। अब समय आ गया है कि संजू सैमसन को मौका दिया जाए। विपक्षी टीमों ने भारत के खिलाफ ऑफ स्पिन आक्रमण को लगाकर शुरुआती सफलताएं हासिल की है। भारत अपने पिछले तीन मैचों में पहले ही ओवर में स्पिन आक्रमण के आगे विकेट खोए हैं और तीनों ही बार हमारे आउट होने वाले बल्लेबाज डक का शिकार हुए हैं। दो बार अभिषेक शर्मा तो एक बार ईशान किशन।
ऐसे में अगर भारत बाएं हाथ के दो ओपनर्स के साथ उतरता है तो जिम्बाब्वे की रणनीति भी यही होगी कि स्पिनर्स को शुरुआत में ही मोर्चे पर लगाए। तब कप्तान सिकंदर रजा या ब्रायन बेनेट गेंदबाजी संभाल सकते हैं और पहले ही ओवर में भारत मिलते जा रहे झटके के ट्रेंड को आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में विपक्षी टीम की उम्मीदों को ध्वस्त करने के लिए भारत को ओपनिंग में दाएं हाथ के एक बल्लेबाज की जरूरत है। संजू सैमसन को इस वर्ल्ड कप में सिर्फ नामीबिया के खिलाफ ग्रुप मैच में जगह मिली थी। पेट में संक्रमण की वजह से अभिषेक शर्मा नहीं खेले थे और उनकी जगह संजू को मौका मिला था। उस इकलौते मैच में उनकी पारी सिर्फ 8 गेंद तक चली थी लेकिन उन्होंने ताबड़तोड़ 22 रन ठोके थे। अगर जिम्बाब्वे पहले ही ओवर में स्पिनर लगाता है तो सैमसन स्ट्राइक ले सकते हैं।
अभिषेक, ईशान या तिलक...किसकी जगह आएंगे संजू
अगर संजू को खिलाना है तो ओपनिंग से अभिषेक शर्मा या ईशान किशन में से किसी एक को हटाना पड़ेगा। अभिषेक और ईशान दोनों प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रह सकते हैं लेकिन तब टीम को नंबर 3 के लिए तिलक वर्मा को लेकर कठिन फैसला लेना पड़ेगा। वर्मा एक मैच विनर हैं और अकेले दम पर पासा पलटने का माद्दा रखते हैं। हालांकि इस वर्ल्ड कप में वह लय में नजर नहीं आ रहे। तिलक वर्मा ने अब तक 90 गेंदों में सिर्फ 119 के स्ट्राइक रेट से 107 रन बनाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में भारत के पास ये विकल्प है कि तिलक वर्मा की जगह पर ईशान किशन को नंबर तीन पर उतारे। ईशान न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में नंबर 3 पर शानदार बल्लेबाजी कर चुके हैं।
अक्षर पटेल या वॉशिंगटन सुंदर?
भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को खिलाया था। वजह ये थी कि अफ्रीकी टीम के टॉप ऑर्डर में 3 बाएं हाथ के बल्लेबाज थे, इसलिए उपकप्तान अक्षर पटेल पर वॉशी को तरजीह दी गई थी। लेकिन जिम्बाब्वे के टॉप 7 बल्लेबाजों में 5 दाहिने हाथ के हैं। ऐसे में अक्षर पटेल अच्छे विकल्प साबित हो सकते हैं।





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