टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका से मिली हार बन सकती है वरदान, बशर्ते...संजय मांजरेकर का मंत्र
पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर संजय मांजरेकर ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार भारत के लिए वरदान की तरह हो सकती है, बशर्ते कि 3 कमियों में सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका को तो धन्यवाद दिया जाना चाहिए कि उन्होंने हमारी कमियां सामने ला दी।

टी20 विश्व कप के सुपर 8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद टीम इंडिया की कमियों पर जमकर बातचीत हो रही है। प्लेइंग इलेवन के चयन से लेकर बल्लेबाजों के अप्रोच तक, तमाम पहलुओं को लेकर आलोचनाएं हो रही हैं। इस बीच पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर संजय मांजरेकर ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार भारत के लिए वरदान की तरह हो सकती है, बशर्ते कि कमियों में सुधार किया जाए।
टी20 विश्व कप में सोमवार को दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया। अफ्रीकी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 187 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 111 रनों पर ही सिमट गई। शिवम दुबे के अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज 20 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। दुबे ने 42 रन की पारी खेली।
टीम इंडिया की करारी हार को लेकर मांजरेकर ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए अपने वीडियो में कहा, ‘दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की बड़ी हार। भारत ने पहली मजबूत टीम के खिलाफ खेला और वे उस टीम के खिलाफ अच्छा नहीं कर पाए। लेकिन अच्छी खबर ये है कि भारत टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुआ है।’
मंजरेकर ने आगे कहा, ‘तो दक्षिण अफ्रीका ने क्या किया- हमें विनम्र रहना होगा और विपक्षी टीम का सम्मान करना होगा। हमें दक्षिण अफ्रीका को एक तरह से धन्यवाद कहना होगा कि उन्होंने हमें वे तीन एरिया दिखा दिए जिसमें हमें सुधार की जरूरत है। हम अब भी उन पर काम कर सकते हैं और फाइनल राउंड में जा सकते हैं और टाइटल जीतने की उम्मीद कर सकते हैं।’
संजय मांजरेकर ने उन एरिया के बारे में भी बताया जिनकी कमजोरी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में उजागर हुई। उन्होंने कहा, ‘जो चिंता वाले 3 क्षेत्र हैं, उनमें सबसे पहला है- भारत स्पिन के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। तो आप इसका समाधान कैसे करेंगे? बैटिंग ऑर्डर को इस तरह पुनर्व्यवस्थित कीजिए कि स्पिन के स्वाभाविक रूप से अच्छे खिलाड़ी क्रम में ऊपर आएं और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ी जो थोड़ा बहुत संघर्ष कर रहे हैं उनका क्रम थोड़ा नीचे रहे।’
मांजरेकर ने आगे कहा, 'दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक और कमजोरी सामने आई कि तेज गेंदबाजों के सामने भी भारतीय बल्लेबाज तब संघर्ष कर रहे थे जब वे धीमी गेंदें डाल रहे थे। धीमी गेंद पर कप्तान (सूर्यकुमार यादव) सबसे ज्यादा संघर्ष करते दिखे।'
मांजरेकर ने जोर दिया कि बल्लेबाजी में ज्यादा गहराई देने के बजाय बोलिंग अटैक को ही मजबूत करने की जरूरत है।
संजय मांजरेकर ने आगे कहा, 'तीसरी समस्या तो ऐसी है जिसे आसानी से दूर किया जा सकता है। जब बैटिंग अनिश्चित है तब आप अक्सर फायरिंग वाला रुख अपना रहे हैं और बल्लेबाजी में ज्यादा गहराई ला रहे हैं। इस कमजोरी को दूर करना का एक और तरीका है कि आप अपने गेंदबाजी आक्रमण को और मजबूत कीजिए। इसलिए कुलदीप यादव को लाइए।'
उन्होंने कहा कि अगर भारतीय टीम ने जल्दी से जरूरी बदलाव कर लिए तो टीम के पास अब भी फाइनल राउंड में जाने का शानदार मौका है।





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