किसने लिया अक्षर की जगह सुंदर को खिलाने का फैसला? पूर्व क्रिकेटर ने टीम मैनेजमेंट पर दागा सवाल
साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम सुपर 8 के मैच में बिना किसी बदलाव के उतरी। वाशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, जबकि उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर रखा गया। इसके लिए टीम मैनेजमेंट की जमकर आलोचना हो रही है।

साउथ अफ्रीका की टीम ने भारत को सुपर 8 के मैच में करारी शिकस्त दी। इसके बाद सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का मानना है कि मैचअप्स से ज्यादा मौजूदा फॉर्म और स्टेबिलिटी को ध्यान में रखना चाहिए था। अजिंक्य रहाणे और इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर माइकल वॉन ने तो यहां तक पूछ लिया है कि अक्षर पटेल की जगह वाशिंगटन सुंदर को खिलाने का फैसला किसका था?
अंजिक्य रहाणे ने क्रिकबज पर कहा, "मैं सच में हैरान हूं कि अक्षर पटेल मैच नहीं खेल रहे। खैर, मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है। मेरा मतलब है, वाशिंगटन सुंदर क्वालिटी प्लेयर हैं। कोई उनके खिलाफ नहीं है, लेकिन अक्षर पटेल अलग-अलग सिचुएशन में बहुत अच्छा कर रहा है। कभी-कभी जब आप बहुत ज्यादा स्मार्ट हो जाते हैं, तो मुझे लगता है कि सिलेक्शन के मामले में यह आपको नुकसान पहुंच सकता है और आज बात यह थी।" रहाणे ने कहा है कि आपको अपने मुख्य खिलाड़ी को बैक करना चाहिए था।
रहाणे ने आगे कहा, "आपने वाशिंगटन सुंदर को लिया, क्योंकि साउथ अफ्रीका टीम में बहुत सारे लेफ्ट हैंडर्स हैं, लेकिन उसने सिर्फ दो ओवर ही फेंके। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि ओफी (ऑफ स्पिनर) लेफ्ट हैंडर्स के खिलाफ सच में बहुत अच्छी बॉलिंग करेगा। लेफ्ट हैंडर्स के खिलाफ अक्षर का रिकॉर्ड सच में अच्छा था। हमने देखा कि केशव महाराज ने आज क्या किया। सभी टॉप लेफ्ट हैंडेड बैट्समैन। इसलिए आपको अपनी टीम में क्वालिटी प्लेयर को खिलाना होगा, खासकर अगर हमने हर बार मुश्किल सिचुएशन में आपके लिए सच में अच्छा किया हो।"
इस पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा, "साइंस है इसके पीछे, इस जमाने में, यह फिर से वही है कि आस-पास बहुत सारे लोग हैं। बैकरूम में बहुत सारे लोग हैं। बहुत सारे एनालिस्ट हैं। बहुत सारे साइंटिस्ट हैं। बहुत सारे दिमाग हैं और कभी-कभी दिमाग जिंदगी को बहुत ज़्यादा मुश्किल बना देता है। और जब आपके पास टेबल के आस-पास इतने सारे लोग होते हैं और आप जीत रहे होते हैं, अच्छा खेल रहे होते हैं। अक्षर बहुत अच्छा कर रहा होता है, तो मैं उस व्यक्ति को जानना चाहता हूं जो उस बोर्ड मीटिंग में था और उसने कहा, मुझे लगता है कि हमें वाशिंगटन के सुंदर के साथ खेलना चाहिए। आप समझ सकते हैं कि 15 साल पहले एनालिटिक्स वगेराह नहीं थे तो ऐसा होता था, लेकिन अब क्यों हो रहा है?"





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