RCB को खरीदने की रेस में अब सिर्फ दो दावेदार, राजस्थान रॉयल्स ने भी शुरू की बिक्री की प्रकिया
आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी के बिकने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यूनाइटेड स्पिरिट्स की सब्सिडियरी डियाजिओ के स्वामित्व वाली इस फ्रेंचाइजी को खरीदने की होड़ में कम से कम 5 पक्ष शामिल थे लेकिन अब रेस में सिर्फ दो ही पार्टियां बच गई हैं।

आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी के बिकने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यूनाइटेड स्पिरिट्स की सब्सिडियरी डियाजिओ के स्वामित्व वाली इस फ्रेंचाइजी को खरीदने की होड़ में कम से कम 5 पक्ष शामिल थे लेकिन अब रेस में सिर्फ दो ही पार्टियां बच गई हैं। डियाजियो ने आरसीबी की वैल्यू 2 अरब डॉलर यानी करीब 18488 करोड़ रुपये रखी है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक RCB को खरीदने की रेस में अब जो दो पार्टियां बची हैं, वो हैं स्वीडन की इक्विटी फर्म EQT और अलग-अलग ग्रुपों की एक कंसोर्टियम। इस बीच आईपीएल की एक और फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स ने भी अपनी बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डियाजियो ने पिछले साल फ्रेंचाइजी को बेचने का फैसला किया था। संयोग से पिछले साल ही आरसीबी ने पहली बार आईपीएल का खिताब जीता था। आरसीबी ने बोलियों की स्वीकार करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 को मुकर्रर की थी। इस डेडलाइन को खत्म होने में कब 2 हफ्ते से भी कम का वक्त बचा है और इसके साथ ही आरसीबी को खरीदने की रेस दिलचस्प हो गई है।
आरसीबी को खरीदने में इन पार्टियों ने दिखाई थी रुचि
आरसीबी को खरीदने की रेस में कम से कम 5 पार्टियां शामिल थीं। सोमवार को बोली लगाने की डेडलाइन तक स्वीडिश इक्विटी फर्म EQT के अलावा सिर्फ एक और पार्टी ही बची है। दूसरी पार्टी एक कंसोर्टियम है जिसमें मणिपाल हॉस्पिटल्स के राजन पई, अमेरिका की प्राइवेट इक्विटी फर्म कोहलबर्ग क्रेविस रॉबर्ट्स ऐंड कंपनी और सिंगापुर स्थित इन्वेस्टमेंट ग्रुप टेमासेक शामिल है। मैनचेस्टर यूनाइटेड की सह-मालिक ग्लेजर्स के अलावा सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने भी आरसीबी को खरीदने में रुचि दिखाई थी लेकिन वे अब इस दौड़ से बाहर हो चुके हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक मैनचेस्टर यूनाइटेड के मालिक अमेरिकी ग्लेजर फैमिली और सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला आरसीबी के लिए अधिकतम 1.8 अरब डॉलर देने के लिए तैयार थे जबकि डियाजिओ ने इसकी न्यूनतम कीमत 2 अरब डॉलर सेट कर रखी है।
प्रक्रिया पूरी होने में होने में अभी डेढ़ से तीन महीने और लग सकते हैं
आरसीबी के बिकने की प्रक्रिया में अभी करीब 45 से 90 दिन लग सकते हैं। उसके बाद फ्रेंचाइजी औपचारिक तौर पर बीसीसीआई को इसके बारे में सूचना देगी।
राजस्थान रॉयल्स ने भी शुरू की बिक्री की प्रक्रिया
इस बीच राजस्थान रॉयल्स ने भी अपनी बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कई पार्टियों ने उसे खरीदने में रुचि दिखाई है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आदित्य बिरला ग्रुप फेवरिट मानी जा रही है।
राजस्थान रॉयल्स के बारे में बताया जा रहा है कि शुरुआत में फ्रेंचाइजी ने सिर्फ मेजॉरिटी स्टेक बेचने का मन बनाया था लेकिन अब वे इसे पूरी तरह बेचने जा रहे हैं। मनोज बदाले की इमर्जिंग मीडिया आईपीएल लिमिटेड के पास रॉयल्स स्पोर्ट्स ग्रुप की 65 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा रेडबर्ड कैपिटल पार्टनर के पास 15 प्रतिशत, लाचनल मुर्डोक के पास 13 प्रतिशत और बाकी 7 प्रतिशत हिस्सेदारी इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स के एक ग्रुप के पास है। राजस्थान रॉयल्स को खरीदने में रुचि दिखाने वाली पार्टियों ने 1.1 अरब डॉलर से 1.35 अरब डॉलर तक देने का प्रस्ताव रखा है।
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