10 की इकोनॉमी रेट से शुरू हुआ IPL करियर, अब ओवर में 7 रन बनाना मुश्किल, देखिए साल दर साल कैसे चमकी बुमराह की किस्मत
बुमराह ने अपने आईपीएल करियर की जब 2013 में शुरुआत की थी तब उनका इकोनॉमी रेट 10 का था। लेकिन उसके बाद उन्होंने खुद को बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल बना दिया है। देखिए साल दर साल बुमराह की इकोनॉमी रेट कैसे बदली है।

जसप्रीत बुमराह मौजूदा समय में दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों में से एक माने जाते हैं। वे टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों फॉर्मेट में किसी भी सतह पर शानदार गेंदबाजी कर सकते हैं और उनके आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। इंडियन प्रीमियर लीग में भी बुमराह का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने दुनिया की सबसे लोकप्रिय लीग में अपना डेब्यू साल 2013 में किया था। उन्होंने अपना पहला मुकाबला 4 अप्रैल 2013 को विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ खेला था जिसमें उन्होंने 4 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 32 रन देकर 3 विकेट हासिल किए थे। तब से लेकर अब तक बुमराह ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा है और हर सीजन उन्होंने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अब तक आईपीएल के कुल 145 मैच खेले हैं, जिसकी सभी 145 पारियों में गेंदबाजी करते हुए कुल 183 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान बुमराह का औसत 22.03 का है और उनके ओवरऑल आईपीएल करियर का इकोनॉमी रेट 7.25 है। बुमराह ने आईपीएल में चार ओवर की गेंदबाजी में 10 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे, जो उनका सबसे बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन है। उन्होंने आईपीएल में अब तक कुल 3 बार चार विकेट हॉल लिए हैं और दो बार पांच विकेट हॉल भी हासिल किया है।
पहले तीन सीजन में बुमराह का इकोनॉमी रेट
बुमराह ने जब 2013 में मुंबई इंडियंस के साथ अपना आईपीएल करियर शुरू किया था तब पहले सीजन वे काफी महंगे साबित हुए थे। आईपीएल के अपने पहले सीजन में बुमराह का इकोनॉमी रेट 10.00 का था, जो एक तेज गेंदबाज के लिए खराब माना जाता है। अगले साल बुमराह ने अपनी गेंदबाजी में सुधार किया और जिसका परिणाम यह हुआ कि जब सभी गेंदबाजों को काफी मार पड़ रही थी, उस वक्त पूरे 2014 के सीजन में जसप्रीत बुमराह का इकोनॉमी रेट 7.59 का रहा। लेकिन साल 2015 का आईपीएल सीजन बुमराह के लिए खराब रहा। इस सीजन उन्होंने 12.27 की इकोनॉमी रेट के साथ रन खर्चे और टीम के लिए बहुत अधिक प्रभावशाली साबित नहीं हो सके। आईपीएल के शुरुआती तीन साल बुमराह के करियर के लिए थोड़े उतार-चढ़ाव वाले रहे।
2016 के बाद इकोनॉमी रेट 8 से ऊपर नहीं गया
हालांकि, 2016 के बाद जसप्रीत बुमराह ने खुद की गेंदबाजी में काफी सुधार किया और आलम यह हुआ कि 2016 से लेकर 2025 तक के किसी भी आईपीएल सीजन में बुमराह का इकोनॉमी रेट 8 नहीं पहुंचा, जो अपने आप में उनकी महानता को दर्शाता है। बुमराह ने 2016 में 7.81 की इकोनॉमी रेट के साथ गेंदबाजी की। 2017 में उनका इकोनॉमी रेट 7.43 रहा। 2018 में उन्होंने खुद में और सुधार किया और इस सीजन उनका इकोनॉमी रेट सात से कम रहा। उन्होंने 6.89 की इकोनॉमी दर से रन खर्चे। 2019 में उन्होंने और सुधार करते हुए इसे 6.63 पहुंचा दिया। 2020 के आईपीएल सीजन का उनका इकोनॉमी रेट 6.73 रहा। 2021 में बुमराह ने 7.45 की इकोनॉमी के साथ रन खर्चे। 2022 के आईपीएल सीजन में उनका इकोनॉमी रेट 7.18 रहा। 2023 में जसप्रीत बुमराह चोट के कारण आईपीएल नहीं खेले। 2024 और 2025 में उन्होंने 7 से कम की इकोनॉमी रेट के साथ गेंदबाजी की। 2024 में उनका इकोनॉमी रेट 6.48 का रहा, जबकि 2025 में 6.68 रहा। 2026 में कैसा प्रदर्शन करेंगे देखना होगा।
पिछले दो सालों से ओवर में 7 रन बनाना मुश्किल
बीते दो सालों के आईपीएल सीजन के आंकड़े देखें तो बुमराह अपनी पीक पर नजर आते हैं। बल्लेबाजों के लिए उन्हें खेलना काफी मुश्किल होता जा रहा है। कहां तो उनका आईपीएल करियर 10 की इकोनॉमी रेट से शुरू हुआ था, लेकिन बुमराह ने साल दर साल खुद में सुधार किया है और बीते दो सालों के आंकड़े देखने पर तो स्पष्ट होता है कि बुमराह ने बल्लेबाजों को 7 रन प्रति ओवर भी नहीं बनाने दिए हैं। 2024 और 2025 में उनका इकोनॉमी रेट 7 से नीचे है। बुमराह ने अब तक 12 आईपीएल सीजन खेले हैं, जिनमें से पांच सीजन में 7 से कम की इकोनॉमी रेट से गेंदबाजी की है। अब बल्लेबाजों के लिए बुमराह के एक ओवर में 7 रन बनाना काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
प्रत्येक आईपीएल सीजन में जसप्रीत बुमराह का इकोनॉमी रेट
2013 में 10.00
2014 में 7.59
2015 में 12.27
2016 में 7.81
2017 में 7.43
2018 में 6.89
2019 में 6.63
2020 में 6.73
2021 में 7.45
2022 में 7.18
2023 DNP
2024 में 6.48
2025 में 6.68





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