दो 0 के बाद सूर्या भाई और HP भाई ने सोशल मीडिया डिलीट करा दिया था, अभिषेक शर्मा ने किया खुलासा
अभिषेक शर्मा ने बताया जब मैं लगातार दो बार जीरो पर आउट हुआ, तो सूर्या भाई (सूर्यकुमार यादव), गौती सर (गौतम गंभीर) और हार्दिक पांड्या, तीनों मेरे पास आए और उन्होंने मुझे सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहने (डिलीट करने) की सलाह दी।

भारत के उभरते हुए सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया है कि टी20 विश्व कप के शुरुआती मैचों में उनके खराब प्रदर्शन के बाद टीम के सीनियर खिलाड़ियों ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत रहने में मदद की थी। अभिषेक ने बताया कि लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद वह काफी दबाव में थे। इस चुनौतीपूर्ण समय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "जब मैं लगातार दो बार जीरो पर आउट हुआ, तो सूर्या भाई (सूर्यकुमार यादव), गौती सर (गौतम गंभीर) और हार्दिक पांड्या, तीनों मेरे पास आए और उन्होंने मुझे सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहने (डिलीट करने) की सलाह दी।" अभिषेक के अनुसार, यह उनके लिए एक बड़ा बदलाव साबित हुआ। उन्होंने आगे साझा किया, "मैंने दूसरे जीरो के बाद ही अपनी सोशल मीडिया गतिविधि बंद कर दी थी और इससे मुझे काफी मदद मिली।"
ऐसे कमेंट्स आ रहे थे जिसकी मैंने उम्मीद नहीं की थी
सोशल मीडिया के प्रभाव पर विस्तार से बात करते हुए अभिषेक ने बताया कि वहां मिलने वाली प्रतिक्रियाएं कभी-कभी खिलाड़ी को विचलित कर सकती हैं। अभिषेक ने कहा, "उस समय मुझे लोगों से बहुत सारे ऐसे कमेंट्स और सुझाव मिल रहे थे जिसकी मैंने उम्मीद नहीं की थी।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक पेशेवर क्रिकेटर के रूप में जनता की भारी उम्मीदों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "क्रिकेटर के जीवन में लोगों की बहुत उम्मीदें होती हैं। कभी आप प्रदर्शन करते हैं और कभी नहीं, लेकिन यह आपके करियर का हिस्सा है। आपको बाहरी बातों को सुनना पड़ता है और कभी उन्हें नज़रअंदाज़ भी करना पड़ता है।" इस मानसिकता ने उन्हें बाहरी शोर को पीछे छोड़कर अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने में मदद की।
टीम सर्वोपरि की भावना
टीम के टीम फर्स्ट कल्चर की प्रशंसा करते हुए अभिषेक ने बताया कि कप्तान और कोच ने व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय टीम के हित को सर्वोपरि रखा था। अपने बल्लेबाजी दृष्टिकोण के बारे में उन्होंने कहा, "जब मैं बल्लेबाजी करने जाता था, तो मेरे दिमाग में ऐसा कुछ नहीं था कि मुझे 50 रन बनाने हैं या नॉट-आउट रहना है। मेरी योजना केवल यह थी कि मैं टीम के लिए पहले छह ओवरों का बेहतर उपयोग कैसे करूं।" भविष्य के लक्ष्यों पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ध्यान केवल ट्रॉफी जीतने पर है। उन्होंने कहा, "क्रिकेट खेलना शुरू करने के दिन से ही मेरा एकमात्र लक्ष्य देश के लिए खेलना और आईसीसी ट्रॉफियां जीतना था। यह सिर्फ एक ट्रॉफी की बात नहीं है, बल्कि यह है कि मैं अपने देश के लिए कितनी अधिक ट्रॉफियां जीत सकता हूं।" अभिषेक ने यह भी कहा कि वह अब भविष्य की चिंता करने के बजाय केवल अपनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं।





साइन इन