क्या श्रेयस अय्यर की कप्तानी में IPL जीत पाएगी पंजाब किंग्स, जानिए पूर्व क्रिकेटर ने क्या कहा?
आईपीएल शुरू होने से पहले पूर्व क्रिकेटर ने बताया है कि पंजाब किंग्स इस सीजन कप जीतने के लिए कितनी बड़ी दावेदार है। उन्होंने अय्यर की कप्तानी में टीम को काफी मजबूत माना है और कहा है कि इस सीजन सरपंच साहब की कप्तानी में टीम इतिहास रचने को तैयार है।

आईपीएल का आगाज होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। 28 मार्च से दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग का बिगुल बज जाएगा। इसको लेकर क्रिकेट पंडित अब अपना विश्लेषण और भविष्यवाणियां भी दे रहे हैं। इसी सिलसिले में में पू्र्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंट्रेटर आकाश चोपड़ा ने पंजाब किंग्स की टीम का विश्लेषण किया है। उन्होंने आगामी सीजन के लिए पीबीकेएस की टीम की ताकत और कमजोरियों का गहराई से विश्लेषण किया है। आकाश चोपड़ा का मानना है कि पंजाब किंग्स ने बीते 18 सालों में 17 कप्तान भले ही चेंज कर लिए हैं लेकिन उन्हें अब तक एक भी ट्रॉफी नहीं मिली है। हालांकि, उन्होंने यह उम्मीद और भरोसा जताया है कि श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब किंग्स इस बार इतिहास रचने के लिए पूरी तरह से तैयार है वे ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच सकते हैं।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी और टीम की मजबूती
श्रेयस अय्यर की कप्तान पर यकीन और भरोस जताते हुए आकाश चोपड़ा ने कहा कि , "सरपंच साहब की कप्तानी को दोनों हाथ से थम्स अप है। जहीर खान ने भी उनकी बहुत तारीफ की और कहा कि यह बंदा वाकई अच्छा कप्तान है और सही फैसले ले रहा है।" चोपड़ा ने अय्यर की कप्तानी की तारीफ तो की ही, साथ ही उन्होंने इस विस्फोटक बल्लेबाज को टीम की बल्लेबाजी की धुरी भी माना। उन्होंने कहा कि पंजाब की बल्लेबाजी अय्यर के इर्द-गिर्द ही टिकी हुई है। चोपड़ा ने यह भी कहा कि इस टीम की सबसे बड़ी मजबूती इसके निडर भारतीय युवा बल्लेबाज हैं। उन्होंने प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह, निहाल वडेरा और शशांक सिंह की जमकर सराहना की है। चोपड़ा के अनुसार, "इस टीम की फिलॉसोफी रही है कि हर खिलाड़ी बड़े बेबाक और बेखौफ अंदाज में खेलता है, उन्हें किसी बात का डर या खौफ नहीं है।" इसके अलावा उन्होंने पंजाब किंग्स को आलराउंडर्स की फैक्ट्री बताया। मार्को यानसन, अजमतुल्लाह ओमरज़ई और मार्कस स्टोइनिस जैसे बड़े नाम पीबीकेएस के ऑलराउंडर लिस्ट में शामिल है।
स्पिन गेंदबाजी है टीम की कमजोर कड़ी
आकाश चोपड़ा ने पंजाब किंग्स की स्पिन गेंदबाजी को सबसे कमजोर कड़ी माना है। उनके अनुसार यह टीम सिर्फ यूजी चहल पर ही टिकी हुई है और युवा स्पिनर्स की परीक्षा होनी बाकी है। चोपड़ा ने कहा, "स्पिन बॉलिंग में गहराई की कमी एक समस्या है। यह विभाग पूरी तरह चहल पर निर्भर प्रतीत होता है।" आकाश चोपड़ा ने माना कि युवा खिलाड़ियों के साथ दूसरे साल भी वही प्रदर्शन दोहराना अय्यर एंड कंपनी के लिए काफी मुश्किल साबित हो सकता है। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजों में भी गहराई को कमतर आंका है और कहा है कि इसके विकल्प काफी कम हैं।
अय्यर के पास भारतीय कप्तान बनने का है मौका
चोपड़ा ने कहा कि आने वाले आईपीएल सीजन के लिए यहां के युवा खिलाड़ियों की रणनीत बिल्कुल साफ है और सभी खिलाड़ी आक्रामक रुख अपना सकते हैं। चोपड़ा ने कहा "बैटिंग के अंदर इनकी रणनीति है, मारते जाओ, छोड़ो मत। जो भी आए वो बल्ला चलाता जाए और गेम को आगे ले जाए।" उन्होंने गेंदबाजी पर बात करते हुए कहा कि यह अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल और मार्को यानसन पर पूरी तरह से टिकी होगी। चोपड़ा का मानना है कि यह सीजन न केवल पंजाब के लिए ट्रॉफी जीतने का मौका है, बल्कि श्रेयस अय्यर के लिए भी भारतीय टी20 टीम की कप्तानी के दावेदार के रूप में उभरने का एक बड़ा अवसर है।





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