छत्तीसगढ़ को केंद्र की बड़ी सौगात, 426 करोड़ रुपए से बनने वाली नई रेल लाइन को दी मंजूरी; होंगे इतने फायदे
इस क्षेत्र में पावर प्लांट, कोयला खदानों, स्टील और सीमेंट इकाइयों के साथ-साथ नए और संबंधित उद्योगों का तेजी से विस्तार हुआ है। ऐसे में नई लाइन भारी सामानों के तेज और ज्यादा भरोसेमंद परिवहन को सुनिश्चित करेगी, औद्योगिक विकास को समर्थन देकर सप्लाई चेन को मजबूत करेगी।

केंद्र सरकार ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ को एक बड़ी सौगात देते हुए राज्य के बैकुंठ और उरकुरा के बीच चौथी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी और इसके लिए 426.01 करोड़ रुपए भी मंजूर कर दिए। इस बारे में जानकारी देते हुए रेलवे की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि मंत्रालय ने दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे (SECR) जोन के अंतर्गत बैकुंठ और उरकुरा के बीच 26.40 किलोमीटर लंबी चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी, इसकी अनुमानित लागत 426.01 करोड़ रुपए है। साथ ही रेलवे ने बताया कि यात्रियों को होने वाले फायदों के अलावा, इस प्रोजेक्ट से हर साल लगभग 14.25 मिलियन टन (MTPA) अतिरिक्त माल ढुलाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है। जिससे रेलवे को सालाना लगभग 60 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई होगी।
ट्रेनों और मालगाड़ियों की आवाजाही होगी आसान
बैकुंठ-उरकुरा का यह रेल खंड बिलासपुर-रायपुर-नागपुर मुख्य लाइन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह मुंबई-हावड़ा जैसे उच्च घनत्व (हाई डेंसिटी) रेलवे नेटवर्क पर भी पड़ता है, जो देश के सबसे व्यस्त रेल कॉरिडोर में से एक है। फिलहाल, यह सेक्शन पूरी क्षमता से चल रहा था, इसी वजह से यहां क्षमता विस्तार की तत्काल आवश्यकता थी।
रेलवे ने बताया है कि मंजूर की गई चौथी लाइन के निर्माण से इस मार्ग पर भीड़भाड़ काफी कम होगी और ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी। यह परियोजना अतिरिक्त यात्री और कोचिंग सेवाओं के लिए क्षमता को बढ़ाएगी। इससे ना केवल समय की बचत होगी, बल्कि इस बहुत ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सेक्शन पर गाड़ियों के समय में भी सुधार होगा।
सालाना माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ेगी
रेलवे ने कहा है कि यात्रियों को होने वाले फायदों के अलावा इस परियोजना से सालाना लगभग 142.5 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है। माल ढुलाई क्षमता में होने वाली इस बढ़ोतरी के चलते भारतीय रेलवे को इस लाइन के चालू होने के पहले साल से ही सालाना लगभग 61.70 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई होने का अनुमान है।
ऊर्जा, सीमेंट और खनिज गलियारे की वजह से चुना गया
इस बारे में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में रेलवे की तरफ से कहा गया कि इस क्षेत्र में ऊर्जा संयंत्र, कोयला खदानों, स्टील और सीमेंट इकाइयों के साथ-साथ नए और संबंधित उद्योगों का तेज़ी से विस्तार हुआ है। नई लाइन भारी सामानों के तेज और ज़्यादा भरोसेमंद परिवहन को सुनिश्चित करेगी साथ ही औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी और आपूर्ति चेन को मज़बूत करेगी।
रेलवे ने कहा कि नई लाइन के लिए इस क्षेत्र की पहचान ऊर्जा, सीमेंट और खनिज गलियारा के तहत की गई है, जो ज़्यादा ट्रैफिक वाले और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अवसंरचना को मजबूत करने पर भारतीय रेलवे की ओर से लगातार दिए जा रहे ध्यान को दर्शाता है।
रेलवे ने कहा है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बैकुंठ और उरकुरा के बीच चौथी लाइन न सिर्फ़ यात्रियों के लिए यात्रा को तेज़, आसान और ज़्यादा भरोसेमंद यात्रा की सुविधा प्रदान करेगी, बल्कि माल ढुलाई संचालन को भी बढ़ावा देगी, जिससे क्षेत्र के उद्योगों और आर्थिक विकास को मदद मिलेगी।
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