11वीं में उठा पिता का साया, मां भी नहीं रहीं; अनिमेष ने कैसे हासिल की UPSC में रैंक 2
upsc success story animesh pradhan: यूपीएससी परीक्षा 2023 में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल करने वाले ओडिशा के अनिमेष प्रधान की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। अनिमेष ने माता-पिता को खोने के बावजूद पहले ही प्रयास में आईएएस बनने का उनका सपना पूरा किया।

upsc success story animesh pradhan: दुनिया के सबसे मुश्किल इम्तिहानों में से एक यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा पास करना कोई मामूली बात नहीं है। इस परीक्षा में टॉप रैंक हासिल करने वालों की कामयाबी की कहानियां अक्सर हमें हैरत में डाल देती हैं। उनकी मेहनत, उनकी रात-दिन की लगन और उनके संघर्ष की दास्तान हर उस इंसान के लिए एक मिसाल है, जो जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहता है। ऐसी ही एक कहानी अनिमेष प्रधान की भी है, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 में पूरे देश में दूसरा मुकाम (AIR 2) हासिल किया।
ओडिशा के रहने वाले अनिमेष प्रधान ने अपने पहले ही प्रयास में यह शानदार सफलता पाई। लेकिन इस जीत के पीछे जो दर्द और जज्बा छिपा है वह किसी की भी आंखें नम कर सकता है। जिंदगी ने अनिमेष का इम्तिहान सिर्फ पढ़ाई के मैदान में ही नहीं लिया बल्कि निजी जिंदगी में भी उन्हें ऐसे झटके दिए जो किसी भी इंसान को अंदर तक तोड़ सकते हैं। जब वह 11वीं क्लास में थे तभी उनके सिर से पिता का साया उठ गया। यह एक ऐसा वक्त था जब बच्चे को अपने पिता के सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। लेकिन अनिमेष ने खुद को संभाला। वक्त आगे बढ़ा और फिर एक और बड़ा तूफान उनकी जिंदगी में आया। जब अनिमेष देश की सबसे बड़ी परीक्षा यानी यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे तब उनकी मां को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी ने घेर लिया।
तैयारी के वक्त छूटा मां का साथ
एक तरफ करियर का सबसे अहम पड़ाव था तो दूसरी तरफ उनके भीतर मां की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद चल रही थी। अनिमेष ने हार नहीं मानी। अपनी मां के इलाज के दौरान ही उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। अस्पताल के चक्कर और किताबों के पन्ने, दोनों साथ-साथ चलते रहे। दुख की बात यह रही कि उनकी मां इस बीमारी से जंग हार गईं और उनका निधन हो गया। लेकिन अनिमेष ने अपने आंसुओं को अपनी ताकत बना लिया।
पढ़ाई में होनहार थे अनिमेष
पढ़ाई के मामले में अनिमेष शुरू से ही बेहद होनहार रहे हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, एमसीएल (MCL) कलिंग एरिया से पूरी की, जहां उन्होंने 12वीं क्लास में 98.8 फीसदी नंबर हासिल किए। इसके बाद उन्होंने एनआईटी राउरकेला का रुख किया और वहां से 2021 में 9.17 सीजीपीए (CGPA) के साथ कंप्यूटर साइंस में बी.टेक की डिग्री ली। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में नौकरी भी जॉइन की। इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी की तैयारी भी पूरे जोर-शोर से शुरू कर दी थी।
मां का सपना था कि बेटा बने आईएएस
अनिमेष की मां का एक बड़ा सपना था। वह चाहती थीं कि उनका बेटा एक दिन आईएएस अधिकारी बने। मां के गुजर जाने के बाद अनिमेष के लिए यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं रह गई थी, बल्कि यह अपनी मां के सपने को सच करने की एक जिद बन गई थी। मां के बलिदानों और उनकी यादों ने अनिमेष को ऐसा हौसला दिया कि उन्होंने अपनी तैयारी की रफ्तार को कई गुना बढ़ा दिया। और फिर जब यूपीएससी सिविल सेवा 2023 के नतीजे आए तो अनिमेष की मेहनत रंग लाई।
पूरे ओडिशा किया नाम रोशन
इस कठिन परीक्षा को पार करते हुए उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार का बल्कि पूरे ओडिशा का नाम रौशन किया। अगर उनके अंकों पर नजर डालें तो अनिमेष ने 2023 की मेन्स लिखित परीक्षा में 1750 में से 892 नंबर हासिल किए। वहीं पर्सनैलिटी टेस्ट (इंटरव्यू) में उन्हें 275 में से 175 नंबर मिले। इस तरह कुल 2025 में से 1067 अंक (52.69 प्रतिशत) लाकर उन्होंने दूसरा स्थान पक्का किया।




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