upsc result 2025 rajeshwari suve female topper air 2 success story UPSC 2025: कौन हैं राजेश्वरी सुवे एम? यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में हासिल की रैंक 2, बनीं महिला टॉपर, Career Hindi News - Hindustan
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UPSC 2025: कौन हैं राजेश्वरी सुवे एम? यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में हासिल की रैंक 2, बनीं महिला टॉपर

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के नतीजे जारी हो गए हैं। मदुरई की राजेश्वरी सुवे एम ने ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल कर लड़कियों में टॉप किया है, जानें उनकी प्रेरणादायक कहानी।

Fri, 6 March 2026 09:13 PMHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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UPSC 2025: कौन हैं राजेश्वरी सुवे एम? यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में हासिल की रैंक 2, बनीं महिला टॉपर

कहते हैं कि अगर इंसान के इरादे फौलादी हों और हौसलों में ऊंची उड़ान भरने की चाहत हो, तो दुनिया की कोई भी मंजिल दूर नहीं रह जाती। इसी बात को सच कर दिखाया है तमिलनाडु के ऐतिहासिक शहर मदुरई की रहने वाली राजेश्वरी सुवे एम ने। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के फाइनल नतीजे घोषित हो चुके हैं और इन नतीजों में राजेश्वरी ने पूरे देश में ऑल इंडिया रैंक 2 (AIR 2) हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार का, बल्कि पूरे राज्य का नाम रौशन किया है। सबसे खास बात यह है कि टॉप 5 रैंक होल्डर्स में वह इकलौती महिला हैं और इस साल की फीमेल टॉपर भी बनी हैं। उनकी यह शानदार कामयाबी उन लाखों युवाओं के लिए एक जीती जागती मिसाल है, जो दिन रात एक करके आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) बनने का ख्वाब अपनी आंखों में संजोते हैं।

इस साल की यूपीएससी परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर पूरे देश में टॉप किया है, लेकिन राजेश्वरी सुवे की कहानी इसलिए भी बेहद खास हो जाती है क्योंकि यह उनके करियर का पहला बड़ा मुकाम नहीं है, बल्कि उनकी लगातार की गई मेहनत का एक और सुनहरा पन्ना है।

इंजीनियरिंग से लेकर डिप्टी कलेक्टर तक का सफर

राजेश्वरी की तालीम की बात करें, तो उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद इंजीनियरिंग का रास्ता चुना था। उन्होंने साल 2018 में चेन्नई की मशहूर अन्ना यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (Electrical Engineering) में अपनी डिग्री पूरी की थी। इंजीनियरिंग जैसी तकनीकी पढ़ाई करने के बाद उनका झुकाव सिविल सेवा और समाज की भलाई के लिए काम करने की तरफ हुआ। उनका यह जज्बा यहीं तक सीमित नहीं था। यूपीएससी की इस बड़ी कामयाबी से पहले भी राजेश्वरी ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया था। उन्होंने तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (TNPSC) की ग्रुप I परीक्षा में भी टॉप किया था और फिलहाल वह एक डिप्टी कलेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। एक डिप्टी कलेक्टर के तौर पर काम करते हुए यूपीएससी जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी करना और उसमें दूसरी रैंक हासिल करना, उनके शानदार टाइम मैनेजमेंट और अटूट लगन को दर्शाता है।

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समाजशास्त्र (Sociology) से की तैयारी

यूपीएससी की तैयारी में वैकल्पिक विषय (Optional Subject) का चुनाव बहुत अहम होता है। राजेश्वरी ने इस परीक्षा के लिए 'समाजशास्त्र' यानी सोशियोलॉजी को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना था। समाज को गहराई से समझने और उसकी नीतियों पर काम करने की चाहत ने उन्हें इस विषय की तरफ प्रेरित किया। इसके साथ ही, राजेश्वरी की मातृभाषा तमिल है और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की इसी ख्वाहिश के चलते उन्होंने अपने होम काडर (Home Cadre) के तौर पर तमिलनाडु को ही चुना है। यह दिखाता है कि वह अपने ही राज्य के लोगों के बीच रहकर उनके विकास के लिए काम करना चाहती हैं।

यूपीएससी 2025 के अहम आंकड़े और चयन प्रक्रिया

संघ लोक सेवा आयोग ने इस साल सिविल सेवा परीक्षा के जरिए कुल 958 उम्मीदवारों के नाम की सिफारिश की है, जिन्हें अलग अलग केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक, इस साल केंद्र सरकार की तरफ से सिविल सेवाओं के लिए कुल 1,087 रिक्तियों (Vacancies) को भरने की बात कही गई थी। आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में यह भी साफ किया है कि फिलहाल 348 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी को प्रोविजनल (Provisional) रखा गया है, जिसके दस्तावेज और अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

हम सभी जानते हैं कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा हर साल तीन बेहद कठिन चरणों में आयोजित की जाती है, प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination), मुख्य परीक्षा (Main Examination) और अंत में व्यक्तित्व परीक्षण यानी इंटरव्यू (Personality Test)। इन तीनों ही पड़ावों को पार करने के बाद ही उम्मीदवारों का चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) जैसी देश की सबसे प्रतिष्ठित और जिम्मेदार सेवाओं के लिए किया जाता है। राजेश्वरी सुवे एम और अनुज अग्निहोत्री जैसे युवाओं ने इन तीनों कसौटियों पर खरा उतरते हुए यह साबित कर दिया है कि सच्ची लगन और सही दिशा में की गई मेहनत कभी खाली नहीं जाती।

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