UPSC में मेरठ के 5 होनहारों को सफलता, क्लर्क की बेटी प्राची और किसान के बेटे हर्ष ने किया कमाल
मेरठ की प्राची पंवार ने यूपीएससी में अपने दूसरे ही प्रयास में 59 वीं रैंक पाकर पिता का सपना साकार कर दिया। वहीं किसान अजय नेहरा के बेटे हर्ष नेहरा ने भी दूसरे प्रयास में देश में 74 वीं रैंक पाते हुए गांव की मेधा को नई उड़ान दे दी।

देश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शुमार संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) के परिणाम में शुक्रवार को मेरठ के मेधावियों ने सफलता की नई इबारत लिख डाली। मेडिकल कॉलेज में कार्यरत क्लर्क राकेश पंवार की बेटी प्राची पंवार ने अपने दूसरे ही प्रयास में 59 वीं रैंक पाकर पिता का सपना साकार कर दिया। किसान अजय नेहरा के बेटे हर्ष नेहरा ने भी दूसरे प्रयास में देश में 74 वीं रैंक पाते हुए गांव की मेधा को नई उड़ान दे दी। शिक्षक के बेटे तुषार गिरि ने 395 वीं, लेखिका वंशिका भगत ने 809 और पुल्किता अंजना गोपाल ने 828 वीं रैंक पाकर शहर का नाम रोशन कर दिया।
अधिकारी हो तो ऐसा...पिता का सपना प्राची ने सच किया: मेडिकल कॉलेज में क्लर्क राकेश पंवार ने जब नौकरी शुरू की तो अधिकारियों को देखा। राकेश पंवार के अनुसार वह अक्सर सोचा करते थे कि नौकरी हो तो बड़े अधिकारियों वाली, जिसके पास पावर हो। बच्चों से भी वे इसकी बात करते। शुक्रवार को यूपीएससी के रिजल्ट के साथ ही प्राची पंवार ने पिता के देखे गए सपने को सच कर दिखाया। 59 वीं रैंक पाकर प्राची आईएएस बनने जा रही है।
प्राची की मां कविता पंवार गृहिणी हैं। परिवार मूल रूप से हस्तिनापुर में रानी नंगला गांव का है और वर्तमान में मेडिकल कॉलेज कैंपस में रहता है। परिवार में बेटा माधव पंवार है जो स्नातक कर रहा है। प्राची ने 10-12 वीं एमपीजीएस शास्त्रीनगर से उत्तीर्ण की। 12 वीं में प्राची सीबीएसई की मेरिट में पांचवें नंबर पर थी।
इंटर के बाद प्राची पंवार ने डीयू के लेडी श्रीराम कॉलेज से बीए ऑनर्स करने के बाद सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की। प्राची का यह दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंची थी। पिता राकेश पंवार के अनुसार बेटी प्राची परिवार में पहली आईएएस होंगी। ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ.सोमेंद्र तोमर ने प्राची की सफलता पर शुभकामनाएं दी हैं।
एमपीजीएस शास्त्रीनगर की पूर्व छात्रा प्राची पंवार और वंशिका भगत की सफलता पर प्रधानाचार्य सपना आहूजा ने दोनों छात्राओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि दोनों छात्राओं ने न सिर्फ स्कूल बल्कि जिले का नाम रोशन किया है। उनके अनुसार प्राची पंवार ने वर्ष (2017-2018) में एमपीजीएस शास्त्री नगर से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी और उस समय जिले में पांचवां स्थान प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया। प्राची पंवार व वंशिका भगत की इस उपलब्धि पर एमपीएस ग्रुप के प्रबंधन ने बधाई दी।
प्राची की सफलता पर गांव में मिठाई बांटी
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव रानी नगला की धरती से सामान्य परिवार में जन्मी प्राची पंवार ने गांव का नाम रोशन कर दिया है। परिवार के लोग लड्डू बाटकर खुशियां मना रहे हैं। बताया जा रहा है कि आजादी के बाद हस्तिनापुर में पहली बार भारतीय प्रशासनिक सेवा में 59वीं रैंक हासिल कर महाभारतकालीन ऐतिहासिक नगरी का नाम रोशन किया है। हालांकि वर्ष 2022 में वैशाली जैन ने यूपीएससी में 440 वीं रैंक प्राप्त की थी, जो वर्तमान में आईपीएस के पद पर छत्तीसगढ़ में तैनात है। प्राची के ताऊ के पुत्र अजय पवार ने आवास पर मिठाई बांटकर खुशियां जाहिर की। वहीं सभी लोगों ने कहा कि प्राची पवार ने यह कर दिखाया कि मेहनत रंग लाती है और क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को भी एक संदेश दिया की कि यदि बच्चे कड़ी मेहनत करें तो सफलता दूर नहीं है।
रानी नगला गांव के भाजपा नेता सुनील पोसवाल, अमित खटाना, अरविंद, सतीश पवार, निकेतन पवार, वीर सिंह, प्रताप पवार, सुंदर त्यागी आदि ने प्राची के घर पहुंचकर शुभकामनाएं दी।
सरधना क्षेत्र के लिए प्रेरणा बने हर्ष
सरधना। बहादरपुर गांव की कच्ची गलियों में पला-बढ़ा किसान का बेटा आज देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा आईएएस में चयनित होकर सरधना क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गया।
हर्ष नेहरा ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को सच कर दिखाया। हर्ष के पिता अजय नेहरा किसान हैं। खेतों की मेड़ों पर चलते हुए अजय अक्सर हर्ष से कहा करते थे-‘बेटा पढ़-लिखकर कुछ बड़ा बनना, ताकि हमारी तरह संघर्ष न करना पड़े’। शायद यही शब्द हर्ष के जीवन का संकल्प बन गया। गांव के साधारण माहौल में पढ़ाई शुरू करने वाले हर्ष ने आईएएस को अपना लक्ष्य बना लिया था। खेलने के समय भी हर्ष किताबों में डूबे रहते थे। कठिन मेहनत के बाद आखिरकार वह दिन आया जब यूपीएससी का परिणाम घोषित हुआ। दूसरे प्रयास में हर्ष नेहरा ने ऑल इंडिया 74वीं रैंक हासिल कर ली। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, बहादरपुर में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटी और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।
दो मंडल, चार जिले और यूपीएससी में 13 का प्रवेश
यूपीएससी के परिणाम में मेरठ-सहारनपुर मंडल के चार जिलों के मेधावियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इन चारों जिलों से 13 अभ्यर्थियों ने सिविल सर्विस की परीक्षा में सफलता पाई। सफल अभ्यर्थियों में छह छात्राएं हैं। इसमें शामली की आस्था जैन ने सर्वश्रेष्ठ नौंवी रैंक पाई है। सफल अभ्यर्थियों में मेरठ से पांच, बुलंदशहर से चार, सहारनपुर से तीन और शामली के एक अभ्यर्थी शामिल हैं।
किसान के बेटे हर्ष नेहरा की 74 वीं रैंक, बने आईएएस
सिवालखास विधानसभा क्षेत्र के गांव बहादुरपुर से किसान अजय नेहरा के बेटे हर्ष नेहरा ने यूपीएससी में 74 वीं रैंक हासिल करते हुए क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया। हर्ष के पिता अजय नेहरा खेती करते हैं, मां अनीता गांव में ही प्राइमरी विद्यालय में शिक्षिका हैं। दादा विक्रम सेवानिवृत शिक्षक हैं। हर्ष ने तक्षशिला पब्लिक स्कूल कंकरखेड़ा से दसवीं, जबकि डीएमए मोदीपुरम से 12वीं उत्तीर्ण किया। हर्ष दसवीं के टॉपर रहे। मेरठ कॉलेज से हर्ष ने बॉयोलॉजी में स्नातक किया। यहां भी हर्ष कॉलेज टॉपर रहे। स्नातक करने के बाद हर्ष दिल्ली गए और यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। पहली बार में हर्ष इंटरव्यू तक पहुंचे और इस बार यह पायदान पार करते हुए टॉप-100 में सफल विद्यार्थियों में शुमार हो गए। हर्ष की छोटी बहन हर्षिता नेहरा मेरठ कॉलेज से एलएलबी में अध्ययनरत हैं। हर्ष की इस सफलता पर Xवरिष्ठ रालोद नेता सुनील रोहटा, रालोद जिला अध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज आदि ने बधाई दी है।
टॉप-100 में चार मेधावी इसमें से तीन छात्राएं
देशभर के टॉप-100 रैंक में तीन जिलों के चार मेधावियों ने जगह बनाई है। इसमें शामली से आस्था जैन ने नौंवी, बुलंदशहर से नबिया परवेज ने 29 वीं, मेरठ की प्राची पंवार ने 59 वीं और मेरठ से ही हर्ष पंवार ने 74 वीं रैंक पाई है। टॉप-100 के इन चार मेधावियों में तीन छात्राएं हैं जबकि एक छात्र। इन सभी का आईएएस बनना तय है। प्राची और पुल्किता परिवार में पहली आईएएस होंगी।




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