UPSC CSE : यूपी की शिखा गौतम का IAS बनने का दावा निकला झूठा, दिल्ली की शिखा की थी 113वीं रैंक
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली शिखा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट आने के बाद 113वीं रैंक पाने की झूठी कहानी रची। IAS बनने का उनका दावा झूठा निकला। असल में दिल्ली की शिखा ने 113वीं रैंक हासिल की है।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर झूठी शान दिखाने और फर्जी वाहवाही लूटने के एक और मामले का खुलासा हुआ है। बिहार की आकांक्षा सिंह के बाद यूपी की शिखा गौतम के झूठे दावे की पोल खुली है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली शिखा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट आने के बाद 113वीं रैंक पाने की झूठी कहानी रची। जबकि इसी तरह का दावा दिल्ली की रहने वाली शिखा ने भी किया था। बुलंदशहर की शिखा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की बेटी थी, ऐसे में उनके IAS अफसर बनने के दावे ने खूब सुर्खियां बटोरीं। उनकी सफलता पर भावुक होकर रोते हुए उनकी दादा की तस्वीरें और वीडियो काफी वायरल हुई थीं। वे स्कूल में चपरासी थे। कई जगहों पर उनका सम्मान व स्वागत हुआ। दिल्ली की शिखा ने इसे गलत बताते हुए 113वें स्थान पर अपने चयन की बात कही।
दिल्ली की शिखा ने यूपीएससी को ईमेल भेजकर स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की थी। इसके बाद यूपीएससी ने बुलंदशहर की डीएम श्रुति को जांच कराने को कहा। डीएम श्रुति ने ADM प्रशासन को मामले में एसडीएम सदर दिनेश चंद्र से जांच कराकर रिपोर्ट मांगी थी। एडीएम ने सदर तहसीलदार मनोज रावत को जांच के लिए शिखा गौतम के घर भेजा। सूत्रों के अनुसार बुलंदशहर सदर तहसील प्रशासन ने मामले की गहनता से जांच की तो परिजन संतोषजनक प्रमाण नहीं दे सके। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार परिजनों ने खेद जताते हुए दिल्ली की शिखा की रैंक को सही बताया है।
दिल्ली की शिखा असली, वर्तमान में हरियाणा में बीडीपीओ
मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली शिखा के चयन को लेकर सोशल मीडिया पर कई प्रमाण भी सामने रखे जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि दिल्ली की शिखा वर्तमान में हरियाणा में ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) के पद पर कार्यरत हैं और उनका ही चयन 113वीं रैंक पर हुआ है। शिखा के परिजनों ने प्रशासन के एक अधिकारी से अपनी गलती मानते हुए बताया कि उन्होंने दिल्ली की शिखा से फोन कर खेद भी जताया है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मी की बेटी के कारण मिली थीं बुलंदशहर की शिखा को सुर्खियां
बुलंदशहर की शिखा ने चयन के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की बेटी होने के कारण खूब सुर्खियां बंटोरी। 'चपरासी की बेटी बनी IAS यूपी के बुलंदशहर की शिखा गौतम ने UPSC में हासिल की 113वीं रैंक हासिल की' शीर्षक से खूब खबरें चली थीं। बुलंदशहर आने पर ढोल-नगाड़े और फूल-मालाओं के साथ उसका भव्य स्वागत हुआ। ढेरों इंटरव्यू हुए। सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में बुलंदशहर की शिखा ने 113वीं रैंक पाने का दावा किया गया था। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की बेटी होने के नाते शिखा की सफलता पर जिला झूम उठा। खुशी में उनके दादा रो पड़े थे। रोते हुए उनकी तस्वीर व वीडियो वायरल हुई थी। वे स्कूल में चपरासी थे। मीडिया ने भी उन्हें हाथोंहाथ लिया।

इससे पहले बिहार की आकांक्षा सिंह ने किया था 301वीं रैंक पाने का झूठा दावा
इससे पहले बिहार की आकांक्षा सिंह और यूपी के गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने सिविल सेवा परीक्षा में 301 रैंक पर दावा किया था। लेकिन आयोग ने लेटर जारी कर बताया था रैंक 301 उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की आकांक्षा सिंह की ही है। रणवीर सेना प्रमुख रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती बिहार की आकांक्षा सिंह का दावा झूठा निकला था।




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