UPSC CSE : in bihar another fake ias exam claim ranjit ex mla and police sho gave award air 440 rank UPSC CSE : सबको बोला IAS बन गया, पूर्व MLA और पुलिस ने किया सम्मानित, पोल खुली तो इनाम देने वाले ढूंढ रहे, Career Hindi News - Hindustan
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UPSC CSE : सबको बोला IAS बन गया, पूर्व MLA और पुलिस ने किया सम्मानित, पोल खुली तो इनाम देने वाले ढूंढ रहे

यूपीएससी परीक्षा पास करने का दावा करने वाले शेखपुरा के रंजीत कुमार को पूर्व विधायक से लेकर थाना अध्यक्ष तक ने सम्मानित किया गया। परिवार ने खुशी मनाई। पर भेद खुला तो वह दिल्ली भाग गया। अब खुलासा होने पर सम्मान करने वाले हैरान हैं।

Wed, 11 March 2026 12:47 PMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, शेखपुरा
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UPSC CSE : सबको बोला IAS बन गया, पूर्व MLA और पुलिस ने किया सम्मानित, पोल खुली तो इनाम देने वाले ढूंढ रहे

बिहार में ब्रहमेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा कुमारी के बाद एक और शख्स के यूपीएससी परीक्षा (UPSC CSE 2025) पास करने के फर्जी दावे की पोल खुल गई है। ताजा मामला शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड के फतेहपुर गांव निवासी रंजीत कुमार का है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम के बाद दो दिन तक सोशल व अन्य मीडिया में यह खबर पूरी तरह से छायी हुई है कि फतेहपुर के रंजीत कुमार ने यूपीएससी की परीक्षा में 440वीं रैंक लाकर जिले का नाम रौशन किया है। लेकिन, मामले की पड़ताल के बाद पाया गया कि 440वीं रैंक पर कर्नाटक के चिकवलापुरम के रंजीथ कुमार आर ने परीक्षा पास की है।

पूरे प्रकरण का सबसे दिलचस्प पहलु यह कि शेखपुरा के रंजीत ने स्वयं ही यह बात फैलाई कि वह यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली है। यह बात फैलते ही अब रंजीत को सम्मानित करने की होड़ मच गई। पूर्व विधायक विजय सम्राट भी फतेहपुर गांव पहुंचे और भारी भरकम सूटकेस सहित अन्य सामान देकर सम्मानित किया। अपने सोशल मीडिया अकाउंट उसे शेयर किया। इसके साथ ही, महुली थानाध्यक्ष, मुखिया पति सरफराज अहमद सहित कई गणमान्य लोगों ने भी रंजीत को सम्मानित किया। उसे थाने बुलाकर मिठाई खिलाई गई। अब जब पता चला कि यूपीएससी की परीक्षा पास करने की बात फर्जी है, तो वे लोग पछतावा कर रहे हैं।

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फर्जी दावा करने वाला रंजीत फरार

महुली थानाध्यक्ष रामप्रवेश भारती ने बताया कि जब पता चला कि यूपीएससी की परीक्षा पास करने का यह मामला पूरी तरह से फर्जी है तो इसकी जांच की गयी। आधार कार्ड और एडमिट कार्ड लेकर थाने पर बुलाया गया तो युवक गांव छोड़कर ही फरार हो गया। फोन भी बंद कर लिया है। दो दिन तक सितारों की तरह चमकने वाला रंजीत आज लोगों से भागा फिर रहा है। परिवार के लोग भी मीडिया के कन्नी काट रहे हैं।

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पूर्व विधायक ने सोशल मीडिया से सम्मान वाले पोस्ट डिलीट किया

पूर्व विधायक विजय सम्राट ने कहा कि सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर रंजीत को बधाई देने उसके घर गए थे। अब जब मामला फर्जी निकला है तो पोस्ट हटा दिया गया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गांव के लोगों का कहना है कि रंजीत पहले भी कई बार अफसर बनने का दावा कर चुका था। रंजीत किसान परिवार से आता है और पढ़ाई के लिए दिल्ली गया था।

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रंजीत के कई दोस्त अफसर बन चुके

रंजीत के कई दोस्त वास्तव में अफसर बन चुके हैं। गांव के लोगों का कहना है कि वह अक्सर अपने दोस्तों का उदाहरण देकर कहता था कि जल्द ही वह भी आईएएस बनेगा। इसी बीच उसने सोशल मीडिया पर कर्नाटक के एक अभ्यर्थी का रिजल्ट अपना बताकर गांव में जश्न मना लिया।

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