UPSC के लिए आकांश ढुल ने लाखों का पैकेज ठुकराया, 342वीं रैंक से सीधे इस बार तीसरे नंबर पर लगाई छलांग
Akansh Dhull UPSC 2025 Rank 3: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के नतीजे जारी हो गए हैं। इस बार आकांश ढुल ने तीसरी रैंक हासिल की है। उन्होंने सिविल सेवा में जाने के लिए कॉलेज प्लेसमेंट में लाखों का पैकेज भी ठुकराया।

Akansh Dhull UPSC 2025 Rank 3: हर साल लाखों युवा एक बड़ा सपना अपनी आंखों में लिए दिन-रात एक कर देते हैं। सरकारी गाड़ी या रुतबे की चाहत नहीं, बल्कि देश और समाज के लिए जमीन पर उतरकर कुछ कर गुजरने का जज्बा उन्हें रातों को सोने नहीं देता। और जब सालों की इस कड़ी मेहनत का नतीजा सामने आता है, तो वह सिर्फ एक रिजल्ट नहीं होता, बल्कि कई रातों की तपस्या का मीठा फल होता है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आज बहुप्रतीक्षित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के फाइनल नतीजे जारी कर दिए हैं। इसी के साथ देश को प्रशासनिक कमान संभालने वाले अपने नए और युवा अफसर मिल गए हैं। इस साल अनुज अग्निहोत्री ने अपनी काबलियत का परचम लहराते हुए पूरे देश में पहला मुकाम हासिल किया है। वहीं, राजेश्वरी सुवे ने दूसरे नंबर पर और आकांश ढुल ने तीसरे नंबर पर अपनी पक्की जगह बनाई है। इन सभी की कामयाबी की कहानियां प्रेरणा से भरी हैं, लेकिन तीसरे नंबर पर रहे आकांश ढुल का सफर खासतौर पर उन युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है, जो अपने सपनों के लिए बड़े से बड़े मौके को छोड़ने का हौसला रखते हैं।
SRCC का प्लेसमेंट छोड़ा, क्योंकि मंजिल कहीं और थी
आकांश का जन्म हरियाणा के रोहतक में हुआ था, लेकिन बाद में उनका परिवार पंचकूला शिफ्ट हो गया। उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंडीगढ़ के दो अलग-अलग स्कूलों में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से बीकॉम ऑनर्स में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की।
ग्रेजुएशन के बाद आकांश के पास एक शानदार मौका था कि वह SRCC के कैंपस प्लेसमेंट में बैठें और लाखों का भारी-भरकम पैकेज लेकर एक आरामदायक कॉर्पोरेट जिंदगी की शुरुआत करें। लेकिन आकांश की आंखों में तो बचपन से ही सिविल सेवा का सपना पल रहा था। उन्होंने प्लेसमेंट में बैठने के बजाय अपने इस बचपन के सपने को तरजीह दी। उन्होंने एक कड़ा फैसला लेते हुए कॉर्पोरेट की दुनिया को अलविदा कहा और यूपीएससी की कठिन तैयारियों में पूरी तरह से जुट गए।
342वीं रैंक से सीधे तीसरी रैंक तक की छलांग
आकांश का यह सफर रातों-रात तय नहीं हुआ है। यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है, जो उम्मीदवार के धैर्य और मानसिक मजबूती की भी कड़ी परीक्षा लेती है। आकांश ने साल 2021 से इस महापरीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। इससे पहले सिविल सेवा परीक्षा 2023 में भी उन्होंने हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने 342वीं रैंक हासिल की थी। अक्सर इतने लंबे संघर्ष के बाद लोग थक जाते हैं, लेकिन आकांश ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी पिछली गलतियों से सीखा, अपनी रणनीति को और भी ज्यादा धारदार बनाया और अपनी मेहनत जारी रखी। इसी का नतीजा है कि 2025 में उन्होंने सीधे तीसरी रैंक (AIR 3) हासिल कर इतिहास रच दिया है।
माता-पिता बने सबसे बड़ी प्रेरणा
दृष्टि आईएएस और अनअकैडमी जैसे कोचिंग संस्थानों के साथ एक मॉक इंटरव्यू के दौरान आकांश ने खुलकर इस बात का जिक्र किया था कि उन्होंने किसी और पेशे के बजाय सिविल सेवा को ही क्यों चुना। उन्होंने बताया कि इस राह पर चलने के लिए उनके माता-पिता ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रेरित किया।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आकांश की मां एक स्कूल में प्रिंसिपल हैं। उन्होंने कहा, "मेरे माता-पिता ने मुझे हमेशा इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। मैं पढ़ाई में हमेशा से अच्छा था, इसलिए मुझे लगा कि देश की सेवा करने का यह मेरे लिए एक बेहतरीन मौका हो सकता है।" इसके साथ ही, हरियाणा जैसे राज्य से आने वाले आकांश ने बहुत करीब से देखा था कि कैसे एक सही और ईमानदार सिविल सर्वेंट आम लोगों की जिंदगी में सीधा और सकारात्मक बदलाव ला सकता है। यही सोच उन्हें लगातार आगे बढ़ने की ताकत देती रही।
कितने पदों पर होगी नियुक्ति?
यूपीएससी की यह मेरिट लिस्ट सिर्फ चंद नाम नहीं हैं, बल्कि यह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के साथ-साथ ग्रुप 'A' और ग्रुप 'B' की केंद्रीय सेवाओं में शामिल होने वाले अगली पीढ़ी के हुक्मरानों की लिस्ट है।
इस बार आयोग ने विभिन्न पदों के लिए कुल 958 उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश की है। हालांकि, आखिरी नियुक्तियां सरकार द्वारा हर सेवा के लिए बताई गई खाली सीटों (वैकेंसी) के आधार पर ही तय होंगी। अगर ताजा आंकड़ों पर नजर डालें, तो इस बार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए कुल 180 सीटें खाली हैं। इनमें से 74 सीटें जनरल कैटेगरी, 47 ओबीसी (OBC), 28 एससी (SC), 18 ईडब्ल्यूएस (EWS) और 13 एसटी (ST) वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इन 180 सीटों में विकलांग उम्मीदवारों (PwBD) के लिए भी 42 सीटें अलग-अलग श्रेणियों में रिजर्व रखी गई हैं।
इसी तरह, भारतीय विदेश सेवा (IFS) में इस साल कुल 55 पदों पर भर्तियां होनी हैं। इनमें जनरल कैटेगरी के लिए 22, ओबीसी के लिए 15, एससी के लिए 8, ईडब्ल्यूएस के लिए 6 और एसटी के लिए 4 सीटें शामिल हैं। सभी उम्मीदवारों की फाइनल नियुक्ति इन्हीं खाली सीटों और सिविल सेवा परीक्षा नियम 2025 के तहत पूरी की जाएगी।




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