UP Board Exam 2026: परीक्षा में कांपते हैं हाथ? परीक्षा के तनाव से घबराएं नहीं, UP बोर्ड छात्रों के लिए खास सलाह
UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राएं मनोवैज्ञानिक दबाव से गुजर रहे हैं। टोल फ्री नंबर 1800-180-5311 पर परीक्षार्थी परीक्षा से संबंधित समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड की 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राएं मनोवैज्ञानिक दबाव से गुजर रहे हैं। किसी को परीक्षा में अच्छे नंबर लाने का डर है तो कोई मोबाइल के कारण पढ़ाई न करने से परेशान है। प्रदेशभर से विद्यार्थी मनोविज्ञानशाला के टोल फ्री नंबर पर फोन कर समस्या का समाधान पूछ रहे हैं।
मनोविज्ञानशाला के निदेशक पीएन सिंह के अनुसार अभिभावकों को दबाव कम करने और सहयोगात्मक वातावरण देने की सलाह दी जा रही है। टोल फ्री नंबर 1800-180-5311 पर परीक्षार्थी परीक्षा से संबंधित समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। प्रस्तुत है परीक्षार्थियों के सवाल और मनोवैज्ञानिकों के समाधान...।
- समस्या: पढ़ने बैठती हूं लेकिन मोबाइल और सोशल मीडिया की तरफ ध्यान चला जाता है। बाद में अपराधबोध और तनाव बढ़ता है। सोनम (कक्षा 12)
समाधान: समय-सारिणी बनाकर अध्ययन करें और उसका कठोरता से पालन करें। लगातार अध्ययन न करें, बीच-बीच में पढ़ाई से ब्रेक लें। स्वयं पर आत्मनियंत्रण करें, लक्ष्य पूरा करने पर स्वयं को छोटा पुरस्कार दें, पढ़ाई के समय मोबाइल दूर रखें।
2. समस्या: पढ़ाई में ठीक हूं पर परीक्षा से पहले हाथ कांपना, पसीना आना, दिल की धड़कन तेज होना, खाली दिमाग हो जाना जैसी समस्या होती है। राहुल (कक्षा 10)
समाधान: नकारात्मक विचारों को पहचानकर सकारात्मक विचारों से बदलने का प्रयास करें जैसे ‘मैं फेल हो जाऊंगा’, ‘मैंने तैयारी की है, मैं अच्छा कर सकता हूं।’ योग ध्यान एवं मेडिटेशन करें, खुद को अकेले ना रहने दें। मॉक टेस्ट देकर अपने आप पर आत्मविश्वास बनाएं। खुद की कमजोरियों पर विजय प्राप्त करें, नियमित रूप से अध्ययन करें। सभी विषयों को समान रूप से महत्व दें, परीक्षा से घबराएं नहीं। अगर तैयारी है तो परिणाम बेहतर आएंगे।
3. समस्या: मेहनत करती हूं लेकिन डर लगता है कि कहीं परीक्षा में मेरे कम अंक न आएं, मैं क्या करूं। अंजलि (कक्षा 12)
समाधान: स्वयं को छोटे-छोटे लक्ष्य देकर सफलता का अनुभव करें। प्रतिदिन स्वयं के लिए सकारात्मक वाक्य बोलें। स्वयं की क्षमताओं और उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करें। समूह चर्चा से आत्मविश्वास बढ़ाएं, पूर्व के वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करें, लिखकर प्रश्नों को याद करें।
4. समस्या: मेरे माता-पिता चाहते हैं कि मैं 95 प्रतिशत से अधिक अंक लाऊं। मैं लगातार दबाव महसूस कर रहा हूं। अमन (कक्षा 10)
समाधान: स्वयं को बिना शर्त परीक्षा देने के लिए प्रेरित करें। अपनी क्षमता के अनुसार तैयारी करें, किसी अन्य की तुलना अपने आप से करने से बचें। ज्यादा नम्बर लाने की तरफ ध्यान न देकर अपना 100 प्रतिशत देने का प्रयास करें। कम या ज्यादा नम्बर आपकी क्षमता एवं योग्यता का मूल्यांकन नहीं है। परीक्षा को एक उत्सव की तरह मान कर सम्मिलित हों। खान-पान पर ज्यादा ध्यान दें, तनाव न लें।
5. समस्या: मुझे लगता है कि पेपर खराब हो जाएगा, तैयारी सही नहीं हो पायी है। भविष्य को लेकर निराश हूं। रीना (कक्षा 12)
समाधान: परीक्षा को अंतिम अवसर मान कर अध्ययन न करें। अभी से भविष्य की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित न करें, अभी केवल परीक्षा के बारे सोचें। अपने पाठ्यक्रम को याद करें, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करें। सकारात्मक सोचें।




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