IAS की फैक्ट्री प्रयागराज में सन्नाटा, UPSC 2025 रिजल्ट के टॉप 500 में जगह नहीं, 4 होनहारों ने बचाई लाज
संघ लोक सेवा आयोग के यूपीएससी दो हजार पच्चीस नतीजों में इस बार प्रयागराज से कोई भी अभ्यर्थी टॉप पांच सौ में जगह नहीं बना सका जिससे काफी मायूसी है।

देश की सबसे प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में पूरे देश को टॉपर देने वाले शहर प्रयागराज में शुक्रवार को 2025 का अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद मायूसी छाई रही। सिविल सेवा परीक्षा 2024 में नैनी की शक्ति दुबे ने अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर प्रयागराज का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया था। शक्ति दुबे से पहले बाघम्बरी गद्दी अल्लापुर की रहने वाली स्मृति मिश्रा ने 2022 की परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त किया था। उससे पहले हाशिमपुर रोड की रहने वाली सौम्या पांडेय ने अपने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा 2016 में देशभर में चौथा स्थान हासिल करके संगमनगरी की धाक जमाई थी। हालांकि इस साल के परिणाम में अभी तक किसी भी अभ्यर्थी को 500 के अंदर रैंक मिलने की जानकारी नहीं मिली है, इससे निराशा का माहौल है। परिणाम घोषित होने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावास से लेकर सलोरी, बघाड़ा, गोविंदपुर आदि डेलीगेसी में सन्नाटा पसरा रहा।
इविवि के छात्र आदित्य सिंह को मिली 508वीं रैंक
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के छात्र आदित्य सिंह को संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 508वीं रैंक मिली है। विभाग के शिक्षक डॉ. अतुल नारायण सिंह ने बताया कि आदित्य ने पिछले साल एमए किया है। दूसरे प्रयास में महज 23 साल की उम्र में चयन हो गया। आजमगढ़ के रहने वाले आदित्य ने पहले प्रयास में भी साक्षात्कार दिया था, लेकिन चयन नहीं हो सका था। कला एवं स्थापत्य के विद्यार्थी आदित्य ने प्रयागराज में ही रहकर तैयारी की है।
रेलवे अधिकारी की बहन का सिविल सेवा में चयन
सिविल सेवा परीक्षा 2025 में उत्तर मध्य रेलवे की अधिकारी मीनू त्यागी की बहन शिवानी त्यागी को भी 807वीं रैंक मिली है। हापुड़ की रहने वाली शिवानी ने प्रयागराज में अपनी बहन के घर रहकर तैयारी की है। इनके पिता हृदेश त्यागी का ट्रांसपोर्ट का व्यापार हैं। एक भाई रेलवे पुलिस में है जबकि दूसरे भाई ट्रांसपोर्ट का व्यापार संभालते हैं। शिवानी का यह आखिरी मौका था। मीनू के पति राहुल सिंह भी रेलवे में अधिकारी हैं।
अतुल को पांचवें प्रयास में 697 रैंक
दारागंज के रहने वाले अतुल सिंह को पांचवें प्रयास में 697वीं रैंक मिली है। वह वर्तमान में जौनपुर की सदर तहसील में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं। कोरांव के उल्दा गांव निवासी अतुल के पिता जितेन्द्र प्रताप सिंह समाज कल्याण विभाग कौशाम्बी में लेखाकार के पद पर कार्यरत हैं और मां अर्चना सिंह गांव में ही एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री हैं। प्रारंभिक पढ़ाई कोरांव में करने के बाद स्कूली शिक्षा जगत तारन गोल्डेन जुबली स्कूल से की और उसके बाद कानपुर आईआईटी से 2019 में बीटेक किया। बीटेक पूरा करने के बाद पीसीएस 2019 में ही पहले प्रयास में नायब तहसीलदार के पद पर चयन हो गया। हालांकि वह नौकरी के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुटे रहे। बहन आकांक्षा सिंह ने इसी साल एमबीबीएस पूरा किया है।
पांचवें प्रयास में निवेदिता को मिली सफलता
सिविल लाइंस की रहने वाली निवेदिता चंद्रा ने पांचवें प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 855वीं रैंक हासिल की है। गर्ल्स हाईस्कूल एंड कॉलेज से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद बीआईटी रांची से बीटेक करने वाली निवेदिता का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस 2021 में डिप्टी एसपी पद पर हुआ था। सिविल सेवा परीक्षा-2023 में उन्हें 1008वीं रैंक मिली थी और उनका चयन इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस (ट्रैफिक) में हुआ था। हालांकि वह अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं थी और फिर से परीक्षा देने का निर्णय लिया। इस साल अपने पांचवें प्रयास में उन्होंने 855वीं रैंक हासिल की है। निवेदिता के पिता दीनानाथ समाज कल्याण अधिकारी रह चुके हैं। उनकी मां पूनम कुमारी बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल में शिक्षिका हैं और वर्तमान में बहरिया ब्लॉक में तैनात हैं। निवेदिता अपनी उपलब्धि का श्रेय मां-पिता के मार्गदर्शन और भाई मिलिंद के सहयोग को देती हैं।




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