gorakhpur basti upsc results 2026 puru dubey shivansh vishal success UPSC 2025 में गोरखपुर-बस्ती के होनहार चमके, सिद्धार्थनगर के पुरु को 86वीं रैंक मिली, Career Hindi News - Hindustan
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UPSC 2025 में गोरखपुर-बस्ती के होनहार चमके, सिद्धार्थनगर के पुरु को 86वीं रैंक मिली

gorakhpur basti upsc results 2026: यूपीएससी सिविल सेवा के रिजल्ट से गोरखपुर बस्ती डिवीजन में बहुत खुशी की लहर है, जिसमें पुरु दुबे, शिवांश और विशाल समेत 13 होनहार कैंडिडेट्स ने यह प्रतिष्ठित परीक्षा शानदार तरीके से पास की है।

Sat, 7 March 2026 07:47 AMHimanshu Tiwari हिन्दुस्तान
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UPSC 2025 में गोरखपुर-बस्ती के होनहार चमके, सिद्धार्थनगर के पुरु को 86वीं रैंक मिली

gorakhpur basti upsc results 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के फाइनल नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कामयाबी किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। जब हौसलों में जान हो और रातों की नींद कुर्बान करने का जज्बा हो, तो छोटे शहरों और कस्बों की पगडंडियों से भी लुटियंस दिल्ली का रास्ता तय किया जा सकता है। शुक्रवार को जारी हुए यूपीएससी परीक्षा के नतीजों ने पूर्वांचल के गोरखपुर-बस्ती मंडल में जश्न का माहौल बना दिया है। इस पूरे क्षेत्र से 13 होनहारों ने देश की सबसे कठिन परीक्षा पास कर अपने माता-पिता और माटी का नाम रोशन किया है। इनमें से किसी ने आईआईटी की पढ़ाई के बाद घर बैठकर सेल्फ-स्टडी से मुकाम हासिल किया, तो किसी ने अपने सिपाही पिता के अफसर बनने के सपने को हकीकत में बदल दिया। आइए, बाबा गोरखनाथ की धरती और आस-पास के जिलों से निकले इन होनहारों की प्रेरणादायक कहानियों से रूबरू होते हैं।

सिद्धार्थनगर, कुशीनगर और बस्ती के मेधावियों की शानदार उड़ान

गोरखपुर-बस्ती मंडल के अलग-अलग जिलों ने इस बार यूपीएससी की लिस्ट में अपनी मजबूत धमक दिखाई है। भगवान बुद्ध की क्रीड़ास्थली सिद्धार्थनगर के रहने वाले पुरु दुबे ने अपनी शानदार मेधा का परिचय देते हुए पूरे भारत में 86वीं रैंक (AIR 86) हासिल कर टॉप 100 में अपनी जगह पक्की की है। उनकी इस कामयाबी ने पूरे सिद्धार्थनगर जिले का सीना फख्र से चौड़ा कर दिया है।

इसी तरह, कुशीनगर के रहने वाले और वर्तमान में गोरखपुर की राप्तीनगर कॉलोनी में रह रहे पवन कुमार पांडेय ने 138वीं रैंक हासिल कर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। वहीं, बस्ती जिले के होनहार लाल शिवेंद्र ने भी कमाल करते हुए 110वीं रैंक प्राप्त की है। इन युवाओं ने दिखा दिया है कि सही मार्गदर्शन और कड़ी लगन हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

शिवांश त्रिपाठी: घर से की पढ़ाई और गणित से किया यूपीएससी फतह

गोरखपुर के बशारतपुर (शक्ति नगर) इलाके के रहने वाले शिवांश त्रिपाठी की कहानी युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है। शिवांश ने यूपीएससी में 293वां स्थान हासिल किया है। खास बात यह है कि शिवांश का चयन पिछले साल ही आयकर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर हो चुका था, लेकिन उनका असली लक्ष्य प्रशासनिक सेवा था।

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मूल रूप से पीपीगंज के रहने वाले शिवांश बचपन से ही मेधावी रहे हैं। उन्होंने लिटिल फ्लावर स्कूल (धर्मपुर) से हाईस्कूल टॉप किया, सरमाउंट पब्लिक स्कूल से इंटर किया और फिर देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक, आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक टॉप किया। शिवांश के पिता प्रमोद तिवारी पूर्वोत्तर रेलवे के अकाउंट विभाग में हैं और मां एक शिक्षिका हैं। शिवांश ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए बताया कि उन्होंने गणित (Mathematics) जैसे कठिन विषय के साथ घर से ही नियमित तैयारी की और जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन क्लासेज की मदद ली।

विशाल कुमार सिंह: RPF सिपाही के बेटे ने पूरा किया अफसर बनने का ख्वाब

इस बार के नतीजों में जिस कहानी ने सबसे ज्यादा भावुक किया है, वह है विशाल कुमार सिंह की। विशाल ने यूपीएससी में 334वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता अरुण कुमार सिंह रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में सिपाही के पद पर तैनात हैं। मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के धरमबारी गांव के रहने वाले विशाल का बचपन से ही एक बड़ा अफसर बनने का सपना था, जिसे आज उन्होंने अपनी अटूट मेहनत से सच कर दिखाया है।

विशाल की शैक्षिक यात्रा भी बेहद शानदार रही है। पश्चिम बंगाल से 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने प्रतिष्ठित आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) से पढ़ाई की। आज जब विशाल ने यह मुकाम हासिल किया है, तो उनके पिता की आंखों में खुशी के आंसू हैं। आरपीएफ में सहायक सुरक्षा आयुक्त मनोज कुमार टुड्डू समेत पूरे परिवार और विभाग ने विशाल की इस कामयाबी पर मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया है।

इंजीनियरिंग से प्रशासन तक: देवांशु और अश्वनी का जलवा

गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के छात्रों ने भी अपना परचम लहराया है। साल 2021 में एमएमएमयूटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने वाले देवांशु ने 564वीं रैंक हासिल की है। प्रयागराज के रहने वाले देवांशु के पिता राजेश सिंह सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) में इंजीनियर हैं और मां अराधना सिंह गृहिणी हैं। देवांशु मानते हैं कि उनके व्यक्तित्व के विकास में एमएमएमयूटी का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने प्रयागराज और दिल्ली में रहकर खूब मेहनत की और सोशल मीडिया का भी संतुलित इस्तेमाल किया।

इसके अलावा, चौरीचौरा के रहने वाले अश्वनी कुमार सरोज ने 922वीं रैंक हासिल कर इतिहास के पन्नों में दर्ज इस जगह का नाम एक बार फिर रोशन कर दिया है।

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