Phd new rules : no longer pursue a part time PhD without attending regular classes in allahabad university Phd : अब रेगुलर क्लास के बिना पार्ट टाइम पीएचडी नहीं कर सकेंगे, जानें क्या हैं नए नियम, Career Hindi News - Hindustan
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Phd : अब रेगुलर क्लास के बिना पार्ट टाइम पीएचडी नहीं कर सकेंगे, जानें क्या हैं नए नियम

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पार्ट टाइम पीएचडी के लिए कम से कम छह माह तक नियमित कक्षाओं, कोर्सवर्क और शोध गतिविधियों में भाग लेना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे शोधार्थियों की अकादमिक तैयारी मजबूत होगी।

Fri, 10 April 2026 08:46 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, कार्यालय संवाददाता, प्रयागराज
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Phd : अब रेगुलर क्लास के बिना पार्ट टाइम पीएचडी नहीं कर सकेंगे, जानें क्या हैं नए नियम

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने पीएचडी की पढ़ाई और शोध प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नया नियम ढांचा लागू किया है। खासतौर पर ये नए नियम उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो नौकरी या किसी व्यवसाय के साथ पीएचडी करना चाहते हैं। पार्ट टाइम पीएचडी के लिए कम से कम छह माह तक नियमित कक्षाओं, कोर्सवर्क और शोध गतिविधियों में भाग लेना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे शोधार्थियों की अकादमिक तैयारी मजबूत होगी और वे अपने विषय को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।

नौकरीपेशा अब सीधे पार्ट टाइम पीएचडी में प्रवेश नहीं ले सकेंगे

नौकरीपेशा अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह है कि वे अब सीधे पार्ट टाइम पीएचडी में प्रवेश नहीं ले सकेंगे। पहले उन्हें फुल टाइम मोड में पीएचडी कोर्सवर्क सफलतापूर्वक पूरा करना होगा। इसके बाद ही, यदि वे किसी नियमित नौकरी में हैं तो कम से कम एक साल पूरा हो और उनका पद पे-लेवल 10 या उसके समकक्ष है तो वे पार्ट टाइम में बदलाव के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया को भी कई स्तर पर जांचा जाएगा।

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कैसे मिलेगी प्रस्ताव को मंजूरी

सबसे पहले संबंधित विभाग प्रस्ताव तैयार करेगा। इसके बाद मामला रिसर्च डिग्री कमेटी (आरडीसी) के पास जाएगा, जहां इसकी समीक्षा होगी। आरडीसी की मंजूरी मिलने के बाद अंतिम निर्णय कुलपति स्तर पर लिया जाएगा। इस तरह अब विभाग, आरडीसी और कुलपति स्तर पर अनुमोदन की व्यवस्था लागू कर दी गई है। हाल ही में कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक काउंसिलि की बैठक में यह निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नया ढांचा यूजीसी रेगुलेशन 2022 के अनुरूप तैयार किया गया है।

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इविवि में 79 चयनित पुराछात्रों का सम्मान आज

यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद एल्युमिनाई एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित 79 पुराछात्रों का सम्मान किया जाएगा। सीनेट परिसर स्थित प्रो. ईश्वर टोपा सभागार में होने वाले समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव करेंगी।

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