PhD : BHU में साल में अब दो बार होगी पीएचडी प्रवेश, स्क्रीनिंग भी कराई जाएगी
बीएचयू अब साल में दो बार पीएचडी प्रवेश लेगा। इसके अलावा नेट और जेआरएफ के अर्ह अभ्यर्थियों के साक्षात्कार से पहले स्क्रीनिंग टेस्ट की व्यवस्था भी की गई है।

बीएचयू अब साल में दो बार पीएचडी प्रवेश लेगा। इसके अलावा नेट और जेआरएफ के अर्ह अभ्यर्थियों के साक्षात्कार से पहले स्क्रीनिंग टेस्ट की व्यवस्था भी की गई है। इससे अभ्यर्थी का रुझान और विषय विशेष में उसकी पकड़ के अनुसार शोध के विषय, निर्देशक और शीर्षक प्रदान करने में सुविधा होगी। बुधवार को बीएचयू की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इन अहम प्रस्तावों पर मुहर लग गई। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक काउंसिल (विद्वत परिषद) की बैठक विज्ञान संस्थान के महामना शताब्दी सभागार में हुई।
कुलपति ने प्रवेश प्रक्रिया को छात्र केंद्रित, सुगम और अल्प अवधि की बनाने की दिशा में काम करने पर चर्चा की। चर्चा के बाद यह प्रस्ताव पारित किया गया कि विभागों को आवश्यकता पर पीएचडी प्रवेश के साक्षात्कार से पहले स्क्रीनिंग टेस्ट की स्वतंत्रता होगी। अब तक सभी अर्ह अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जा सकता है। अब विभाग यह तय कर सकेंगे कि एक स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए। स्क्रीनिंग परीक्षा के स्वरूप और अन्य पक्षों पर निर्णय विश्वविद्यालय स्तर की एक समिति करेगी, जिसके गठन को विद्वत परिषद् द्वारा मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
एक अन्य निर्णय के तहत अब पीएचडी प्रवेश के लिए विभागों में मुख्य विषय और संबद्ध विषयों की एक समावेशित मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इसमें स्थान पाने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित विभाग में प्रवेश दिया जाएगा। विद्वत परिषद ने आरक्षित सीटों की गणना विभाग की कुल सीटों (मुख्य परिसर, महिला महाविद्यालय, दक्षिणी परिसर, संबद्ध कॉलेज आदि को मिलाकर) के आधार पर करते हुए सभी श्रेणियों की सीटों की सूचना प्रवेश पूर्व ही अभ्यर्थियों को दे दी जाएगी। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और पेशेवर ढंग से संपन्न कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है और इस संबंध में विश्वविद्यालय निरंतर प्रयासरत है।




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