BHU में यूजी में अनिवार्य होंगे वैल्यू एडेड कोर्स, अब विषय की बंदिशें खत्म; जानें नया नियम
BHU: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत शुरू हो रहे चार वर्षीय स्नातक (UG) कोर्सेज में छात्रों को अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों के विषयों को पढ़ने की आजादी मिलेगी।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) अपने नए शैक्षणिक सत्र से शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने जा रहा है। अब विश्वविद्यालय के छात्र केवल अपने चुने हुए मुख्य विषयों तक ही सीमित नहीं रहेंगे। नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत शुरू हो रहे चार वर्षीय स्नातक (UG) कोर्सेज में छात्रों को अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों के विषयों को पढ़ने की आजादी मिलेगी। इसका मतलब है कि अब साइंस का छात्र भारतीय संविधान पढ़ सकेगा और आर्ट्स का छात्र कंप्यूटर एप्लीकेशन या योग की शिक्षा ले सकेगा।
विषयों के दायरे से बाहर निकलेगा छात्र: क्या है 'वैल्यू एडेड' कोर्स?
BHU में इस बार से सभी चार वर्षीय यूजी कोर्सेज में छात्रों को 'वैल्यू एडेड' और 'मल्टीडिसिप्लिनरी' कोर्स पढ़ना अनिवार्य होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है। विश्वविद्यालय ने इसके लिए 30 से भी ज्यादा विषयों की लिस्ट तैयार की है।
सबसे खास बात वैल्यू एडेड कोर्स की है। इसके अंतर्गत छात्र हेल्थ एंड वेल बीइंग, योगा, संस्कृति और विरासत, भारतीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण विज्ञान जैसे विषयों को चुन सकते हैं। ये कोर्स एक से चार क्रेडिट के होंगे, जो छात्र की मार्कशीट में जुड़ेंगे। इसके साथ ही, छात्रों को 40 फीसदी तक कोर्स ऑनलाइन करने की भी सुविधा मिलेगी, हालांकि इन ऑनलाइन कोर्सेज के लिए छात्रों को अलग से फीस देनी होगी।
कौशल और क्षमता विकास पर जोर
केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि भविष्य की नौकरियों के लिए छात्रों को तैयार करने हेतु BHU ने विशेष कौशल विकास कोर्स तैयार किए हैं। ये कोर्स कुल नौ क्रेडिट के होंगे। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी (IT), कम्युनिकेशन स्किल, लाइफ स्किल और अकाउंट एंड फाइनेंस मैनेजमेंट जैसे प्रैक्टिकल विषय शामिल हैं। छात्रों को अपनी पढ़ाई के दौरान दो क्रेडिट की अनिवार्य इंटर्नशिप भी पूरी करनी होगी, जिससे उन्हें फील्ड वर्क का अनुभव मिल सके।
विषयों की लिस्ट: आपके पास होंगे ढेरों विकल्प
BHU प्रशासन ने कोर्सेज को चार मुख्य श्रेणियों में बांटा है ताकि छात्र अपनी रुचि के अनुसार चयन कर सकें:
मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स (9 क्रेडिट): इसमें नेचुरल एंड फिजिकल साइंसेज, गणित, सांख्यिकी, कंप्यूटर एप्लीकेशन, लाइब्रेरी इंफॉर्मेशन, कॉमर्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स (गायन-वादन) और सोशल साइंस जैसे विषय शामिल हैं।
वैल्यू एडेड कोर्स: यहां छात्र भारतीय ज्ञान परंपरा, विश्व सभ्यता, भारत का इतिहास, भारतीय संविधान, कृषि विज्ञान और भूगोल जैसे विषयों की गहराई से जानकारी ले सकेंगे।
वोकेशनल कोर्स: व्यावसायिक कौशल के लिए हेल्थ केयर, बिजनेस मैनेजमेंट, होम साइंस, हॉस्पिटलिटी और ग्राफिक डिजाइन जैसे मॉडर्न कोर्स उपलब्ध होंगे।
क्षमता विकास: इसमें आठ क्रेडिट के ऐसे कोर्स होंगे जो छात्र की निर्णय लेने की क्षमता और व्यक्तित्व को निखारेंगे।




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