BHU : बीएचयू एडमिशन में होंगे कई बदलाव, BA BEd शुरू, 4 साल की ग्रेजुएशन के बाद सीधे PhD में एंट्री
बीएचयू में सत्र 2026-27 में स्नातक पाठ्यक्रमों के प्रवेश कार्यक्रम में कई बदलाव होंगे। कार्यकारिणी और विद्वत परिषद की बैठकों में लिए गए नए पाठ्यक्रम, सीट और आरक्षण संबंधी कई निर्णय लागू होंगे।

बीएचयू में सत्र 2026-27 में स्नातक पाठ्यक्रमों के प्रवेश कार्यक्रम में कई बदलाव होंगे। कार्यकारिणी और विद्वत परिषद की बैठकों में लिए गए नए पाठ्यक्रम, सीट और आरक्षण संबंधी कई निर्णय लागू होंगे। सबसे बड़े बदलाव में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सीटें बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना और शिक्षा संकाय में बीए-बीएड डुएल डिग्री की शुरुआत है।
नए सत्र की प्रवेश सूचना के साथ ही बीएचयू की तरफ से नए बदलावों की भी घोषणा की गई है। पिछले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 15 फीसदी सीटें आवंटित होती थीं। पहले की तरह ही इनमें पांच फीसदी सीटें एनआरआई और पांच फीसदी खाड़ी और दक्षिण एशियाई देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए रिजर्व होंगी। आरक्षित सीटों के न भरने की स्थिति में इन्हें खाली छोड़ने के बजाए इसी श्रेणी के दूसरे अभ्यर्थियों से भरी जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए शेष नियम यथावत रहेंगे। इस निर्णय के बाद बीएचयू में यूजी स्तर के 100 से ज्यादा पाठ्यक्रम और विषय संयोजनों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए लगभग एक हजार सीटें बढ़ जाएंगी।
स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश में इस वर्ष बड़ा निर्णय बीए-बीएड डुएल कोर्स भी है। शिक्षा संकाय के अंतर्गत आर्यमहिला पीजी कॉलेज और वसंत महिला महाविद्यालय में इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लिए जाएंगे। चार साल के इस पाठ्यक्रम के पहले सत्र में दोनों कॉलेजों में 50-50 सीटों पर प्रवेश होंगे। फीस 25 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर और 50 हजार रुपये वार्षिक रखी गई है।
सात पाठ्यक्रम एनईपी में शामिल नहीं किए गए
एनईपी-2020 के अंतर्गत सात कोर्स अब तक नहीं आ सके है। इस वर्ष भी पुराना करिकुलम ही यहां चलेगा। प्रवेश समिति के मुताबिक ये पाठ्यक्रम प्रत्यायन परिषद चला रही है। इनमें बीएससी कृषि, बीएएलएलबी, बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी, बीएससी मेडिकल रेडियोलॉजी ऐंड इमेजिंग, बीटेक फूड टेक्नोलॉजी, बीटेक डेयरी टेक्नोलॉजी और बीवोक शामिल हैं।
चार वर्षीय स्नातक रिसर्च के बाद सीधे पीएचडी में प्रवेश
बीएचयू में स्नातक पाठ्यक्रमों में इस वर्ष से स्नातक और स्नातक रिसर्च के विकल्प भी शामिल किए जा रहे हैं। प्रवेश लेने वाले 10 फीसदी विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर स्नातक रिसर्च का विकल्प दिया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में छात्र को अंतिम सेमेस्टर में 12 क्रेडिट का लघु शोध प्रबंध पूरा करना होगा। इसके बाद छात्र को सीधे पीएचडी में प्रवेश मिल सकेगा।




साइन इन